फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   WHO report says Air pollution causing 13 deaths per minute worldwide

डब्ल्यूएचओ: वायु प्रदूषण के कारण दुनिया भर में हो रही प्रति मिनट 13 मौतें, अभी नहीं चेते तो स्थिति होगी और खतरनाक

Tue, 12 Oct 2021 09:15 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 12 Oct 2021 09:15 AM IST
सार

दुनिया भर में वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने डराने वाली रिपोर्ट जारी की है। दरअसल इस रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण से दुनिया भर में हर मिनट 13 लोगों की मौत हो रही है।

विज्ञापन
WHO report says Air pollution causing 13 deaths per minute worldwide
वायु प्रदूषण - फोटो : social media

विस्तार

दुनिया भर में वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने डराने वाली रिपोर्ट जारी की है। दरअसल इस रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण से दुनिया भर में हर मिनट 13 लोगों की मौत हो रही है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP26) की अगुवाई में शुरू की गई बैठक में WHO ने अपनी विशेष रिपोर्ट जारी करते हुए चेतावनी भी जारी की है। इसमें कहा गया है कि अगर आने वाले समय में लोग नहीं चेते तो गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है।

विज्ञापन


डब्ल्यूएचओ ने ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने का किया आह्वान
बैठक के दौरान डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधोनाम घेब्रेयसस ने कहा कि कोरोना महामारी ने मनुष्यों, जानवरों और हमारे पर्यावरण के बीच घनिष्ठ और नाजुक संबंधों पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ सभी देशों से ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए COP26 पर निर्णायक कार्रवाई करने का आह्वान करता है, न केवल इसलिए कि यह करना सही है, बल्कि इसलिए कि यह हमारे अपने हित में है।
विज्ञापन


डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट को एक खुले पत्र के रूप में लॉन्च किया गया
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट को एक खुले पत्र के रूप में लॉन्च किया गया है, जिस पर वैश्विक स्वास्थ्य कार्यबल के दो-तिहाई से अधिक अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं। यह रिपोर्ट दुनिया भर में कम से कम साढ़े चार करोड़ डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य पेशेवरों का प्रतिनिधित्व करने वाले 300 संगठन, राष्ट्रीय नेताओं और COP26 देश के प्रतिनिधिमंडलों को वायु प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए कदम बढ़ाने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जीवाश्म ईंधन के जलने से लोगों की जान जा रही: डब्ल्यूएचओ
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि जीवाश्म ईंधन के जलने से लोगों की जान जा रही है। जलवायु परिवर्तन मानवता के सामने सबसे बड़ा स्वास्थ्य खतरा है। जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य प्रभावों से कोई भी सुरक्षित नहीं है, चाहे वह कमजोर वर्ग हो या अमीर वर्ग हो। हमें इसपर कदम उठाना ही होगा नहीं तो आने वाली पीढ़ी के लिए यह और खतरनाक होगी।


इन क्षेत्रों में कार्रवाई की जरूरत: डब्ल्यूएचओ
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए ऊर्जा, परिवहन, प्रकृति, खाद्य प्रणाली और वित्त सहित हर क्षेत्र में परिवर्तनकारी कार्रवाई की आवश्यकता है। और यह स्पष्ट रूप से बताता है कि महत्वाकांक्षी जलवायु कार्यों को लागू करने से वायु प्रदूषण का असर कम होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed