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खाद्य सुरक्षा संकट: रूस-यूक्रेन युद्ध से बनी चुनौती के बीच गेहूं खरीद को लेकर भारत से बात कर रहा है डब्ल्यूएफपी
Thu, 05 May 2022 07:32 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 05 May 2022 07:32 PM IST
सार
यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध की वजह से बने वैश्विक खाद्य सुरक्षा संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र के वर्ल्ड फूड प्रोग्राम ने गेहूं की खरीद के लिए भारत से बातचीत शुरू की है।
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गेहूं (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र का वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डब्ल्यूएफपी) ने कहा है कि यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बीच कई देश खाद्य सुरक्षा संकट का सामना कर रहे हैं और इसे देखते हुए हम गेहूं की खरीद को लेकर भारत से बातचीत कर रहे हैं। डब्ल्यूएफपी के मुख्य अर्थशास्त्री आरिफ हुसैन ने बुधवार को कहा था कि हम गेहूं की खरीद को लेकर भारत से बात कर रहे हैं। यह कुछ ऐसा है जो अभी चल रहा है।
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उन्होंने यह बात इस सवाल के जवाब में कही कि भारत के पास गेहूं का विशाल भंडार है और क्या संगठन भारत के साथ इस भंडार का इस्तेमाल करने के लिए कुछ कर रहा है। वहीं, इस सवाल पर कि क्या वर्तमान आपात स्थिति में विश्व कारोबार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की ओर से भारत के लिए तय निर्यात की सीमा हटाई जाएगी, हुसैन ने कहा कि चाहे डब्ल्यूएफपी हो, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) हो या डब्ल्यूटीओ हो, हमारी एक सिफारिश यह है कि डब्ल्यूएफपी को निर्यात प्रतिबंधों से राहत दी जाए।
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आरिफ हुसैन ने कहा कि कुछ सप्ताह पहले इन संगठनों ने सरकारों को निर्यात प्रतिबंध लानू न करने के लिए प्रोत्साहित किया था, जिससे कृत्रिम रूप से कीमत और उपलब्धता में वृद्धि हुई या प्रमुख मुख्य वस्तुओं की उपलब्धता कम हो गई थी। ऐसे में यह एक बहुत बड़ी सिफारिश है और हमें उम्मीद है कि सभी देश हमारी बात सुन रहे हैं।
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अफगानिस्तान को भी मदद के रूप में गेहूं भेज रहा है भारत
फसल वर्ष 2020-21 (जुलाई 2020 से जून 2021) में भारत का गेहूं उत्पादन 1059 करोड़ टन रहा था। इस साल की शुरुआत में भारत ने अफगानिस्तान को गेहूं भेजने की शुरुआत की थी। भारत ने मानवीय सहायता के रूप में अफगानिस्तान को 50,000 टन गेहूं की आपूर्ति करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसे डब्ल्यूएफपी के जरिए ही पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान भेजा जा रहा है।
गेहूं देखने पंजाब पहुंची संयुक्त राष्ट्र की टीम, भारतीय उदारता की तारीफ की
संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत से अफगानिस्तान में गेहूं की खरीद, परीक्षण और परिवहन की प्रक्रिया को समझने के लिए पंजाब में अमृतसर का दौरा किया। डब्ल्यूएफपी अधिकारी डॉ. स्टेफ़नी हर्ड ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल यह जानेगा कि भारत आखिर कैसे इतने अच्छे तरीके से अफगानिस्तान के लिए गेहूं की खरीद करने के साथ-साथ उसके परीक्षण और परिवहन को अंजाम दे रहा है।
बता दें कि भारत ने भुखमरी से जूझ रहे अफगानिस्तान में 10,000 मीट्रिक टन गेहूं पहुंचाया है और अगली खेप तैयार है। डब्ल्यूएफपी के कमोडिटी विशेषज्ञ सैंड्रो बानाओ ने अफगानिस्तान के लिए भारत की मानवीय मदद की प्रशंसा करते हुए कहा, अफगानिस्तान को गेहूं भेजना भारत के लिए बड़ी उदारता वाली बात है। विश्व स्तर पर गेहूं की बढ़ती मांग का हवाला देते हुए उन्होंने भारत के साथ अपना सहयोग बढ़ाने के लिए भी रुचि दिखाई।