US: व्हाइट हाउस का हेड स्टार्ट फंडिंग समाप्त करने का प्रस्ताव, बजट कटौती से पांच लाख बच्चों पर होगा असर
व्हाइट हाउस ने हेड स्टार्ट प्रोग्राम के लिए फंडिंग को समाप्त करने का प्रस्ताव दिया है। यह एक ऐसा कदम है, जिससे देश के पांच लाख से अधिक जरूरतमंद बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और उनके परिवारों के लिए देखभाल पर असर पड़ सकता है। हालांकि, अभी यह प्रस्ताव प्रारंभिक चरण में है। यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्तावित कटौती को सांसद स्वीकार करेंगे या नहीं, क्योंकि कांग्रेस अक्सर राष्ट्रपति के बजट प्रस्तावों को मंजूरी नहीं देती है।
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने हेड स्टार्ट के लिए फंडिंग को समाप्त करने के लिए प्रस्ताव दिया है। इस प्रोग्राम उद्देश्य देश के पांच लाख से अधिक जरूरतमंद बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और उनके परिवारों के लिए बाल देखभाल करना है। इसकी देखरेख स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग द्वारा की जाती है। अगर, ट्रंप प्रशासन की यह योजना लागू होती है, तो इससे करीब पांच लाख बच्चों और उनके परिवारों पर असर पड़ेगा।
यह प्रस्ताव 64 पेज के आंतरिक मसौदा बजट दस्तावेज में शामिल है, जो स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग की फंडिंग में भारी कटौती की मांग करता है। हालांकि, अभी यह योजना अपने प्रारंभिक चरण में है, क्योंकि व्हाइट हाउस वित्तीय वर्ष 2026 के लिए कांग्रेस को अपना बजट अनुरोध भेजने की तैयारी कर रहा है।
प्रस्ताव से ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकताओं का चलता है पता
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्तावित कटौती को सांसद स्वीकार करेंगे या नहीं, क्योंकि कांग्रेस अक्सर राष्ट्रपति के बजट प्रस्तावों को मंजूरी नहीं देती है। हालांकि, इस प्रस्ताव से ट्रंप प्रशासन की प्राथमिकताओं का पता चलता है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका में शिक्षा को पूरी तरह से बदलना चाहते हैं।
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कार्यक्रम समाप्त करने के पीछे ट्रंप प्रशासन का यह तर्क
मसौदा दस्तावेज में कहा गया है कि 'बजट हेट स्टार्ट को पैसा नहीं देगा।' हेट स्टार्ट को समाप्त करने के पीछे ट्रंप प्रशासन ने तर्क दिया है कि शिक्षा का नियंत्रण राज्यों को वापस सौंपना और माता-पिता के नियंत्रण को बढ़ाने के लक्ष्यों के अनुरूप है। इसमें कहा गया है कि संघीय सरकार को किसी भी प्रकार की शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम, स्थान और प्रदर्शन मानकों को अनिवार्य करने के व्यवसाय में नहीं होना चाहिए।
ट्रंप प्रशासन ने कई विश्वविद्यालयों में रोकी फंडिंग
डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2025 में राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला था। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने शिक्षा विभाग को खत्म करने की बात की। प्रशासन ने स्कूलों में विविधता की पहल पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके अलावा, कई विश्वविद्यालयों में फंडिंग को रोक दिया, ताकि उन कॉलेजों में बदलाव लाया जा सके, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे उदारवाद और यहूदी-विरोधी भावना का गढ़ बन चुके हैं।
फंडिंग में देरी से जूझ रहा हेड स्टार्ट प्रोग्राम
हेड स्टार्ट प्रोग्राम इस साल पहले से ही छंटनी और फंडिंग में देरी से जूझ रहा है। इस सर्दी में एक गड़बड़ी की वजह से प्रीस्कूल प्रदाताओं को संघीय खातों से कुछ समय के लिए बाहर कर दिया गया था। कुछ जगहों पर तो फंडिंग में देरी के चलते प्रीस्कूल क्लासेस अस्थायी रूप से बंद हो गई हैं। इससे उन परिवारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिन्हें कई बार काम की खोज में जद्दोजहद करनी पड़ती है।
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NHSA ने कार्यक्रम को बंद करने पर जताई चिंता
नेशनल हेड स्टार्ट एसोसिएशन (NHSA) ने छह दशक पुराने कार्यक्रम को वित्तपोषित करने से रोकने के प्रशासन के प्रस्ताव पर चिंता व्यक्त की है। NHSA की कार्यकारी निदेशक यास्मिना विंसी ने कहा कि हेड स्टार्ट के लिए फंडिंग बंद करना विनाशकारी होगा। उन्होंने कहा कि यह हमारे देश के सबसे ज्यादा जोखिम वाले बच्चों, उनकी भलाई और उनके परिवारों पर सीधा हमला होगा। उन्होंने कहा कि हेड स्टार्ट सिर्फ एक प्रीस्कूल कार्यक्रम नहीं है। यह भोजन और स्वास्थ्य जांच प्रदान करता है। हेड स्टार्ट के कई बच्चे पालक देखभाल में हैं या बेघर हैं।
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