फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   west asia israel strikes lebanon multiple deaths iran closes strait of hormuz reports

West Asia: इस्राइल ने लेबनान में किए ताबड़तोड़ हमले, 254 लोगों की मौत; जवाब में ईरान ने बंद किया होर्मुज

Wed, 08 Apr 2026 10:48 PM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन डीसी।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन डीसी। Published by: Nirmal Kant Updated Wed, 08 Apr 2026 10:48 PM IST
सार

West Asia: ईरान और अमेरिका के बीच संघर्षविराम की घोषणा के बाद इस्राइल ने आज लेबनान में ताबड़तोड़ हमले किए। इनमें हमलों में 254 लोगों की मौत हो गई और 1,000 से अधिक घायल हुए। जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। पढ़िए रिपोर्ट-

विज्ञापन
west asia israel strikes lebanon multiple deaths iran closes strait of hormuz reports
इस्राइल ने लेबनान में मचाई तबाही - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

इस्राइल ने बुधवार दोपहर मध्य बेरूत में कई हमले किए। घनी आबादी वाले कई व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को बिना पूर्व सूचना के निशाना बनाया गया। हमले ऐसे समय में हुए, जब ईरान के साथ युद्ध विराम की घोषणा हो चुकी थी। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में 254 लोगों की मौत हुई और 1,165 लोग घायल हुए हैं। उधर, एसोसिएटेड प्रेस ने ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि ईरान ने लेबनान पर इस्राइली हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया है। 
विज्ञापन


लेबनान समझौते में शामिल नहीं: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीबीएस न्यूज आवर को बताया कि लेबनान को समझौते में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि वहां चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला मौजूद है। जब उनसे इस्राइल के हालिया हमलों के बार में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, यह एक अलग झड़प है। इस्राइल ने कहा था कि यह समझौता ईरान समर्थित हिजबुल्ला के साथ उसकी जंग पर लागू नहीं होता। हालांकि, मध्यस्थ पाकिस्तान ने कहा कि यह लागू होता है। 
विज्ञापन

 
10 मिनट में हिजबुल्ला के 100 से अधिक ठिकानों को बनाया निशाना
युद्ध विराम की घोषणा से लेबनान के निवासियों को थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन इस्राइली सेना के अचानक हमलों से दहशत में फैल गई। इस्राइली सेना ने 10 मिनट में हिजबुल्ला के 100 से अधिक ठिकानों पर पर हमला किया। इसमें बेरूत, दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी शामिल हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
समु्द्र तटीय राजधानी के कई हिस्सों में काला धुआं छाया रहा, जहां युद्ध से विस्थापित हुए लोगों ने बड़ी संख्या में शरण ली थी। चहल-पहल भरी, साफ आसमान वाली दोपहर में धमाकों ने वाहनों के हॉर्न की आवाज को गायब कर दिया। एंबुलेंस आग की लपटों की ओर तेजी से बढ़ीं। आवासीय इमारतों पर भी हमले हुए। 

एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक,  बेरूत के मध्य में स्थित कॉर्निश अल मजरा इलाके के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक पर वाहन और जमीन पर जले हुए शव देखे गए। यह इलाका व्यावसायिक और आवासीय दोनों क्षेत्रों का मिश्राण है। बचावकर्मी फोर्क लिफ्ट (कांटा ट्रक) की मदद से सुलगते मलबे को हटा रहे थे और मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे थे। 

हमलों पर लेबनानी नेताओं ने क्या कहा?
बेरूत के मध्य हिस्से पर पहले भी हमले हुए हैं। लेकिन एक साथ इतने बड़े हमले दिन के समय कम ही हुए हैं। इस्राइल आमतौर पर दक्षिण और पूर्वी लेबनान में ज्यादा हमले करता रहा है। लेबनान की सामाजिक मामलों की मंत्री हनीद सैयद ने इन हमलों को बेहद खतरनाक मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि हमले सीधे उन इलाकों में हुए हैं, जहां बड़ी संख्या में विस्थापित लोग रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि लेबनान सरकार इस्राइल के साथ बातचीत के लिए तैयार है। लेकिन अभी तक इस्राइल की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस्राइल पर अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी करने का आरोप लगाया। वहीं, राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इन हमलों को बर्बर बताया।

इस्राइल की हिजबुल्ला कमांडर को चेतावनी
इस्राइली सेना ने कहा कि उसने मिसाइल लॉन्चर, कमांड सेंटर और खुफिया ढांचे को निशाना बनाया। लेकिन स्थानीय लोगों ने इन दावों को खारिज किया और कहा कि ये सिर्फ रिहायशी इलाके थे। इस्राइली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने हिजबुल्ला कमांडर नईम कासेम को चेतावनी दी कि उनका भी नंबर आएगा। इससे पहले 2024 में इस्राइल ने हिजबुल्ला के पूर्व प्रमुख हसन नसरल्लाह को मार गिराया था।

ये भी पढ़ें: 'प्रतिबंध हटे तो परमाणु क्षमता बढ़ाएगा ईरान', अमेरिका के पूर्व एनएसए बोल्टन ने ट्रंप को किया आगाह


संघर्षविराम का पालन नहीं कर रहा इस्राइल: हिजबुल्ला
हिजबुल्ला के एक अधिकारी ने कहा कि वह बातचीत का मौका देना चाहते हैं। लेकिन इस्राइल संघर्षविराम का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि वे पुरानी स्थिति में लौटना स्वीकार नहीं करेंगे। यह संघर्ष तब शुरू हुआ, जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला किया, जिसके बाद हिजबुल्ला भी इस जंग में शामिल हुआ और उसने जवाब में मिसाइलें दागीं। इसके बाद इस्राइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए।

युद्ध की शुरुआत से अब तक लेबनान में 1500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 10 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। युद्ध विराम की घोषणा के बाद कुछ लोग अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन नए हमलों के बाद फिर से खौफ और अनिश्चितता बढ़ गई है। कई परिवारों ने फिलहाल सुरक्षित जगहों पर ही रुकने का फैसला किया है।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed