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US: राष्ट्रपति पद के दावेदार से गवर्नर पद के उम्मीदवार तक, कौन हैं विवेक रामास्वामी जो ओहायो से लड़ेंगे चुनाव?
Tue, 25 Feb 2025 06:39 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 25 Feb 2025 06:39 PM IST
सार
विवेक रामास्वामी कौन हैं? रिपब्लिकन पार्टी के इस नेता का भारत से क्या नाता है? उनकी शिक्षा से लेकर कारोबार और फिर राजनीति में आने का सफर कैसा रहा है? एलन मस्क के साथ सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) में नियुक्ति के बाद उन्होंने इसे छोड़ क्यों दिया? अब ओहायो के गवर्नर पद के लिए खड़े होने की क्या वजह है? आइये जानते हैं...
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डोनाल्ड ट्रंप के साथ विवेक रामास्वामी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव में दावेदारी पेश कर चुके भारतवंशी विवेक रामास्वामी ने अब ओहायो राज्य को गवर्नर के पर पर अपनी दावेदारी पेश की है। गौरतलब है कि अब राष्ट्रपति ट्रंप ने भी विवेक रामास्वामी के समर्थन का एलान कर दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसका एलान किया और विवेक रामास्वामी को खास बताया।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ पर लिखे एक पोस्ट में लिखा कि 'विवेक रामास्वामी महान राज्य ओहायो के गवर्नर पद की रेस में हैं। मैं उन्हें अच्छी तरह से जानता हूं और उनके खिलाफ चुनाव भी लड़ चुका हूं। वह बेहद खास हैं। वह युवा हैं, मजबूत और बेहद समझदार हैं। विवेक एक अच्छे इंसान भी हैं, जो हमारे देश को बेहद प्यार करते हैं। वह एक ओहायो के एक महान गवर्नर होंगे और कभी भी लोगों को निराश नहीं करेंगे। उन्हें मेरा पूर्ण समर्थन है।'
इन घटनाक्रमों के बीच यह जानना अहम है कि विवेक रामास्वामी कौन हैं? रिपब्लिकन पार्टी के इस नेता का भारत से क्या नाता है? उनकी शिक्षा से लेकर कारोबार और फिर राजनीति में आने का सफर कैसा रहा है? एलन मस्क के साथ सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) में नियुक्ति के बाद उन्होंने इसे छोड़ क्यों दिया? अब ओहायो के गवर्नर पद के लिए खड़े होने की क्या वजह है? आइये जानते हैं...
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डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ पर लिखे एक पोस्ट में लिखा कि 'विवेक रामास्वामी महान राज्य ओहायो के गवर्नर पद की रेस में हैं। मैं उन्हें अच्छी तरह से जानता हूं और उनके खिलाफ चुनाव भी लड़ चुका हूं। वह बेहद खास हैं। वह युवा हैं, मजबूत और बेहद समझदार हैं। विवेक एक अच्छे इंसान भी हैं, जो हमारे देश को बेहद प्यार करते हैं। वह एक ओहायो के एक महान गवर्नर होंगे और कभी भी लोगों को निराश नहीं करेंगे। उन्हें मेरा पूर्ण समर्थन है।'
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इन घटनाक्रमों के बीच यह जानना अहम है कि विवेक रामास्वामी कौन हैं? रिपब्लिकन पार्टी के इस नेता का भारत से क्या नाता है? उनकी शिक्षा से लेकर कारोबार और फिर राजनीति में आने का सफर कैसा रहा है? एलन मस्क के साथ सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) में नियुक्ति के बाद उन्होंने इसे छोड़ क्यों दिया? अब ओहायो के गवर्नर पद के लिए खड़े होने की क्या वजह है? आइये जानते हैं...
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कौन हैं विवेक रामास्वामी, भारत से क्या नाता?
रामास्वामी का जन्म 1985 में दक्षिण पश्चिम ओहियो के सिनसिनाटी में हुआ था। उनके पिता वी.जी. रामास्वामी मूलतः केरल के पलक्कड़ से हैं। केरल के एक स्थानीय कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उनके पिता वी.जी. रामास्वामी, ओहियो के इवेंडेल में जनरल इलेक्ट्रिक प्लांट में काम करने गए। विवेक की मां सिनसिनाटी में एक मनोचिकित्सक थीं। उनकी पत्नी अपूर्वा तिवारी रामास्वामी ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी वेक्सनर मेडिकल सेंटर में डॉक्टर हैं।
रामास्वामी का जन्म 1985 में दक्षिण पश्चिम ओहियो के सिनसिनाटी में हुआ था। उनके पिता वी.जी. रामास्वामी मूलतः केरल के पलक्कड़ से हैं। केरल के एक स्थानीय कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उनके पिता वी.जी. रामास्वामी, ओहियो के इवेंडेल में जनरल इलेक्ट्रिक प्लांट में काम करने गए। विवेक की मां सिनसिनाटी में एक मनोचिकित्सक थीं। उनकी पत्नी अपूर्वा तिवारी रामास्वामी ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी वेक्सनर मेडिकल सेंटर में डॉक्टर हैं।
शिक्षा पर एक नजर
सिनसिनाटी के सेंट जेवियर हाई स्कूल से रामास्वामी ने अपनी आरंभिक शिक्षा ली। उच्च शिक्षा के लिए वह हार्वर्ड और येल लॉ स्कूल गए। रामास्वामी ने हार्वर्ड में स्नातक की डिग्री येल में कानून की डिग्री हासिल की। उन्होंने कॉलेज में जीव विज्ञान का अध्ययन किया।
कारोबार जगत में जाना-माना चेहरा
विवेक रामास्वामी बायोटेक कारोबार में जाना-माना चेहरा हैं। रामास्वामी दवाओं को विकसित करने के लिए बायोटेक कंपनी रोइवेंट साइंसेज चलाते हैं। उन्होंने 2016 की सबसे बड़ी जैव प्रौद्योगिकी फर्म मायोवैंट साइंसेज की स्थापना की थी। अप्रैल में कंपनी बनाने के बाद उन्होंने प्रोस्टेट कैंसर की दवा और महिला बांझपन की दवा के लिए टाकेडा फार्मास्युटिकल्स के साथ एक सौदा किया था।
सिनसिनाटी के सेंट जेवियर हाई स्कूल से रामास्वामी ने अपनी आरंभिक शिक्षा ली। उच्च शिक्षा के लिए वह हार्वर्ड और येल लॉ स्कूल गए। रामास्वामी ने हार्वर्ड में स्नातक की डिग्री येल में कानून की डिग्री हासिल की। उन्होंने कॉलेज में जीव विज्ञान का अध्ययन किया।
कारोबार जगत में जाना-माना चेहरा
विवेक रामास्वामी बायोटेक कारोबार में जाना-माना चेहरा हैं। रामास्वामी दवाओं को विकसित करने के लिए बायोटेक कंपनी रोइवेंट साइंसेज चलाते हैं। उन्होंने 2016 की सबसे बड़ी जैव प्रौद्योगिकी फर्म मायोवैंट साइंसेज की स्थापना की थी। अप्रैल में कंपनी बनाने के बाद उन्होंने प्रोस्टेट कैंसर की दवा और महिला बांझपन की दवा के लिए टाकेडा फार्मास्युटिकल्स के साथ एक सौदा किया था।
वह बायोफार्मा स्पेस में कई अन्य कंपनियों के संस्थापक भी हैं, जिनमें मायोवैंट साइंसेज, यूरोवेंट साइंसेज, एंजीवेंट थेराप्यूटिक्स, अल्टावेंट साइंसेज और स्पिरोवैंट साइंसेज शामिल हैं। 37 वर्षीय दूसरी पीढ़ी के भारतीय अमेरिकी ने कम ही समय में बायोटेक क्षेत्र में उनका नाम हो गया। 2015 में फोब्स पत्रिका के कवर पर उन्हें फीचर किया गया। फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, 2014 में 30 से कम उम्र वाले सबसे अमीर उद्यमियों में विवेक 30वें स्थान पर थे। वहीं 2016 में 40 से कम उम्र वाले 24वें सबसे अमीर उद्यमी थे।
पिछले साल उतरे थे चुनावी दौड़ में
भारतीय-अमेरिकी उद्यमी विवेक रामास्वामी ने सबसे पहले राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का फैसला किया था। उन्होंने भी रिपब्लिकन पार्टी की ओर से उम्मीदवारी भी पेश की थी। बाद में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दावेदारी और बढ़त को देखते हुए रामास्वामी ने अपना नाम वापस ले लिया और ट्रंप का खुले तौर पर समर्थन किया। आखिरकार पांच नवंबर को आया नतीजा सबके सामने हैं। जनता ने डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति के तौर पर चुना।
भारतीय-अमेरिकी उद्यमी विवेक रामास्वामी ने सबसे पहले राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का फैसला किया था। उन्होंने भी रिपब्लिकन पार्टी की ओर से उम्मीदवारी भी पेश की थी। बाद में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दावेदारी और बढ़त को देखते हुए रामास्वामी ने अपना नाम वापस ले लिया और ट्रंप का खुले तौर पर समर्थन किया। आखिरकार पांच नवंबर को आया नतीजा सबके सामने हैं। जनता ने डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति के तौर पर चुना।
ट्रंप के पसंदीदा नेताओं में से एक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विवेक रामास्वामी को कितना पसंद करते हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पहले ही ट्रंप ने एलान किया था कि विवेक रामास्वामी सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) में एलन मस्क का साथ देंगे। ट्रंप के इस एलान के बाद रामास्वामी ने उनका फैसला मंजूर किया और कुछ दिन के लिए विभाग में काम भी किया। हालांकि, बाद में डोज में कुछ मतभेदों के कारण उन्होंने विभाग को छोड़ने की पुष्टि कर दी।
रामास्वामी ने गवर्नर पद में क्यों दिखाई दिलचस्पी?
विवेक रामास्वामी अगले साल ओहायो के गवर्नर पद के लिए होने वाले चुनाव में उम्मीदवार होंगे। इससे पहले सिनसिनाटी के रहने वाले 39 वर्षीय रामास्वामी ने उपराष्ट्रपति जेडी वैंस की हाल ही में खाली हुई सीनेट सीट में रुचि दिखाई थी। हालांकि, ओहायो के मौजूदा गवर्नर माइक डेविन ने वैंस के उत्तराधिकारी के रूप में लेफ्टिनेंट गवर्नर जॉन हस्टेड को चुना है। ऐसे में रामास्वामी ने ओहायो के गवर्नर पद पर ही उम्मीदवारी पेश करने का फैसला किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विवेक रामास्वामी को कितना पसंद करते हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पहले ही ट्रंप ने एलान किया था कि विवेक रामास्वामी सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) में एलन मस्क का साथ देंगे। ट्रंप के इस एलान के बाद रामास्वामी ने उनका फैसला मंजूर किया और कुछ दिन के लिए विभाग में काम भी किया। हालांकि, बाद में डोज में कुछ मतभेदों के कारण उन्होंने विभाग को छोड़ने की पुष्टि कर दी।
रामास्वामी ने गवर्नर पद में क्यों दिखाई दिलचस्पी?
विवेक रामास्वामी अगले साल ओहायो के गवर्नर पद के लिए होने वाले चुनाव में उम्मीदवार होंगे। इससे पहले सिनसिनाटी के रहने वाले 39 वर्षीय रामास्वामी ने उपराष्ट्रपति जेडी वैंस की हाल ही में खाली हुई सीनेट सीट में रुचि दिखाई थी। हालांकि, ओहायो के मौजूदा गवर्नर माइक डेविन ने वैंस के उत्तराधिकारी के रूप में लेफ्टिनेंट गवर्नर जॉन हस्टेड को चुना है। ऐसे में रामास्वामी ने ओहायो के गवर्नर पद पर ही उम्मीदवारी पेश करने का फैसला किया।