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कोरोना ने सामान्य स्वास्थ्य सुविधाओं में डाली बाधा, टीकाकरण से लेकर कैंसर का इलाज तक प्रभावित
Wed, 02 Sep 2020 08:24 AM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 02 Sep 2020 08:24 AM IST
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विश्व स्वास्थ्य संगठन
- फोटो : Social media
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कोरोना वायरस महामारी से ना सिर्फ लोगों के जीवन यापन पर असर पड़ा है, बल्कि दुनिया के 90 फीसदी से ज्यादा देशों की सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से किए गए एक सर्वे के मुताबिक कोरोना ने कम अवधि में दशकों से स्वास्थ्य देखभाल के लाभ को कमजोर कर दिया है।
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सोमवार को जारी की गई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कोविड-19 की वजह से दुनिया के आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं पर जो असर पड़ा है, वो काफी चिंता का विषय है। दशकों से दुनिया ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वो कोरोना बीमारी की वजह से छोटी अवधि में समाप्त हो सकती है।
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इस सर्वे में 100 से ज्यादा देशों के मई से लेकर जून तक डाटा को सम्मिलित किया गया है। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में बताया गया है कि महामारी के दौरान सबसे ज्यादा नियमित टीकाकरण (70 फीसदी), परिवार नियोजन (68 फीसदी) और कैंसर का इलाज (55 फीसदी) पर असर पड़ा है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन यह चेतावनी देता आ रहा है कि इस महामारी से जीवनदान देने वाले कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है, इसके चलते संगठन ने कई देशों को राहत सलाह भी भेजी थी। लेकिन इस सर्वे से बाधाओं के पैमाने पर डब्ल्यूएचओ का पहला डाटा सामने आया है।
अफ्रीका और दक्षिण एशिया क्षेत्रों के बाद अफगानिस्तान, यमन और सीरिया जैसे देश सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अमेरिका को अपने इस सर्वे का हिस्सा नहीं बनाया। पिछले साल दिसंबर में कोरोना का पहला मामला सामने आया था, अब तक इस बीमारी से दुनिया में साढ़े आठ लाख के करीब लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
शोधकर्ताओं का मानना है कि आंशिक रुप से स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा आने पर कुछ जगहों पर गैर कोविड-19 मृत्यु का आंकड़ा भी बढ़ा है। हालांकि इस आंकड़े की गणना करना थोड़ा मुश्किल है। शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि महामारी के बाद भी स्वास्थ्य सेवाओँ में बाधाएं आगे भी देखी जा सकती हैं।