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West asia: होर्मुज के बाद अब लाल सागर में भी बढ़ी परेशानी, सशस्त्र समूह ने जहाज पर हमला किया
Mon, 13 Apr 2026 01:26 AM IST
Nitin Gautam
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अदन
Published by: Nitin Gautam
Updated Mon, 13 Apr 2026 01:26 AM IST
सार
पश्चिम एशिया संकट के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य के बाधित होने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह से प्रभावित हुई है। अब लाल सागर में भी सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गई है। दरअसल एक समूह ने एक जहाज पर हमले की कोशिश की।
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लाल सागर में जहाज पर हमले की कोशिश
- फोटो : एएनआई
विस्तार
पश्चिम एशिया संकट के चलते होर्मुज जमडमरूमध्य में नाकाबंदी से दुनिया परेशान है और अब लाल सागर में भी परेशानी बढ़ती दिखाई दे रही है। दरअसल ब्रिटेन के मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने बताया है कि यमन के तट पर एक सशस्त्र समूह ने लाल सागर में एक जहाज पर हमले की कोशिश की और जहाज पर चढ़ने का प्रयास किया। हालांकि किसी तरह से जहाज पर सवार लोगों ने फ्लेयर्स की मदद से इस हमले को नाकाम कर दिया। यह घटना लाल सागर में अस्थिरता को दर्शाता है।
हथियारबंद लोगों के समूह ने जहाज पर चढ़ने की कोशिश की
यूके एमटीओ ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में बताया कि अल हुदैदाह से करीब 54 समुद्री मील दक्षिण पश्चिम में एक नौका पर सवार 10-12 लोगों ने एक व्यापारिक जहाज पर चढ़ने की कोशिश की। इनमें से चार से पांच लोगों के पास स्वचालित हथियार थे। सशस्त्र समूह के लोगों ने जहाज को रोकने की कोशिश की और जब जहाज के कैप्टन ने जहाज रोकने से इनकार कर दिया तो सशस्त्र समूह के लोगों ने जहाज पर जबरन चढ़ने की कोशिश की। इस पर जहाज के क्रू ने फ्लेयर्स की मदद से सशस्त्र समूहों को रोकने की कोशिश की। इसके बाद नौका वहां से निकल गई।
लाल सागर में भी बढ़ी अस्थिरता और असुरक्षा
यूकेएमटीओ ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। साथ ही लाल सागर में सभी जहाजों को सावधानी से आगे बढ़ने की सलाह दी गई है। लाल सागर में घुसपैठ की यह घटना ऐसे समय हुई है, जब ईरान इस्राइल युद्ध के चलते फारस की खाड़ी और होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बेहद सीमित है और समुद्री सुरक्षा आपातकाल जैसी स्थिति है। इससे पहले अक्तूबर 2023 में जब इस्राइल ने हमास पर हमले किए थे, तब भी बनी थी, जब हमास के समर्थन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में कई व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया था।
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हूतियों के हमलों के चलते कई शिपिंग कंपनियां अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही कर रही हैं। इससे जहाजों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है और माल ढुलाई की लागत में भारी वृद्धि हुई है। स्वेज नहर में यातायात 50 फीसदी तक गिर गया है और इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी दबाव बढ़ गया है।
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हथियारबंद लोगों के समूह ने जहाज पर चढ़ने की कोशिश की
यूके एमटीओ ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में बताया कि अल हुदैदाह से करीब 54 समुद्री मील दक्षिण पश्चिम में एक नौका पर सवार 10-12 लोगों ने एक व्यापारिक जहाज पर चढ़ने की कोशिश की। इनमें से चार से पांच लोगों के पास स्वचालित हथियार थे। सशस्त्र समूह के लोगों ने जहाज को रोकने की कोशिश की और जब जहाज के कैप्टन ने जहाज रोकने से इनकार कर दिया तो सशस्त्र समूह के लोगों ने जहाज पर जबरन चढ़ने की कोशिश की। इस पर जहाज के क्रू ने फ्लेयर्स की मदद से सशस्त्र समूहों को रोकने की कोशिश की। इसके बाद नौका वहां से निकल गई।
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लाल सागर में भी बढ़ी अस्थिरता और असुरक्षा
यूकेएमटीओ ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। साथ ही लाल सागर में सभी जहाजों को सावधानी से आगे बढ़ने की सलाह दी गई है। लाल सागर में घुसपैठ की यह घटना ऐसे समय हुई है, जब ईरान इस्राइल युद्ध के चलते फारस की खाड़ी और होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बेहद सीमित है और समुद्री सुरक्षा आपातकाल जैसी स्थिति है। इससे पहले अक्तूबर 2023 में जब इस्राइल ने हमास पर हमले किए थे, तब भी बनी थी, जब हमास के समर्थन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में कई व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया था।
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हूतियों के हमलों के चलते कई शिपिंग कंपनियां अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही कर रही हैं। इससे जहाजों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है और माल ढुलाई की लागत में भारी वृद्धि हुई है। स्वेज नहर में यातायात 50 फीसदी तक गिर गया है और इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी दबाव बढ़ गया है।