फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Wall Street investment companies are investing in china economy, after goldman sachs JP Morgan is also entering

वॉल स्ट्रीट की कंपनियां अब चमका रही हैं चीन के वित्तीय बाजार को, जेपी मॉर्गन भी कर रही एंट्री की तैयारी

Tue, 08 Jun 2021 07:18 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 08 Jun 2021 07:18 PM IST
सार

विशेषज्ञों के मुताबिक 2020 में चीन ने ये सबक सीखा कि धन को आने और बाहर जाने की इजाजत देने की रणनीति कारगर रही है। इसलिए चीन सरकार देश में विदेशी मांग और पूंजी प्रवाह को बढ़ावा दे रही है। इससे चीन की आर्थिक विकास दर को बल मिला है। इसकी वजह से चीन कोरोना महामारी के असर से जल्द उबर गया...

विज्ञापन
Wall Street investment companies are investing in china economy, after goldman sachs JP Morgan is also entering
चीनी करेंसी - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

अमेरिका के जाने-माने इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्श ने हाल में चीन के वित्तीय बाजार में लंबा दांव लगाया। इस खबर की दुनिया भर में चर्चा हुई। हालांकि गोल्डमैन सैक्श ने 1994 में ही चीन में अपना दफ्तर खोल लिया था, लेकिन वहां अब तक उसका निवेश ज्यादा नही था। अब उसने सरकारी कंपनी इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चाइना में 51 फीसदी हिस्सा खरीद लिया है। वैसे चीन में इतना बड़ा दांव खेलने वाला वह अकेला अमेरिकी संस्थान नहीं है।

विज्ञापन


पिछले ही हफ्ते एक और बड़ी अमेरिकी इन्वेस्टमेंट संस्था जेपी मॉर्गन ने चीन के सिक्योरिटीज वेंचर में बड़ा हिस्सा खरीदने की अर्जी दी। उसने चीन कई कंपनियों में नौकरियों की भर्ती की निगरानी का ठेका भी लिया है। उधर अमेरिकी कंपनी ब्लैकरॉक इंक. को ने चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक में 50.1 प्रतिशत हिस्सा खरीदने के लिए चीन सरकार की मंजूरी मिल गई है। इस कंपनी ने अब एशिया में अपना मुख्यालय टोक्यो से हटाकर शंघाई में बना लिया है।
विज्ञापन


चीन को अपने कारोबार बढ़ा रहीं कंपनियां सिर्फ अमेरिका की ही नही हैं। एचएसबीसी बैंक ने अमेरिका में रिटेल बैंकिंग कारोबार बंद करने और चीन में अपना कारोबार बढ़ाने का एलान किया है। फ्रांस की एसेट मैनेजर कंपनी अमुंदी ने बैंक ऑफ चाइना के साथ अपना रिश्ता हाल में मजबूत किया है। क्रेडिट सुइसे कंपनी चीन में अपने कर्मचारियों की संख्या तेजी से बढ़ा रही है। सिटी ग्रुप ने चीन के सिक्युरिटीज बिजनेस में अपनी भागीदारी बढ़ाने की अर्जी दी है। इस लिस्ट में नोमुरा होल्डिंग्स, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और यूबीएस के भी नाम हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गौरतलब है कि कुछ महीने पहले चीन सरकार ने देश के वित्तीय बाजार को विदेशी कंपनियों के लिए खोलने का फैसला किया था। उसके बाद से उन कंपनियों की कतार लग गई, जिनका मुख्य कारोबार वॉल स्ट्रीट यानी अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज रहा है। गोल्डमैन शैक्स ने एक रिपोर्ट में कहा है कि 2030 तक चीन के लोगों के पास 70 ट्रिलियन डॉलर की निवेश योग्य रकम होगी। ये रकम अमेरिका के सालाना सकल घरेलू उत्पाद से साढ़े तीन गुना ज्यादा है। जापान के सालाना जीडीपी से यह 14 गुना ज्यादा है। गोल्डमैन सैक्श को उम्मीद है कि चीन के लोग इस रकम का निवेश सिक्योरिटीज, पब्लिक फंड और वेल्थ मैनेजमेंट फंड्स में करेंगे।

गोल्डमैन सैक्श के एशिया प्रशांत क्षेत्र के बिजनेस प्रमुख तुआन लैम ने हांगकांग की वेबसाइट एशिया टाइम्स से कहा- ‘घरेलू धन में बढ़ोतरी और लगातार जारी वित्तीय बाजार सुधारों के कारण चीन की वेल्थ मैनेजमेंट इंडस्ट्री विकसित हुई है।’ 2019-2020 में चीन ने अपनी वित्तीय व्यवस्था में बड़े सुधार किए। उसने अपने शेयर और बॉन्ड बाजारों को विदेशी कंपनियों के लिए खोल दिया। चाइना बैंकिंग एंड इंश्योरेंस रेगुलेटरी कमीशन के प्रमुख गुओ शुछिंग ने एशिया टाइम्स से कहा कि चीन विदेशी निवेश के रास्ते की रुकावटें लगातार हटाता रहेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बचत में वृद्धि की दर अक्सर देश की वित्तीय शक्ति से जुड़ी होती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक 2020 में चीन ने ये सबक सीखा कि धन को आने और बाहर जाने की इजाजत देने की रणनीति कारगर रही है। इसलिए चीन सरकार देश में विदेशी मांग और पूंजी प्रवाह को बढ़ावा दे रही है। इससे चीन की आर्थिक विकास दर को बल मिला है। इसकी वजह से चीन कोरोना महामारी के असर से जल्द उबर गया।

अमेरिका में कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्री ईश्वर प्रसाद ने एशिया टाइम्स से कहा कि चीन एक बार फिर आर्थिक तबाही से दुनिया को बाहर निकालने वाला इंजन बन रहा है। इस बार उसकी ये भूमिका 2008-09 की मंदी के दौरान निभाई गई भूमिका से भी बड़ी है।


लेकिन बहुत सी कंपनियां अभी आशंकित भी हैं। चीन के वित्तीय बाजार में आज भी सरकार का बड़ा दखल है। ऐसे में उन्हें आशंका है कि अभी की उदार नीति आगे चल कर बदल सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed