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चीन में सैनिकों की भर्ती कैसे होती है, फौज छोड़ने पर क्या मिलती है सजा?

Wed, 17 Jun 2020 04:41 PM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Tanuja Yadav Updated Wed, 17 Jun 2020 04:41 PM IST
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what is the procedure of recruiting army personnel in China and what are the punishment of not serving the country here you know
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पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सीमा पर तैनात फौज के बीच छिटपुट झड़पों की खबरें आती रहती थीं। लेकिन पांच मई से दोनों देशों की फौज के बीच सीमा पर तनाव बढ़ गया था। चीनी सेना नियंत्रण रेखा को पार करते हुए भारतीय सीमा में कब्जा करने की फिराक में थी। लगभग एक महीने तक तनाव भरी स्थिति 15 और 16 जून को हिंसक झड़प में बदल गई।

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दोनों देशों की फौज के बीच हिंसक झड़प हुई जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए। वहीं चीन के 43 सैनिकों के मारे जाने की खबर है। गलवां घाटी में हुई इस झड़प के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय के माथे पर चिंता की लकीरें आ गई हैं। ब्रिटिश मीडिया ने इसे तीसरे विश्व युद्ध की आहट कहा। यूरोपीय संघ ने दोनों देशों को शांति बनाए रखने और बातचीत का रास्ता अपनाने का सुझाव दिया है।
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चीन का दावा है कि उसके पास दुनिया की सबसे बड़ी फौज है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चीन की फौज की कार्यप्रणाली क्या है और वो किस नीति पर काम करते हैं।

चीन की सेना में भर्ती
चीन की फौज पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने 2018 से सेना की भर्ती में सुधार शुरू किया है। सेना में भर्ती प्रक्रिया चीन के सैनिक सेवा कानून के तहत आती है। इसमें देश के अधिक से अधिक युवाओं को देशसेवा के नाम पर फौज में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया जाता है।

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चीन की सेना छोड़ने पर क्या होता है?

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की अंग्रेजी वेबसाइट पर एक आलेख है, जिसमें जांंग नाम के एक फौजी को दी गई सजा के बारे में बताया गया है। इस फौजी ने नौकरी छोड़ने की बात कही थी, जिसके बाद उसकी जिंदगी को नरक बना दिया गया था।

जांग पर कुल आठ जुर्माने लगाए गए थे, जिसमें दो साल के लिए विदेश यात्रा पर रोक, ट्रेन और बस के सफर पर प्रतिबंध, संपत्ति खरीदने पर रोक, कर्ज तथा बीमा इंश्योरेंस पाबंदी, नया व्यापार खोलना और खुद को उच्च शिक्षा के लिए नामांकित करने पर प्रतिबंध शामिल था।

इसी के साथ जांग को आजीवन सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य करार दिया गया। इसके अलावा उसे ऐसी किसी भी नौकरी के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया, जिसका संबंध चीन की सरकार से हो।

इतना ही नहीं उसे लगभग तीन लाख रुपये सेना को चुकाने पड़े जो उसके प्रशिक्षण पर खर्च हुए थे। जांग का चीन की सेना छोड़ना और सेना की ओर से उस पर ये जुर्माने लगाना दुर्लभ हो सकता है लेकिन यह विशेष नहीं है। सामान्य तौर पर चीन की सेना छोड़ने पर इस तरह की सजाएं मिलती हैं।

2018 से चीन की सेना में भर्ती दोगुनी

चीन ने अपनी क्षमताओं में और सुधार लाने के लिए नए भर्तियों की प्रशिक्षण अवधि को तीन महीने से बढ़ाकर छह महीने कर दिया है। अलग-अलग कंपनियों में जाने से पहले इन नई भर्तियों को पेशेवर तरीके से ट्रेनिंग मिलेगी। चीन की सेना दुनिया की सबसे बड़ी सेना है, इसमें 20 लाख सैनिक शामिल हैं।

चीन के अधिकारियों की माने तो नई भर्तियों का प्रशिक्षण काफी प्रभावशाली है। नए लोगोंं को संपूर्ण प्रशिक्षण मिलने के बाद ही सेना में शामिल किया जाएगा। नए लोगों को तीन महीने का अतिरिक्त प्रशिक्षण इसलिए दिया जा रहा है ताकि वे लोग सैनिकों के जीवन में खुद को ढाल सके और उनको व्यापक प्रशिक्षण मिल सके। 

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