{"_id":"673ac3933a21c7a1780c2656","slug":"who-is-mojtaba-khamenei-succeed-his-father-ayatollah-ali-khamenei-as-iran-new-supreme-leader-2024-11-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Iran: कौन हैं मोजतबा खामेनेई? जिन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई ने बनाया अपना उत्तराधिकारी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Iran: कौन हैं मोजतबा खामेनेई? जिन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई ने बनाया अपना उत्तराधिकारी
Mon, 18 Nov 2024 10:54 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 18 Nov 2024 10:54 AM IST
सार
मोजतबा खामेनेई ईरान-इराक में हुए युद्ध में भी भाग ले चुके हैं। मोजतबा खामेनेई ने धार्मिक शिक्षा हासिल की है और वे इस्लामिक मामलों के जानकार हैं, लेकिन उनकी गिनती शीर्ष स्तर के धर्मगुरुओं में नहीं होती है। मोजतबा साल 1990 से ईरान की राजनीति में पर्दे के पीछे से सक्रिय हैं और ईरान के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद अहमदिनेजाद को राष्ट्रपति बनाने में मोजतबा की अहम भूमिका मानी जाती है।
विज्ञापन
ईरान के सर्वोच्च पद के उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया है। मोजतबा खामेनेई ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के दूसरे नंबर के बेटे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अयातुल्लाह अली खामेनेई की तबीयत ठीक नहीं है और यही वजह है कि देश के नेतृत्व के लिए मोजतबा को नया नेता चुन लिया गया है। हालांकि अभी तक ईरान की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मोजतबा के लंबे समय से अयातुल्ला खामेनेई का उत्तराधिकारी बनने की थी चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खुद अयातुल्ला अली खामेनेई ने एक्सपर्ट असेंबली के सदस्यों को बुलाकर उत्तराधिकारी पर फैसला लेने को कहा था। इसी असेंबली ने सर्वसम्मति से मोजतबा खामेनेई के नाम पर सहमति जताई। हालांकि यह पूरी प्रक्रिया बेहद ही गोपनीयता के साथ पूरी की गई। मोजतबा खामेनेई के ही अयातुल्ला अली खोमेनेई का उत्तराधिकारी बनने की चर्चा लंबे समय से थी। यही वजह थी कि ईरान की सरकार में किसी पद पर न होते हुए भी अहम फैसलों में उनकी भागीदारी थी। मोजतबा खामेनेई के बारे में कहा जाता है कि वह बेहद लो प्रोफाइल रहते हैं और बहुत कम अवसरों पर ही सार्वजनिक तौर पर दिखाई देते हैं।
विद्रोहियों पर सख्ती के पीछे था मोजतबा खामेनेई का ही दिमाग
मोजतबा खामेनेई का जन्म साल 1969 में ईरान के मशहद में हुआ था। ईरान की सरकार में मोजतबा खामेनेई का गहरा प्रभाव है और कहा जाता है कि ईरान की खुफिया और सशस्त्र सेनाओं में भी मोजतबा खामेनेई के करीबी शामिल हैं। मोजतबा खामेनेई ईरान-इराक में हुए युद्ध में भी भाग ले चुके हैं। मोजतबा खामेनेई ने धार्मिक शिक्षा हासिल की है और वे इस्लामिक मामलों के जानकार हैं, लेकिन उनकी गिनती शीर्ष स्तर के धर्मगुरुओं में नहीं होती है। मोजतबा साल 1990 से ईरान की राजनीति में पर्दे के पीछे से सक्रिय हैं और ईरान के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद अहमदिनेजाद को राष्ट्रपति बनाने में मोजतबा की अहम भूमिका मानी जाती है। ईरान के मीडिया पर भी मोजतबा की पकड़ है और उन्होंने साल 2014 में ईरान के सरकारी टीवी आईआरआईबी के निदेशक को नौकरी से निकाल दिया था। ईरान में जब साल 2009 में विरोध प्रदर्शन हुए थे तो उन्हें सख्ती से कुचलने के पीछे भी मोजतबा का ही दिमाग माना जाता है। उस दौरान कई लोग मारे गए थे।
विज्ञापन
अयातुल्ला खामेनेई के गंभीर रूप से बीमार होने की खबरें
गौरतलब है कि ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला खामेनेई 85 साल के हैं और उनके गंभीर रूप से बीमार होने का दावा किया जा रहा है। यही वजह है कि अपनी मौत से पहले ही खामेनेई ने अपने बेटे को उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है। अयातुल्ला खामेनेई के छह बच्चे हैं और मोजतबा खामेनेई दूसरे नंबर के हैं, लेकिन खामेनेई ने अपने बड़े बेटे मुस्तफा को अपना उत्तराधिकारी क्यों नहीं बनाया, इसकी वजह साफ नहीं है।
ईरान में कितना ताकतवर है सर्वोच्च नेता का पद
ईरान में सर्वोच्च नेता की पदवी एक धर्मगुरू को ही मिल सकती है, लेकिन मौजूदा सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को सर्वोच्च नेता बनाने के लिए इस नियम में थोड़ा संशोधन किया गया था क्योंकि वे धार्मिक नेता नहीं हैं। ईरान में सुप्रीम लीडर का पद राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था में सबसे बड़ा है और इनके पास राष्ट्रपति से भी ज्यादा अधिकार हैं। उन्हें देश के सैन्य, न्यायिक, धार्मिक और राजनीतिक मामलों में फैसले लेने का अधिकार है और सर्वोच्च नेता के फैसले को कोई भी चुनौती नहीं दे सकता।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
मोजतबा के लंबे समय से अयातुल्ला खामेनेई का उत्तराधिकारी बनने की थी चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खुद अयातुल्ला अली खामेनेई ने एक्सपर्ट असेंबली के सदस्यों को बुलाकर उत्तराधिकारी पर फैसला लेने को कहा था। इसी असेंबली ने सर्वसम्मति से मोजतबा खामेनेई के नाम पर सहमति जताई। हालांकि यह पूरी प्रक्रिया बेहद ही गोपनीयता के साथ पूरी की गई। मोजतबा खामेनेई के ही अयातुल्ला अली खोमेनेई का उत्तराधिकारी बनने की चर्चा लंबे समय से थी। यही वजह थी कि ईरान की सरकार में किसी पद पर न होते हुए भी अहम फैसलों में उनकी भागीदारी थी। मोजतबा खामेनेई के बारे में कहा जाता है कि वह बेहद लो प्रोफाइल रहते हैं और बहुत कम अवसरों पर ही सार्वजनिक तौर पर दिखाई देते हैं।
विज्ञापन
विद्रोहियों पर सख्ती के पीछे था मोजतबा खामेनेई का ही दिमाग
मोजतबा खामेनेई का जन्म साल 1969 में ईरान के मशहद में हुआ था। ईरान की सरकार में मोजतबा खामेनेई का गहरा प्रभाव है और कहा जाता है कि ईरान की खुफिया और सशस्त्र सेनाओं में भी मोजतबा खामेनेई के करीबी शामिल हैं। मोजतबा खामेनेई ईरान-इराक में हुए युद्ध में भी भाग ले चुके हैं। मोजतबा खामेनेई ने धार्मिक शिक्षा हासिल की है और वे इस्लामिक मामलों के जानकार हैं, लेकिन उनकी गिनती शीर्ष स्तर के धर्मगुरुओं में नहीं होती है। मोजतबा साल 1990 से ईरान की राजनीति में पर्दे के पीछे से सक्रिय हैं और ईरान के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद अहमदिनेजाद को राष्ट्रपति बनाने में मोजतबा की अहम भूमिका मानी जाती है। ईरान के मीडिया पर भी मोजतबा की पकड़ है और उन्होंने साल 2014 में ईरान के सरकारी टीवी आईआरआईबी के निदेशक को नौकरी से निकाल दिया था। ईरान में जब साल 2009 में विरोध प्रदर्शन हुए थे तो उन्हें सख्ती से कुचलने के पीछे भी मोजतबा का ही दिमाग माना जाता है। उस दौरान कई लोग मारे गए थे।
विज्ञापन
अयातुल्ला खामेनेई के गंभीर रूप से बीमार होने की खबरें
गौरतलब है कि ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला खामेनेई 85 साल के हैं और उनके गंभीर रूप से बीमार होने का दावा किया जा रहा है। यही वजह है कि अपनी मौत से पहले ही खामेनेई ने अपने बेटे को उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है। अयातुल्ला खामेनेई के छह बच्चे हैं और मोजतबा खामेनेई दूसरे नंबर के हैं, लेकिन खामेनेई ने अपने बड़े बेटे मुस्तफा को अपना उत्तराधिकारी क्यों नहीं बनाया, इसकी वजह साफ नहीं है।
ईरान में कितना ताकतवर है सर्वोच्च नेता का पद
ईरान में सर्वोच्च नेता की पदवी एक धर्मगुरू को ही मिल सकती है, लेकिन मौजूदा सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को सर्वोच्च नेता बनाने के लिए इस नियम में थोड़ा संशोधन किया गया था क्योंकि वे धार्मिक नेता नहीं हैं। ईरान में सुप्रीम लीडर का पद राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था में सबसे बड़ा है और इनके पास राष्ट्रपति से भी ज्यादा अधिकार हैं। उन्हें देश के सैन्य, न्यायिक, धार्मिक और राजनीतिक मामलों में फैसले लेने का अधिकार है और सर्वोच्च नेता के फैसले को कोई भी चुनौती नहीं दे सकता।
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन