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US: 'कूटनीति पहली पसंद...जरूरत पड़ने पर जंग भी विकल्प', व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने किसे दिया सख्त संदेश?

Tue, 13 Jan 2026 02:37 AM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: हिमांशु चंदेल Updated Tue, 13 Jan 2026 02:37 AM IST
सार

White House Press Secretary Statement: व्हाइट हाउस की प्रेस सचिन कैरोलिन लैविट ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास सभी विकल्प खुले रखे हुए हैं। हालांकि कूटनीति ट्रंप की पहली पसंद है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई और हवाई हमले भी विकल्प हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि प्रेस सचिव ने ये किस देश के लिए कहा है।
 

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White House Press Secretary Karoline Leavitt says diplomacy always first option but airstrikes be many opt
कैरोलिन लेविट - फोटो : एएनआई / रॉयटर्स

विस्तार

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति ट्रंप किसी एक रास्ते तक सीमित नहीं हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लैविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा सभी विकल्प खुले रखते हैं। कूटनीति उनकी पहली पसंद है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई, यहां तक कि हवाई हमले भी विकल्पों में शामिल हैं।

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कैरोलिन लैविट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हालात को बेहद करीब से देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि ईरानी शासन सार्वजनिक मंचों पर जो बयान दे रहा है, वह उन निजी संदेशों से अलग है, जो अमेरिकी प्रशासन को अंदरूनी चैनलों से मिल रहे हैं। ट्रंप इन निजी संदेशों को गंभीरता से परखना चाहते हैं और यह देखना चाहते हैं कि बातचीत की कोई वास्तविक गुंजाइश है या नहीं।
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कूटनीति क्यों है पहली पसंद?
व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप हमेशा पहले बातचीत और राजनयिक रास्ते को तरजीह देते हैं। उनका मानना है कि किसी भी टकराव से पहले सभी शांतिपूर्ण विकल्पों को आजमाया जाना चाहिए। हालांकि, प्रशासन ने यह भी साफ किया कि अगर अमेरिका की सुरक्षा या हितों को खतरा हुआ, तो राष्ट्रपति कठोर फैसले लेने से पीछे नहीं हटेंगे।


ईरान को लेकर अमेरिका का सख्त रुख

  • व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले भी दिखाया है कि वह सैन्य विकल्पों से नहीं डरते।
  • हवाई हमले राष्ट्रपति के सामने मौजूद कई विकल्पों में से एक हैं।
  • ईरान सार्वजनिक और निजी स्तर पर अलग-अलग संकेत दे रहा है।
  • अमेरिका इन संकेतों को समझकर अगला कदम तय करेगा।

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ट्रंप की छवि और संदेश
कैरोलिन लैविट ने कहा कि ईरान यह बात सबसे बेहतर जानता है कि ट्रंप जरूरत पड़ने पर ताकत के इस्तेमाल से नहीं हिचकते। ट्रंप की यही छवि उन्हें दूसरे नेताओं से अलग बनाती है। उन्होंने पहले भी कई मौकों पर यह दिखाया है कि अगर कूटनीति काम न करे, तो वह सैन्य विकल्पों का इस्तेमाल करने के लिए तैयार रहते हैं।

फिलहाल अमेरिका ने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। व्हाइट हाउस का संकेत है कि आने वाले दिनों में ईरान से मिले निजी संदेशों की समीक्षा के बाद ही अगला कदम तय किया जाएगा। साफ है कि अमेरिका फिलहाल बातचीत का दरवाजा खुला रखना चाहता है, लेकिन दबाव और ताकत की नीति भी समानांतर रूप से जारी रहेगी।


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