फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   War on Gaza: Israeli strike kills children playing in the street news in hindi

War: 10 साल की मासूम को बाहर खेलने की जिद पड़ी भारी, इस्राइली हमले में गई जान; पिता ने कहा- मुझसे बार-बार...

Fri, 06 Sep 2024 09:32 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, यरुशलम Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 06 Sep 2024 09:32 AM IST
सार

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें 10 साल की ताला अबू अजवा खून से लथपथ दिखाई दे रही है। गाजा सिटी के बैपटिस्ट अस्पताल में बच्ची के पैर में गुलाबी रंग के स्केट्स बंधे हुए दिख रहे।
 

विज्ञापन
War on Gaza: Israeli strike kills children playing in the street news in hindi
हमले में 10 साल की मासूम बच्ची की गई जान - फोटो : एक्स

विस्तार

हमास और इस्राइल बीते 11 महीने से जंग लड़ रहे हैं। इसकी वजह से गाजा में आम नागरिकों का जीवन तहस-नहस हो गया है। अब इस्राइली हमले में एक 10 साल की मासूम की जान चली गई है। बेचारी बच्ची को क्या पता था कि उसे घर के बाहर खेलना इतना भारी पड़ जाएगा। 

विज्ञापन


गुलाबी रंग के स्केट्स...
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें 10 साल की ताला अबू अजवा खून से लथपथ दिखाई दे रही है। गाजा सिटी के बैपटिस्ट अस्पताल में बेजान बच्ची के पैर में गुलाबी रंग के स्केट्स बंधे हुए दिख रहे हैं। डॉक्टरों की लाख कोशिशों के बाद भी बच्ची को बचाया नहीं जा सका। 
विज्ञापन


बाहर खेलने की कर रही थी जिद
दरअसल, इस्राइल लगातार गाजा पर जवाबी हमले कर रहा है। ऐसे में हुसाम सलाह अबू अजवा ने अपनी बच्ची को पहले बाहर खेलने से कई बार मना किया, लेकिन उसके जिद करने पर आखिरकार वह मान गए। उन्होंने उसे घर के पास अपने दोस्तों के साथ गुलाबी रंग के स्केट्स चलाने की अनुमति दे दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ताला के पिता हुसाम ने बताया, 'वह अपने दोस्तों के साथ खेलने के लिए बाहर जाना चाहती थी। वह बार-बार यह कहकर परेशान कर रही थी कि उसे देर नहीं देगी। हालांकि, उसकी मां ने डर की वजह से उसे जाने से मना कर दिया। तब ताला ने अपने दोस्तों की मम्मी को फोन किया वह उसकी मां को खेलने के लिए मना लें।'

कुछ ही मिनट बाद धमाकों की आवाज सुनी
उन्होंने आगे बताया, 'आखिरकार करीब पांच बजे उसकी मां मान गई और उसे खेलने के लिए जाने दिया। बच्ची मध्य गाजा सिटी में अपने घर के बाहर पड़ोसियों के साथ खेल रही थी। उसे कुछ ही मिनट हुए थे बाहर गए कि दो बड़े धमाकों की आवाज सुनी। आवाज सुनकर हमारे दिमाग में यही आया कि हमारी बच्ची घर पर नहीं है। इसलिए मैं उसे ढूंढने चला गया।'

धुआं और धूल ही दिख रही थी
जब पिता हुसाम घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां धुआं और धूल थी। इसकी वजह से ताला को ढूंढना मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा, 'मैं कुछ भी नहीं देख सकता था। सिर्फ धुआं दिख रहा था। मैं हर जगह तलाश कर रहा था और एक जगह से दूसरी जगह जा रहा था। तभी मुझे आखिरकार उसकी गुलाबी रोलर स्केट दिखे। मैंने उसे उसके रोलर स्केट से पहचान लिया। मैं उसके पास गया और उसे जमीन पर पड़ा पाया। वह अपनी आखिरी सांसें ले रही थी।'

उन्होंने आगे कहा, 'मैं तुरंत बैपटिस्ट अस्पताल ले गया। जब मैं उसे अस्पताल ले गया तब वह जिंदा थी, लेकिन उसकी चोटें गंभीर थीं। मुझे डर था कि मैं उसे खो दूंगा, लेकिन उसे जिंदा रखने के लिए मैं जो कुछ भी कर सकता था वह किया। एक छर्रा उसकी गर्दन में घुस गया था, जिससे नस कट गई थी और भारी खून बह रहा था। उसके कपड़े खून से लथपथ थे। डॉक्टरों की काफी कोशिशों के बाद भी वह जिंदा नहीं रह पाई।'




पिता ने गुरुवार बताया, 'उसने मुझसे कई बार विनती की थी की डैडी, कृपया मुझे बाहर जाने दो। मुझे उसके लिए बुरा लग रहा था कि वह बाहर बच्चों के साथ खेलना चाहती थी। इसलिए जाने दिया।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed