Pakistan: बुलेट-बम प्रूफ नहीं था पाकिस्तान में चीनी नागरिकों को ले जा रहा वाहन, पुलिस ने सरकार को दी रिपोर्ट
Pakistan: पुलिस ने संघीय सरकार को सौंपी रिपोर्ट में कहा कि हमले में निशाना बनाई गई बस दूसरी बस से 15 फीट की दूरी पर थी। आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे वाहन को कराकोरम राजमार्ग पर चीनी इंजीनियर्स को ले रहे वाहन से टकरा दिया।
विस्तार
पाकिस्तान में पिछले महीने एक आत्मघाती हमले में मारे गए चीनी इंजीनियर्स को ले जा रहा वाहन न तो बुलेट प्रूफ था और न ही बम प्रूफ। संघीय शहबाज शरीफ सरकार को भेजी गई पुलिस की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
वाहन में सवार आत्मघाती हमलावर ने अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के सुदूरवर्ती बेशाम इलाके में चीनी इंजीनियर्स के काफिले को उस वक्त निशाना बनाया था, जब उन्हें प्रांत के कोहिस्तान जिले में दासू पनबिजली स्टेशन के निर्माण स्थल पर ले जाया जा रहा था। इस हमले में पांच चीनी नागरिक और उनके पाकिस्तानी ड्राइवर की मौत हो गई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले में निशाना बनाई गई बस दूसरी बस से 15 फीट की दूरी पर थी। आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे वाहन को कराकोरम राजमार्ग पर चीनी इंजीनियर्स को ले रहे वाहन से टकरा दिया, जिसके बाद वह 300 फीट गहरी खाई में गिर गई। एक प्रमुख मीडिया समूह ने अपनी खबर में यह जानकारी दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी नागरिकों को ले जा रहा वाहन न तो बुलेट और न ही बम प्रूफ था।
इसी तरह की दूसरी रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी नागरिकों को ले जाने वाले काफिले की बसें सीसीटीवी से लैस थीं। यह रिपोर्ट तब सामने आई है, जब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक दिन पहले इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्ला तरार ने कहा, प्रधानमंत्री ने हजारा डिविजन के क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। ऊपरी कोहिस्तान और निचले कोहिस्तान के जिला पुलिस अधिकारियों, दासू पनबिजली परियोजना के निदेशक (सुरक्षा) और खैबर पख्तूनख्वा में विशेष सुरक्षा इकाई के कमांडेंट को 15 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
शरीफ ने शुक्रवार को पाकिस्तान की सभी सुरक्षा एजेंसियों को देश में विभिन्न परियोजनाओं में काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। इस बीच चीन ने भी हमले को लेकर चिंता जाहिर की है और पाकिस्तान में विभिन्न परियोजनाओं में काम कर रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा की मांग की है। हजारों चीनी कर्मचारी पाकिस्तान में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के तहत कई परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं।