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व्हाइट हाउस के पास गोलियां बरसाने वाला सिरफिरा: खुद को समझता था 'ईसा मसीह', जानिए कौन था नासिरे बेस्ट?
Sun, 24 May 2026 08:21 AM IST
राकेश कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 24 May 2026 08:21 AM IST
सार
व्हाइट हाउस के सुरक्षा चेकपॉइंट पर हुई यह फायरिंग अमेरिकी वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा अलार्म है। सीक्रेट सर्विस की मुस्तैदी से एक बड़ा खतरा टल गया और राष्ट्रपति ट्रंप सुरक्षित रहे, लेकिन एक दिमागी रूप से बीमार शख्स का बैन होने के बावजूद हथियार लेकर इतने संवेदनशील इलाके तक पहुंच जाना सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाने के लिए काफी है।
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हमलावर नासिरे बेस्ट
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिका के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले राष्ट्रपति भवन 'व्हाइट हाउस' के बाहर शनिवार शाम को अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से हड़कंप मच गया। एक 21 साल के लड़के ने सुरक्षा चौकी पर तैनात जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में सुरक्षा एजेंसी सीक्रेट सर्विस के मुस्तैद जवानों ने भी मोर्चा संभाला और महज कुछ ही मिनटों में हमलावर को ढेर कर दिया। इस घटना के वक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर ही मौजूद थे, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, मुठभेड़ में वहां से गुजर रहा एक आम नागरिक गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया।
आखिर कौन था हमलावर नासिरे बेस्ट?
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की जांच और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस पर हमला करने वाले इस 21 साल के हमलावर का नाम नासिरे बेस्ट था। नासिरे कोई प्रोफेशनल आतंकी या शूटर नहीं था, बल्कि वह लंबे समय से दिमागी रूप से बीमार था। हैरान करने वाली बात यह है कि नासिरे को एक अजीब सा वहम था। वह खुद को 'जीसस क्राइस्ट' यानी ईसा मसीह समझता था।
अदालती दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि नासिरे बेस्ट अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए कोई नया नाम नहीं था, वह पहले भी ऐसी हरकतें कर चुका था। इससे पहले भी उसे व्हाइट हाउस के पास की सड़क पर ट्रैफिक रोकने और मनाही के बावजूद जबरन हाई-सिक्योरिटी जोन में घुसने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका था। पुराने अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, नासिरे ने पूछताछ में खुद कहा था कि वह ईसा मसीह है और वह जानबूझकर ऐसी हरकतें करता है ताकि पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले। उसकी इन अजीब हरकतों की वजह से कोर्ट ने उस पर व्हाइट हाउस के आसपास के पूरे इलाके में आने पर पाबंदी लगा रखी थी।
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शनिवार शाम को क्या-क्या हुआ? पूरी कहानी
यह पूरी वारदात शनिवार शाम ठीक 6 बजे स्थानीय समयानुसार व्हाइट हाउस परिसर के ठीक बाहर 17वें स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू एनडब्ल्यू के पास हुई। चश्मदीदों के मुताबिक, नासिरे बेस्ट शाम को चुपचाप उस इलाके में पहुंचा और काफी देर तक संदिग्ध हालत में वहां टहलता रहा। सुरक्षाकर्मियों को भनक लगती, इससे पहले ही उसने अचानक अपने बैग से एक हैंडगन निकाली और सुरक्षा चौकी तैनात सीक्रेट सर्विस के अफसरों पर सीधे निशाना साधकर तीन राउंड गोलियां चला दीं।
अचानक हुए इस हमले से वहां भगदड़ मच गई। लेकिन सीक्रेट सर्विस के जांबाज एजेंटों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत अपनी पोजीशन ली और नासिरे पर जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को काबू करने के लिए ताबड़तोड़ करीब 30 राउंड गोलियां चलाईं। जवानों की कई गोलियां नासिरे को लगीं और वह लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर गया। उसे तुरंत पास के जॉर्ज वॉशिंगटन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह भी पढ़ें: White House Firing: ट्रंप थे व्हाइट हाउस के अंदर, बाहर चलीं गोलियां; सीक्रेट सर्विस ने संदिग्ध को किया ढेर
घटना के वक्त ओवल ऑफिस में थे राष्ट्रपति ट्रंप
जिस वक्त व्हाइट हाउस के बाहर यह खूनी खेल चल रहा था, उससे ठीक दो घंटे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट डाली थी। उन्होंने बताया था कि वे व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में बैठकर ईरान के साथ एक बड़े शांति समझौते पर काम कर रहे हैं। गोलियों की आवाज सुनते ही सुरक्षाकर्मियों ने पूरे व्हाइट हाउस परिसर को तुरंत सील कर दिया।
वहां मौजूद पत्रकारों और स्टाफ को आनन-फानन में सुरक्षित कमरों और प्रेस ब्रीफिंग रूम के अंदर भेजा गया। एक टीवी पत्रकार ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर बताया कि दर्जनों गोलियों की आवाज इतनी डरावनी थी कि वे लोग जान बचाने के लिए मीडिया टेंट में जमीन पर दुबक गए थे। सीक्रेट सर्विस ने बाद में बयान जारी कर साफ किया कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर इस घटना का कोई असर नहीं पड़ा। फिलहाल अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई और स्थानीय पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
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आखिर कौन था हमलावर नासिरे बेस्ट?
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की जांच और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस पर हमला करने वाले इस 21 साल के हमलावर का नाम नासिरे बेस्ट था। नासिरे कोई प्रोफेशनल आतंकी या शूटर नहीं था, बल्कि वह लंबे समय से दिमागी रूप से बीमार था। हैरान करने वाली बात यह है कि नासिरे को एक अजीब सा वहम था। वह खुद को 'जीसस क्राइस्ट' यानी ईसा मसीह समझता था।
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अदालती दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि नासिरे बेस्ट अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के लिए कोई नया नाम नहीं था, वह पहले भी ऐसी हरकतें कर चुका था। इससे पहले भी उसे व्हाइट हाउस के पास की सड़क पर ट्रैफिक रोकने और मनाही के बावजूद जबरन हाई-सिक्योरिटी जोन में घुसने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका था। पुराने अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, नासिरे ने पूछताछ में खुद कहा था कि वह ईसा मसीह है और वह जानबूझकर ऐसी हरकतें करता है ताकि पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले। उसकी इन अजीब हरकतों की वजह से कोर्ट ने उस पर व्हाइट हाउस के आसपास के पूरे इलाके में आने पर पाबंदी लगा रखी थी।
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शनिवार शाम को क्या-क्या हुआ? पूरी कहानी
यह पूरी वारदात शनिवार शाम ठीक 6 बजे स्थानीय समयानुसार व्हाइट हाउस परिसर के ठीक बाहर 17वें स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू एनडब्ल्यू के पास हुई। चश्मदीदों के मुताबिक, नासिरे बेस्ट शाम को चुपचाप उस इलाके में पहुंचा और काफी देर तक संदिग्ध हालत में वहां टहलता रहा। सुरक्षाकर्मियों को भनक लगती, इससे पहले ही उसने अचानक अपने बैग से एक हैंडगन निकाली और सुरक्षा चौकी तैनात सीक्रेट सर्विस के अफसरों पर सीधे निशाना साधकर तीन राउंड गोलियां चला दीं।
अचानक हुए इस हमले से वहां भगदड़ मच गई। लेकिन सीक्रेट सर्विस के जांबाज एजेंटों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत अपनी पोजीशन ली और नासिरे पर जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को काबू करने के लिए ताबड़तोड़ करीब 30 राउंड गोलियां चलाईं। जवानों की कई गोलियां नासिरे को लगीं और वह लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर गया। उसे तुरंत पास के जॉर्ज वॉशिंगटन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
🇺🇸 Reporters duck live on air as shots ring out near White House; gunman killedhttps://t.co/58MmW6BOAX
— U.S.A.I. 🇺🇸 (@researchUSAI) May 24, 2026
यह भी पढ़ें: White House Firing: ट्रंप थे व्हाइट हाउस के अंदर, बाहर चलीं गोलियां; सीक्रेट सर्विस ने संदिग्ध को किया ढेर
घटना के वक्त ओवल ऑफिस में थे राष्ट्रपति ट्रंप
जिस वक्त व्हाइट हाउस के बाहर यह खूनी खेल चल रहा था, उससे ठीक दो घंटे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट डाली थी। उन्होंने बताया था कि वे व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में बैठकर ईरान के साथ एक बड़े शांति समझौते पर काम कर रहे हैं। गोलियों की आवाज सुनते ही सुरक्षाकर्मियों ने पूरे व्हाइट हाउस परिसर को तुरंत सील कर दिया।
वहां मौजूद पत्रकारों और स्टाफ को आनन-फानन में सुरक्षित कमरों और प्रेस ब्रीफिंग रूम के अंदर भेजा गया। एक टीवी पत्रकार ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर बताया कि दर्जनों गोलियों की आवाज इतनी डरावनी थी कि वे लोग जान बचाने के लिए मीडिया टेंट में जमीन पर दुबक गए थे। सीक्रेट सर्विस ने बाद में बयान जारी कर साफ किया कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर इस घटना का कोई असर नहीं पड़ा। फिलहाल अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई और स्थानीय पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
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