फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Violence in Pakistan : As Protests Rage in islamabad, Imran Khan Govt to Ban a Radical Islamist Party tehreek i labaik saad rizvi

खूनी संघर्ष: पाकिस्तान में सड़कें बनीं जंग का मैदान, सात की मौत और 300 घायल, जानें क्यों बन गए गृहयुद्ध जैसे हालात

Thu, 15 Apr 2021 03:27 PM IST
दीप्ति मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Thu, 15 Apr 2021 03:27 PM IST
सार

 पाकिस्तान की सड़कों पर बीते तीन दिनों से कट्टर इस्लामी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक के समर्थक आतंक मचाए हुए हैं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की वजह से पाकिस्तान जंग का अखाड़ा बन चुका है और इस खूनी जंग में अब तक सात लोगों की मौतें हो चुकी हैं और 300 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।

विज्ञापन
Violence in Pakistan :  As Protests Rage in islamabad, Imran Khan Govt to Ban a Radical Islamist Party  tehreek i labaik saad rizvi
पाकिस्तान में हिंसक झड़पें - फोटो : PTI

विस्तार

कंगाली की चौखट पर खड़ा पाकिस्तान एक बार फिर हिंसा की आग की लपटों से झुलस रहा है। पाकिस्तान की सड़कों पर बीते तीन दिनों से कट्टर इस्लामी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक के समर्थक आतंक मचाए हुए हैं। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की वजह से पाकिस्तान जंग का अखाड़ा बन चुका है और इस खूनी जंग में अब तक सात लोगों की मौतें हो चुकी हैं और 300 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं।

विज्ञापन


पाकिस्तान में जो हिंसा की लपटें उठ रहीं हैं, उसके केंद्र में फ्रांस की पत्रिका में पिछले साल पैगंबर मोहम्मद के छपे वह विवादित कार्टून हैं, जिसे लेकर इमरान सरकार को फ्रांस के राजदूत को वापस भेजे जाने को लेकर कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान ने डेडलाइन दी थी। लेकिन प्रदर्शन से पहले ही पार्टी के प्रमुख साद हुसैन रिज्वी की गिरफ्तारी ने पाकिस्तान में गृहयुद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए।सड़कों पर लोगों को हुजूम दिख रहा है। माना जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए इमरान सरकार ने सेना का भी सहारा लिया है और सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच भी हिंसक झड़प की खबरें हैं। इससे जुड़े कई वीडियो-फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हैं।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन



टीएलपी पर लगा प्रतिबंध
पाकिस्तान ने कट्टर इस्लामी पार्टी के समर्थकों की लगातार तीसरे दिन कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ झड़प के बाद तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान को वर्ष 1997 के आतंकवाद रोधी अधिनियम के नियम 11-बी के तहत प्रतिबंधित कर दिया है। गृह मंत्री शेख राशिद अहमद ने बताया कि मैंने तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) पर 1997 के आतंकवाद रोधी अधिनियम के नियम 11-बी के तहत प्रतिबंध लगाने के लिए पंजाब सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उन्होंने यह भी बताया कि बीते दो दिन में प्रदर्शनकारियों के साथ झड़पों में कम से कम दो पुलिस अधिकारियों की मौत हो चुकी है जबकि 340 से ज्यादा घायल हुए हैं। 

पाकिस्तान में बवाल की वजह

तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) समर्थकों ने फ्रांस की पत्रिका में पिछले साल पैगंबर मोहम्मद का कार्टून प्रकाशित करने के लिए फ्रांस के राजदूत को निष्कासित करने के वास्ते इमरान खान सरकार को 20 अप्रैल तक का समय दिया था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने सोमवार को पार्टी के प्रमुख साद हुसैन रिज्वी को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद टीएलपी ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

कौन है साद हुसैन रिज्वी? 
वर्ष 2018 के आम चुनाव में 25 लाख वोट हासिल करने वाली टीएलपी ने साद रिज्वी की गिरफ्तारी के बाद देशभर में सड़कों को बंद कर दिया। साद रिजवी खादिम हुसैन रिज्वी का बेटा है, जिनकी कुछ महीने पहले मौत हो चुकी है। मंत्री ने यह भी कहा कि सभी सड़कों को खाली करा लिया गया है और प्रमुख शहरों के मुख्य चौराहों से प्रदर्शनकारियों को हटाया जा चुका है। 

हजारों कार्यकर्ताओं को डाला जेल में
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने देशभर में टीएलपी के 2,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने का दावा किया है। इनमें से अधिकतर को पंजाब से गिरफ्तार किया गया। खास बात यह है कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ सरकार ने पिछले साल नवंबर में फ्रांसीसी राजदूत को निष्कासित करने पर सहमति जताते हुए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

टीएलपी कब सुर्खियों में आया था

टीएलपी ने पिछले साल नवंबर में कार्टून के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया था। हालांकि फरवरी तक राजदूत को निष्कासित करने का आश्वासन दिए जाने के बाद मामला शांत हो गया था और समझौते को 20 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया। सरकार ने टीएलपी के खिलाफ कार्रवाई की मांगों को लेकर संसद में एक विधेयक लाने का वादा किया था। टीएलपी वर्ष 2017 में चर्चा में आया था, जब उसने इस्लामाबाद के निकट फैसलाबाद चौराहे पर तीन सप्ताह तक विशाल विरोध प्रदर्शन किया था। तत्कालीन सरकार द्वारा कानून मंत्री को हटाए जाने के बाद टीएलपी ने शहर से लॉकडाउन हटाया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed