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Wheat Export From India : भारत में गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध से सिंगापुर में महंगा हुआ आटा, भोजनालयों पर असर

Wed, 28 Sep 2022 02:49 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, सिंगापुर।
एजेंसी, सिंगापुर। Published by: योगेश साहू Updated Wed, 28 Sep 2022 02:49 AM IST
सार

शकुंतला भोजनालय के एमडी मथवन ने बताया कि रेस्टोरेंट को भारत से गेहूं के आटे के लिए पांच सिंगापुर डॉलर (3.48 अमेरिकी डॉलर) प्रति किलो का भुगतान करना पड़ता था। भारत में लगे प्रतिबंध की वजह से महंगे दामों पर आटा खरीदना पड़ रहा है। आटे की कम ने व्यापार को प्रभावित किया है।

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Wheat Export From India: Ban on export of wheat in India made flour expensive in Singapore, affecting eateries
आटा - फोटो : Istock

विस्तार

भारत में गेहूं निर्यात पर मई से प्रतिबंध लागू होने का असर सिंगापुर के भोजनालयों में दिखाई दे रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रोटी पसंद करने वाले पंजाबी समुदाय को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। 

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सुपरमार्केट शृंखला फेयरप्राइस ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में मांग बढ़ने के कारण गेहूं के आटे की आपूर्ति कम रही है। भारत में गेहूं और आटे के निर्यात पर प्रतिबंध के कारण ये स्थिति हो सकती है। ‘द स्ट्रेट्स टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार फेयरप्राइस के आपूर्तिकर्ता अब श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका से गेहूं का आटा मंगवा रहे हैं। 
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यहां के एक प्रमुख भोजनालय शकुंतला के प्रबंध निदेशक मथवन आदि बालकृष्णन ने कहा, आटे की कमी हमारे व्यापार को बुरी तरह प्रभावित करेगी। हम अपने ग्राहकों पर लागत का पूरा बोझ नहीं डाल सकते। हमें कीमतों को कम रखने की कोशिश करनी होगी।
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महंगा है दुबई से आने वाला आटा
शकुंतला भोजनालय के एमडी मथवन ने बताया कि रेस्टोरेंट को भारत से गेहूं के आटे के लिए पांच सिंगापुर डॉलर (3.48 अमेरिकी डॉलर) प्रति किलो का भुगतान करना पड़ता था, लेकिन अब दुबई से आने वाला आटा 15 सिंगापुर डॉलर (10.45 अमेरिकी डॉलर) प्रति किलो है। 2020 में सिंगापुर ने कुल गेहूं के आटे में 5.8 प्रतिशत भारत से आयात किया गया था।


गेहूं आयात के लिए केंद्र से मांगी मंजूरी
गेहूं प्रसंस्करणकर्ताओं ने अग्रिम प्राधिकरण योजना (एएएस) के तहत गेहूं आयात की मंजूरी के लिए सरकार से संपर्क किया है। इसके बदले में उन्होंने मूल्यवर्धित उत्पादों का निर्यात करने के लिए मंजूरी मांगी हैं। वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि हमें गेहूं प्रसंस्करणकर्ताओं से इस तरह की मांग मिली है।

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