वायरल वीडियो: शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं से तालिबान ने की मारपीट, आंसू गैस के गोले भी दागे
महिलाएं काबुल स्थित राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ रही हैं। तालिबानी लड़ाकों ने महिलाओं को रास्ते में ही रोक दिया है और उन पर आंसू गैस के गोले दागे गए हैं।
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महिलाओं को सभी अधिकार देने की बात करने वाला तालिबान उनकी आवाज को जरा सा भी बर्दाश्त न कर सका। जैसे ही महिलाओं ने हुकूमत के विरोध में आवाज उठाई, तालिबानी लड़ाके हिंसा पर उतर आए। जानकारी के मुताबिक, शनिवार को महिलाओं ने काबुल में जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद तालिबानी लड़ाके हिंसा पर उतर आए और महिलाओं के साथ मारपीट की गई।
राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ रहीं महिलाएं
एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, महिलाएं प्रदर्शन करते हुए काबुल स्थित राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ रही थीं। तभी तालिबानी लड़ाकों की ओर से मारपीट की गई और प्रदर्शनकारी भी उग्र हो गए। इसके बाद तालिबानी लड़ाकों ने राष्ट्रपति भवन के रास्ते में आकर महिलाओं पर आंसू गैस के गोले दागे। जानकारी के मुताबिक, महिलाओं को आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है।
کابل کې د مېرمنو لاریون په تاوتریخوالي اوښتی.
— TOLOnews (@TOLOnews) September 4, 2021
لاریونوالې وایي، دا له هغې وروسته چې طالبانو د ارګ لوري ته د دوی د تللو مخنیوی وکړ.
لاریونوالې وایي طالبانو پرې اوښلن غاز شیندلی او وړاندې تګ ته یې نه پرېږدي.#طلوعنیوز https://t.co/tnJxxrTISN
तालिबानी हुकूमत के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन
सत्ता पर काबिज होते ही तालिबान ने महिलाओं को लेकर कई प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। उन्हें फिर से पर्दे में रहने को कहा जा रहा है और महिलाओं को डर भी है कि तालिबान के रहने से न तो वे सुरक्षित हैं और न ही उनका भविष्य। इसी को लेकर महिलाएं शनिवार को तालिबान के खिलाफ सड़क पर उतर आईं।
दो दिन पहले महिला शिक्षा पर की थी टिप्पणी
तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने दो दिन पहले विदेशी मीडिया से बात की थी। इस दौरान उसने कहा कि हमारी संस्कृति है कि महिलाएं हिजाब पहनकर शिक्षा पा सकती हैं और पर्दे में रहकर काम भी कर सकती हैं। इसलिए हमें महिलाओं के अधिकारों से कोई परेशानी नहीं है। बशर्ते हमारी संस्कृति से समझौता न किया जाए।