फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   War with Hamas to cost Israel at least 566 arab rupees know the figures of previous wars

Israel Hamas: हमास से लड़ाई में इस्राइल पर पड़ेगा 566 अरब रुपये का बोझ, जानें पिछली लड़ाइयों में कितना खर्च हुआ

Wed, 18 Oct 2023 03:39 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Wed, 18 Oct 2023 03:39 PM IST
विज्ञापन
सार
हिब्रू विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर इयाल विंटर ने कहा कि इस युद्ध का इस्राइल की अर्थव्यवस्था पर काफी असर होगा। हालांकि, आर्थिक क्षति इस बात पर निर्भर करेगी कि रिजर्व सैनिक कितने समय तक नौकरियों के लिए देश से दूर रहेंगे। 
loader
War with Hamas to cost Israel at least 566 arab rupees know the figures of previous wars
इस्राइल - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

सात अक्तूबर को हमास और इस्राइल के बीच शुरू हुई लड़ाई अब भी जारी है। शुरुआती हमले में ही इस्राइल को जान और माल का भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस संघर्ष में अब तक करीबन 1400 इस्राइली नागरिकों की मौत हो चुकी है। वहीं सैकड़ों की संख्या में इमारतें नष्ट हो गईं। 



हमास के हमले के बाद इस्राइल लगातार गाजा पट्टी पर हमला कर रहा है। इस्राइल ने साफ कहा है कि युद्ध हमास ने शुरू किया, लेकिन खत्म वह ही करेगा। ऐसे में आशंका है कि युद्ध लंबे समय तक जारी रहेगा, जिसका असर इस्राइल की अर्थव्यवस्था पर होगा। 

अभी इस्राइल की अर्थव्यवस्था की क्या स्थिति है?
हमास-इस्राइल के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद लगातार अर्थशास्त्री आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि लड़ाई इस्राइल के अर्थतंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित करेगी। इस्राइल में लंबे समय तक संघर्ष जारी रहने से यहां पर्यटन और निर्यात क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, कई प्रमुख रोजगार क्षेत्र युद्ध के दौरान निर्बाध रूप से जारी रहेंगे, क्योंकि इनमें भारी मात्रा में विदेशी कर्मचारी काम कर रहे हैं।

इसमें इस्राइल का रासायनिक क्षेत्र भी शामिल है, जो निर्यात का एक प्रमुख स्रोत है। मृत सागर क्षेत्र खनिजों से समृद्ध है। गाजा पट्टी से महज 20 मील उत्तर में मौजूद अशदोद बंदरगाह पोटाश निर्यात का एक प्रमुख केंद्र है। इस हफ्ते शेयर बाजार में इस्राइल से होने वाली पोटाश आपूर्ति में समस्या की आशंका के चलते असर दिखा। इस सप्ताह की शुरुआत में मोजेक और सीएफ इंडस्ट्रीज सहित कई अहम उर्वरक शेयरों में उछाल देखा गया। सात अक्तूबर को हमले के बाद कारोबार के पहले दिन दोनों उर्वरक लगभग सात फीसदी बढ़े थे।

वहीं इस सप्ताह अब तक मुख्य इस्राइली स्टॉक इंडेक्स छह फीसदी गिर गया है। यरूशलेम में हिब्रू विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर इयाल विंटर का मानना है, 'हमें भयानक नुकसान होगा, लेकिन गाजा वर्षों से एक अस्थिर समस्या रही है, इस युद्ध से उसका अंत होना चाहिए।'

इस्राइल की सैन्य शक्ति
इस्राइल की सैन्य शक्ति - फोटो : AMAR UJALA

इस्राइल के लिए लड़ाई के क्या मायने हैं?
जैसा कि इस्राइल ने गाजा में हमास के खिलाफ अभियान शुरू किया है जिसके लिए उसे सैनिकों की तैनाती और आवाजाही करानी होगी। हमास के आतंकवादी हमले का जवाब देने के लिए इस्राइल के रक्षा बलों ने तीन लाख से अधिक आरक्षित सैनिकों को ड्यूटी पर बुलाया। इस्राइल की थल सेना, वायु सेना और नौसेना में 1,50,000 सदस्य शामिल हैं। वहीं, रिजर्व फोर्स में लगभग 4,50,000 सदस्य हैं।

सैन्य अभियान के लिए अब अधिक सरकारी खर्च की आवश्यकता होगी। वहीं खर्च बढ़ने का अर्थ यह हो सकता है कि उच्च ब्याज दर वाले माहौल में अतिरिक्त धन उधार लेना होगा और कर बढ़ाए जा सकते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।

विंटर ने इस्राइल के युद्धों के आर्थिक प्रभाव का अध्ययन किया है। विंटर ने कहा कि इस युद्ध का इस्राइल की अर्थव्यवस्था पर काफी असर होगा। हालांकि, आर्थिक क्षति इस बात पर निर्भर करेगी कि रिजर्व सैनिक कितने समय तक नौकरियों के लिए देश से दूर रहेंगे। 90 लाख की आबादी वाले इस्राइल का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) $521.69 बिलियन है। 

उन्होंने कहा कि इस तरह के मामले में पर्यटक आने तुरंत बंद हो जाते हैं लेकिन उम्मीद है कि लड़ाई खत्म होने पर पर्यटन में भी बड़ी वृद्धि होगी।

इस्राइल की सैन्य शक्ति
इस्राइल की सैन्य शक्ति - फोटो : AMAR UJALA

युद्ध में इस्राइल को खर्च करने होंगे $6.8 बिलियन 
बैंक हापोलिम  ने कहा कि इस्राइल और हमास समूह के बीच युद्ध की लागत कम से कम $ 6.8 बिलियन (करीब 566 अरब रुपये) होने का अनुमान है। इससे पहले बैंक हापोलिम के मुख्य रणनीतिकार मूडी शफरीर ने कहा, 'वर्तमान समय में यह जानना बेहद मुश्किल है कि युद्ध कैसे आगे बढ़ेगा, क्या इस्राइल गाजा में एक जमीनी अभियान शुरू करेगा जिसमें कई सप्ताह लगेंगे। क्या उत्तर में भी एक अभियान शुरू किया जाएगा। यदि हां तो तब तक रिजर्व सैनिकों को ड्यूटी पर लगाया जाएगा। मौजूदा युद्ध की लागत जीडीपी का कम से कम 1.5% होगी।'

इस्राइल की सैन्य शक्ति
इस्राइल की सैन्य शक्ति - फोटो : AMAR UJALA

पिछले युद्धों में इस्राइल को कितना खर्च करना पड़ा?
इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज (आईएनएसएस) के अनुसार, 2006 में दूसरे लेबनान युद्ध का खर्च $ 2.4 बिलियन यानी इस्राइल की जीडीपी का 1.3% अनुमानित किया गया था। यह लड़ाई 34 दिनों तक चली थी। 

दिसंबर 2008 से जनवरी 2009 तक ऑपरेशन कास्ट लीड की लागत $835 मिलियन आंकी गई थी। इस्राइल के पिछले युद्धों ने रॉकेट के कारण देश के कुछ हिस्से को गंभीर रूप से प्रभावित किया था। शफरीर ने कहा, 'पिछले अनुभव से पता चलता है कि जीडीपी पर युद्ध का प्रभाव मुख्य रूप से निजी उपभोग और पर्यटन के आंकड़ों में दिख सकता है। आकलन है कि वर्तमान युद्ध कई हफ्तों तक चलेगा जिससे पिछले युद्ध की तुलना में इस्राइल की अर्थव्यवस्था को सीधा नुकसान होगा।'

इस्राइल की सैन्य शक्ति
इस्राइल की सैन्य शक्ति - फोटो : AMAR UJALA

किन क्षेत्रों में ज्यादा असर हो सकता है?
सात अक्तूबर को हमले के बाद इस्राइल ने युद्ध की स्थिति घोषित कर दी। उधर संघर्ष शुरू होते ही लोकल स्टॉक और बांड गिर गए। फिलहाल देश में कई व्यवसाय और स्कूल बंद हैं, जबकि एयरलाइंस ने राजधानी तेल अवीव के लिए अधिकांश उड़ानें बंद कर दी हैं। केंद्रीय बैंक ने पिछले सप्ताह कहा था कि वह इस्रायली मुद्रा शेकेल को गिरने से रोकने के लिए 30 अरब डॉलर तक की विदेशी मुद्रा बेचेगा। 

इस बीच अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चेतावनी दी कि विश्व अर्थव्यवस्था को इस्राइल-हमास आतंकवादियों के बीच युद्ध से नई अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। संघर्ष से तेल की कीमतों में गिरावट देखी जा सकती है।

आईएमएफ ने कहा कि उसे उम्मीद है कि 2024 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि इस साल अनुमानित 3% से धीमी होकर 2.9% हो जाएगी। अगले वर्ष के लिए पूर्वानुमान जुलाई में अनुमानित 3% से एक पायदान नीचे है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed