'ईरान के साथ युद्धविराम नहीं': ट्रंप ने ब्रिटेन के देरी से मदद देने पर जताई नाराजगी, बताया कब खत्म होगी जंग
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वे युद्धविराम नहीं चाहते और ईरानी सेना को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है। ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा और नाटो की निष्क्रियता पर भी चिंता जताई। पढे़ें और क्या कहा...
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच जारी संघर्ष पर अपनी सख्त टिप्पणी की। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा "हम बातचीत कर सकते हैं, लेकिन युद्धविराम पर कोई विचार नहीं है। ट्रंप ने कहा जब आप सामने वाले पक्ष को पूरी तरह से नष्ट कर रहे हैं, तो युद्धविराम नहीं होता… हमारा मकसद यह नहीं है।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी और इस्राइली कार्रवाइयों में ईरान की नौसेना, वायु सेना और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा सैन्य दृष्टि से वे समाप्त हो चुके हैं। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है विजय हासिल करना। ट्रंप ने ईरानी शासन की आलोचना करते हुए कहा हमने उन्हें बहुत कड़ी मार दी है। ये लोग अपराधी और निर्दयी हैं। मुझे हैरानी नहीं हुई कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन करने वाले 3 युवाओं को फांसी दी।
ब्रिटेन पर भी जताई नाराजगी
इसके अलावा ट्रंप से जब ब्रिटेन की धीमी प्रतिक्रिया पर सवाल पूछा गया तब उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान पर सैन्य कार्रवाई में मदद देने के लिए यूके को और तेजी से कदम उठाना चाहिए था। ब्रिटिश सेना ने अमेरिकी बलों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के ठिकानों पर हमले के लिए अपने बेस इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी।
#WATCH | On the US-Israel vs Iran conflict, US President Donald Trump says, "We can have dialogue, but I don't want to do a ceasefire. You don't do a ceasefire when you're literally obliterating the other side... we're not looking to do that."
(Source: US Network Pool Via… pic.twitter.com/4Y5AUK4jG0 — ANI (@ANI) March 20, 2026
स्ट्रेट ऑफ हॉरमूज पर बयान
खार्ग द्वीप पर अमेरिकी रणनीति के सवाल पर ट्रंप ने कहा मैं इसके बारे में अभी कुछ नहीं बता सकता। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के महत्व पर ट्रंप ने कहा कि यह एक साधारण सैन्य कदम है और अपेक्षाकृत सुरक्षित है, लेकिन इसके लिए बड़ी मदद की जरूरत होती है जहाजों और संसाधनों की। उन्होंने कहा NATO मदद कर सकता है, लेकिन अब तक इसमें हिम्मत नहीं दिखाई है। ट्रंप ने कहा हमें इसकी जरूरत नहीं है। यूरोप, जापान, चीन, कोरिया और अन्य देशों को इसकी जरूरत है, इसलिए उन्हें इसमें शामिल होना चाहिए।
ट्रंप ने नाटो की भूमिका पर भी सवाल उठाया और कहा नाटो बहुत पीछे चला गया है… यहां से उनकी ऊर्जा का बड़ा हिस्सा आता है। कई सीनेटर और सांसद नाराज हैं कि नाटो ने कुछ नहीं किया। एक सवाल के जवाब में कि क्या इस्राइल ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त कर सकता है, इस पर ट्रंप ने कहा "मुझे लगता है कि ऐसा हो सकता है।" उन्होंने यह संकेत दिया कि अमेरिकी सैन्य अभियान पूरा होने के बाद इस्राइल युद्ध समाप्त करने की दिशा में कदम उठा सकता है।
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