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वीचैट...चीन की डिजिटल जासूसी का बड़ा हथियार, कम्युनिस्ट पार्टी का पूरा नियंत्रण

Mon, 07 Sep 2020 06:23 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 07 Sep 2020 06:23 AM IST
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WeChat Great weapon of China digital espionage, complete control of Communist Party of china
WeChat - फोटो : social media

पड़ोसियों की सीमा में घुसपैठ के लिए बदनाम चीन की अब ऑनलाइन जासूसी की भी पोल खुलने लगी है। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बने टिकटॉक, वीचैट जैसे कई चीनी एप पर भारत में प्रतिबंध के बाद ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका समेत कई देशों ने सख्ती दिखानी शुरू की है।

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वीचैट एप चीन की जासूसी का सबसे कारगर हथियार है। यह न केवल चैटिंग में इस्तेमाल होता है, बल्कि पेमेंट और ई-कॉमर्स जैसी खूबियों के कारण ऑल-इन-वन एप है। खास बात यह है कि इस पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का पूरा नियंत्रण रहता है। वीचैट की पोल खुलने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टिकटॉक से साथ-साथ वीचैट को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव पेश कर चुके हैं।
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चीन सरकार के खिलाफ संदेश डिलीवर ही नहीं होता
वीचैट पर चीन के खिलाफ कोई संदेश डिलीवर नहीं होता। इस साल सात मई को कनाडा की टोरंटो यूनिवर्सिटी और सिटिजन लैब ने वीचैट पर 60 पन्नों की एक रिपोर्ट बनाई। इसमें इस एप द्वारा जासूसी के सबूतों का खुलासा किया गया। इसके मुताबिक, वीचैट के संदेश चीन में मौजूद सर्वर पढ़ते हैं। ये ही तय करते हैं कि आपके द्वारा भेजा गया संदेश डिलीवर होगा या नहीं। संदेश अगर चीन सरकार के खिलाफ हुआ तो डिलीवर ही नहीं होगा।
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वीचैट ऐसे संदेशों पर यूजर को चेतावनी भी जारी कर देता है। यानी यह सीधे तौर पर संदेशों की मॉनीटरिंग करता है। इतना ही नहीं, यह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का एजेंडा करने का भी प्लेटफॉर्म भी है।

अदालती दस्तावेज से खुलासा
चीनी सरकार के लिए वीचैट सोशल मीडिया पर यूजर्स का व्यवहार नियंत्रित करने का बड़ा जरिया है इस पर लोग किससे, क्या बात कर रहे हैं और क्या पढ़-लिख रहे हैं, इस तक की निगरानी की जाती है। एक अदालती दस्तावेज में पता चला है कि अमेरिका में अंडरकवर चीनी सैन्य शोधकर्ताओं को जब चीनी दूतावासों में बात करने की जरूरत पड़ी तो उन्होंने भी वीचैट का इस्तेमाल किया। चीन की सीक्रेट पुलिस विदेशों में धमकी देने के लिए इस प्लेटफार्म का उपयोग करती है।

पूरी दुनिया में सेंसर
वीचैट के घरेलू और विदेशी यूजर्स के लिए अलग-अलग नियम है, लेकिन यूनिफाइड सोशल नेटवर्क के जरिए विदेशों में भी इसकी सेंसरशिप जारी रही। कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय अकाउंट पर सीधे सेंसरशिप नहीं होगी और उनका डाटा विदेशी सर्वरों पर ही सुरक्षित रहेगा। लेकिन थोड़ा समय बाद चीनी और दूसरे देशों के यूजर्स के बीच अंतर खत्म हो गया। जिन चीनी यूजर्स ने चीन में अकाउंट बनाया था और बाद में बाहर रहने लगे तो वे सेंसरशिप के दायरे में आ गए। वहीं विदेशी यूजर अगर चीनियों से बात करते हैं तो उनकी बातचीत भी सेंसर हो सकती है।


रोज 45 अरब संदेशों का आदान-प्रदान
2011 में टेनसेंट कंपनी के बनाए गए वीचैट एप के 2019 के अंत तक 115 करोड़ यूजर थे। इस पर रोजाना 45 अरब संदेशों का आदान-प्रदान होता है। वीचैट की पहुंच आपके मोबाइल के कैमरे, एड्रेस बुक और तस्वीरों तक होती है। वह इसकी जानकारी कभी भी अपने सर्वरों पर कॉपी कर सकता है।

विदेशों में रहने वाले चीनी आसानी से इसके जरिए अपने परिवार से हर वक्त जुड़े रहते हैं, लेकिन उन पर चीनी सरकार की पूरी निगरानी रहती है।

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