रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का आज जन्मदिन है। दुनिया के सर्वाधिक ताकतवर नेताओं में शुमार पुतिन आज 66 साल के हो गए हैं। रूस का विकास और विश्व में बना देश का सम्मान पुतिन की कोशिशों और राजनीतिक समझ की देन है। स्टालिन के बाद अगर किसी दूसरे रूसी नेता ने वैश्विक पहचान बनाई है तो वे पुतिन हैं।
पुतिन का जन्मदिन आज, जानिए केजीबी एजेंट से रूसी राष्ट्रपति बनने तक का सफर
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कैसा रहा शुरुआती जीवन-
सात अक्टूबर 1952 को रूस के लेनिनग्राद में जन्मे राष्ट्रपति पुतिन का पूरा नाम व्लादिमीर व्लादिमीरोविच पुतिन है। इनकी परवरिश बहुत ही मुश्किल भरे हालातों में हुई। वहां स्थानीय लड़कों के बीच मार-पीट आम बात थी, ये लड़के कई बार उनसे बड़े और ताकतवर होते थे। इसी बात ने पुतिन की जुडो-कराटे में रुचि जगाई थी, पुतिन जुड़ो में ब्लैक बेल्ट भी हैं। इसके अलावा पुतिन योग, खेल और घुड़सवारी में भी सक्रिय रहते हैं पुतिन की इस तरह की गतिविधियों को लेकर देश-विदेश में उनकी मॉचो-मैन वाली छवि प्रचलित है।
कैसे पंहुचे केजीबी-
मुश्किल हालातों का सामना कर पुतिन ने कानून की पढ़ाई में स्नातक किया और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रूसी खुफिया एजेंसी केजीबी में एक मामूली सा ओहदा हासिल किया। केजीबी में पुतिन बहुत ही साधारण से पद पर तैनात थे, वहां उनके जैसे हजारों थे। सिस्टम और सोवियत संघ से त्यागे जाने के बाद वे मुख्य राजनीति से किनारे हो गए थे। उस समय मेयर ऑफिस, को एक मजबूत शख्स की जरूरत थी और पुतिन उसमें फिट बैठ रहे थे। केजीबी में काम करने के नाते पुतिन को राजनीति में प्रवेश मिला और उन्होंने अगले दो दशकों तक चलने वाली अपनी राजनीतिक पारी की सफल शुरुआत की।
राजनीति का रुख किया
केजीबी में विदेशी खुफिया अधिकारी के तौर पर 15 साल सेवा करने के बाद 1990 के दशक में पुतिन ने राजनीति का रुख किया। 1997 में पुतिन रूस के राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन की सरकार में शामिल हुए जहां उन्हें संघीय सुरक्षा सेवा का प्रमुख (प्रधानमंत्री) बनाया गया।
कैसे बने राष्ट्रपति-
1999 में जब येल्तसिन ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया तो पुतिन कार्यवाहक राष्ट्रपति बना गये। इसके बाद 2000 और 2004 के राष्ट्रपति चुनावों में जीत हासिल की। हालांकि दोनों चुनावों में जीत के बाद वे रूसी संविधान के मुताबिक तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ पाए लेकिन 2012 में हुए चुनाव की जीत हासिल करने के बाद, 2018 के चुनावों में जीतकर वे चौथी बार राष्ट्रपति बने।