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WEF: दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक शुरू, पीडब्ल्यूसी के सर्वे में खुलासा- भारतीय सीईओ शीर्ष पर

Tue, 17 Jan 2023 06:19 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, दावोस।
पीटीआई, दावोस। Published by: देव कश्यप Updated Tue, 17 Jan 2023 06:19 AM IST
सार

बैठक की शुरुआत क्रिस्टल पुरस्कार समारोह के साथ शुरू हुई। यह पुरस्कार प्रमुख कलाकारों को उनकी उपलब्धियों के लिए दिया जाता है, जो समाज के सभी नेताओं को जोड़ने का काम करते हैं और लोगों के लिए रोल मॉडल हैं।

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WEF Annual Meeting starts in Davos, Indian CEOs top global average on plans to cut operating costs
विश्व आर्थिक मंच। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक सोमवार को शुरू हो गई। इस बैठक में भारत के लगभग सौ प्रतिभागियों सहित हजारों लोग बर्फ से भरे स्विस स्की रिसॉर्ट शहर में इस सप्ताह 'कोऑपरेशन इन ए फ्रैगमेंटेड वर्ल्ड' पर चर्चा करेंगे। इस बार बैठक की थीम 'कोऑपरेशन इन ए फ्रैगमेंटेड वर्ल्ड' है। बैठक में यूक्रेन संकट, वैश्विक मुद्रास्फीति, जयवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।

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बैठक की शुरुआत क्रिस्टल पुरस्कार समारोह के साथ शुरू हुई। यह पुरस्कार प्रमुख कलाकारों को उनकी उपलब्धियों के लिए दिया जाता है, जो समाज के सभी नेताओं को जोड़ने का काम करते हैं और लोगों के लिए रोल मॉडल हैं।

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इन कालाकरों को दिया गया क्रिस्टल पुरस्कार
क्रिस्टल पुरस्कार कलाकार माया लिन, अमेरिकी थिएटर कलाकार रेनी फ्लेमिंग, अभिनेता इदरिस एल्बा और सबरीना धोवरे एल्बा को दिया गया। पुरस्कार समारोह के बाद 'आई सी यू' संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसे एकता और सहयोग के एक शक्तिशाली सांस्कृतिक संदेश के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस दौरान उत्तरी लाल सागर के प्रवाल भित्तियों की रक्षा और संरक्षण के लिए उचित और आवश्यक समझौतों को लागू करने के लिए विश्व नेताओं और नीति निर्माताओं से कार्रवाई करने का आह्वान किया गया।

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कई भारतीय नेता भी होंगे शामिल
सोमवार से शुरू होने वाली इस बैठक में अगले पांच दिनों में 50 से अधिक सरकारों या देशों के प्रमुखों के आने की उम्मीद है। विश्व आर्थिक मंच की बैठक में कई भारतीय नेताओं के प्रतिभाग करने की संभावना है। इनमें केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, मनसुख मंडाविया, स्मृति ईरानी और आरके सिंह शामिल हैं। वहीं एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत भारत से कई अधिकारी और कारोबारी भी शामिल हो सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कर्नाटक के सीएम बीएस बोम्मई को भी पहले सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन उनके शिखर सम्मेलन में भाग लेने की संभावना नहीं है। आप नेता राघव चड्ढा, तेलंगाना के मंत्री केटी रामाराव और तमिलनाडु के मंत्री थंगम थेनारासु भी यहां आ सकते हैं। भारतीय कारबारी प्रमुखों में गौतम अडानी, संजीव बजाज, कुमार मंगलम बिड़ला, एन चंद्रशेखरन, नादिर गोदरेज, अजीत गुलाबचंद, सज्जन जिंदल, सुनील मित्तल, रोशनी नादर मल्होत्रा, नंदन नीलेकणि, अदार पूनावाला, ऋषद प्रेमजी और सुमंत सिन्हा के शामिल होने की संभावना है।

परिचालन लागत में कटौती की योजना के मामले में भारतीय सीईओ वैश्विक औसत में शीर्ष पर
बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के बीच अधिकांश भारतीय सीईओ ने एक सर्वेक्षण में संकेत दिया है कि वे परिचालन लागत को कम कर रहे हैं या कम करने की योजना बना रहे हैं। यहां तक कि वे अपने देश की आर्थिक संभावनाओं पर अपने वैश्विक समकक्षों की तुलना में अधिक उत्साहित हैं। हालांकि, ज्यादातर कंपनियां अपने कर्मचारियों की संख्या या वेतन में कटौती करने की योजना नहीं बना रही हैं। विश्व आर्थिक मंच की बैठक के पहले दिन सलाहकार कंपनी पीडब्ल्यूसी द्वारा जारी वार्षिक वैश्विक सीईओ सर्वेक्षण यह पाया गया।


सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि दस में से लगभग चार सीईओ (40 प्रतिशत वैश्विक और 41 प्रतिशत भारतीय उत्तरदाताओं) को उम्मीद नहीं है कि उनकी कंपनियां 10 वर्षों में आर्थिक रूप से व्यवहार्य होंगी यदि वे अपने मौजूदा रास्ते पर जारी रहती हैं। इसके अलावा, लगभग 78 प्रतिशत भारतीय सीईओ, 73 प्रतिशत वैश्विक सीईओ और 69 प्रतिशत एशिया पैसिफिक सीईओ मानते हैं कि अगले 12 महीनों में वैश्विक आर्थिक विकास में गिरावट आएगी। लेकिन सर्वेक्षण ने यह भी संकेत दिया कि निराशाजनक वैश्विक दृष्टिकोण के बावजूद, भारत के सीईओ देश की आर्थिक वृद्धि के बारे में आशान्वित हैं। दस में से पांच सीईओ (57 फीसदी) अगले 12 महीनों में भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर आशावाद व्यक्त करते हैं। इनकी तुलना में केवल 37 प्रतिशत एशिया पैसिफिक सीईओ और 29 प्रतिशत वैश्विक सीईओ अगले 12 महीनों में अपने देशों या क्षेत्रों में आर्थिक विकास में सुधार की उम्मीद करते हैं।

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