पुतिन का वार: पश्चिम ने भारत को लूटा, किसी भी देश में सत्ता विरोधी क्रांति भड़काने को रहता है तैयार
पुतिन ने पश्चिमी देशों पर हमला बोलते हुए कहा कि अपने लक्ष्यों के लिए हमारे भू-राजनीतिक विरोधी, किसी भी देश को आग में झोंकने के लिए तैयार हैं। क्रांति को भड़काने और खूनखराबा करने के लिए तैयार हैं।
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के चार इलाकों - डोनेत्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जपोरिज्जिया के अधिग्रहण का एलान करने के दौरान शुक्रवार को पश्चिमी देशों पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि किस तरह पश्चिम ने उसके साथ बर्ताव किया और उसे लूटा। पुतिन ने भू-राजनीतिक लाभ के लिए पश्चिम पर किसी भी देश में सत्ता विरोधी क्रांति को भड़काने का आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम ने भारत जैसे देशों को सच्चाई, स्वतंत्रता और न्याय के मूल्यों के विपरीत लूटा। पश्चिम ने मध्य युग में अपनी औपनिवेशिक नीति शुरू की और फिर दास व्यापार, अमेरिका में इंडियन जनजातियों के नरसंहार, भारत और अफ्रीका में लूट, चीन के खिलाफ इंग्लैंड और फ्रांस के युद्धों में भाग लिया।
पश्चिमी देशों पर भड़के पुतिन
पुतिन ने क्रेमलिन समारोह में सेंट जॉर्ज हॉल में कहा, पश्चिम जानबूझकर पूरे जातीय समूहों को खत्म कर रहा है। उन्होंने कहा कि भूमि और संसाधनों की खातिर उन्होंने (पश्चिम) जानवरों की तरह लोगों का शिकार किया। यह मनुष्य की प्रकृति, सच्चाई, स्वतंत्रता और न्याय के विपरीत है। पुतिन ने नए संघर्षों को भड़काने के लिए पश्चिम की निंदा की। पुतिन ने कहा कि पश्चिम किसी भी देश में क्रांति को भड़काने के लिए तैयार है। अपने लक्ष्यों के लिए हमारे भू-राजनीतिक विरोधी, किसी भी देश को आग में झोंकने के लिए तैयार हैं। इसे संकट के केंद्र में बदलने के लिए और क्रांति को भड़काने और खूनखराबा करने के लिए तैयार हैं।
हमने ये सब कई मौकों पर देखा है। हम यह भी जानते हैं कि पश्चिम सीआईएस (स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल) क्षेत्र में नए संघर्षों को भड़काने के लिए काम करता है। लेकिन हमारे पास पर्याप्त शक्ति है। आप देखें कि रूस और यूक्रेन के बीच अब क्या हो रहा है, कुछ अन्य सीआईएस देशों की सीमाओं पर क्या हो रहा है। पश्चिम पर एक चौतरफा हमला करते हए समारोह में पुतिन ने औपचारिक रूप से चार क्षेत्रों - डोनेत्स्क, लुहान्स्क, खेरसन और जपोरिज्जिया के विलय की घोषणा की और दावा किया कि ये लाखों लोगों की इच्छा है।
नाटो ने किया पुतिन पर पलटवार
वहीं, नाटो ने पुतिन पर पलटवार किया है। नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि नकली जनमत संग्रह की योजना मास्को में तैयार की गई और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर यूक्रेन पर ऐसा फैसला लिया गया। इस तरह से जमीन हड़पना अवैध और गैरकानूनी है। नाटो के सहयोगी रूस के हिस्से के रूप में इनमें से किसी भी क्षेत्र को मान्यता नहीं देंगे।
स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि हम सभी देशों से रूस की इन जबरन कोशिशों को अस्वीकार करने का आह्वान करते हैं। ये जमीन यूक्रेन की है। डोनेत्स्क यूक्रेन है, लुहान्स्क यूक्रेन है, खेरसन यूक्रेन है, जपोरिज्जिया यूक्रेन है, जैसे क्रीमिया यूक्रेन है। यूक्रेन के नाटो गठबंधन में शामिल होने के लिए त्वरित आवेदन पेश करने के बारे में स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि जब नाटो के सहयोगी मैड्रिड में शिखर सम्मेलन में मिले, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हम यूक्रेन को अपना रास्ता चुनने के अधिकार का समर्थन करते हैं, यह तय करने के लिए कि वह किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनना चाहता है।
नाटो सदस्यता पर निर्णय सभी 30 सहयोगियों को लेना होता है। ये फैसले हम आम सहमति से लेते हैं। हमारा ध्यान अब यूक्रेन को तुरंत सहायता प्रदान करने पर है, ताकि वह रूसी क्रूर आक्रमण के खिलाफ खुद को बचा सके। जैसा कि हम कहते हैं नाटो सहयोगियों का मुख्य फोकस यही है।