{"_id":"608c9fc1a6b7a7687e1f939f","slug":"vatican-priests-have-to-convey-property-pope-enacted-legislation-to-end-corruption","type":"story","status":"publish","title_hn":"भ्रष्टाचार पर शिकंजा :वेटिकन के पादरियों को बतानी होगी अपनी संपत्ति ","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
भ्रष्टाचार पर शिकंजा :वेटिकन के पादरियों को बतानी होगी अपनी संपत्ति
Sat, 01 May 2021 06:03 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला रिसर्च टीम
अमर उजाला रिसर्च टीम
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 01 May 2021 06:03 AM IST
सार
- पोप फ्रांसिस द्वारा बनाए गए कानून के अनुसार, अब हर 2 साल में जानकारी अपडेट करानी होगी
- पोप के आदेश तक प्रशसकों व प्रबंधकों को प्रमाणित करना होगा कि भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, मानव तस्करी, आतंकवाद, करचोरी और मनी लोड्रिंग से जुड़े मामलों में उनके खिलाफ कभी जांच नहीं हुई है
विज्ञापन
pop francis
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रोमन कैथोलिक चर्च में उच्च पदों पर भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए पोप फ्रांसिस ने नया कानून बनाया है। इसके तहत वेटिकन व प्रबंधकों और वरिष्ठ पादरियों को अपनी संपत्ति का खुलासा करना होगा। साथ ही वे 50 डॉलर (3700 सौ रुपये) ज्यादा का कोई भी उपहार नहीं ले सकेंगे।
विज्ञापन
शिकंजा : पोप ने भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए बनाया कानून
पोप के मुताबिक, उनका मकसद चर्च में भ्रष्टाचार रोककर वित्तीय पारदर्शिता लाना है। उन्होंने बाइबल का हवाला देते हुए का छोटी चीजों में ईमानदारी महत्वपूर्ण चीजों में ईमानदारी से जुड़ी हुई है। इसी तरह छोटे मामलों में ईमानदारी का नतीजा बड़े मामलों में मनमानी के रूप में दिखता है। पोप के आदेश तक प्रशसकों व प्रबंधकों को प्रमाणित करना होगा कि भ्रष्टाचार धोखाधड़ी, मानव तस्करी, आतंकवाद, कर चोरी और मनी लोड्रिंग से जुड़े मामलों में उनके खिलाफ कभी जांच नहीं हुई है।
विज्ञापन
उन्हें हर 2 साल में यह जानकारी अपडेट करानी होगी। इसके अलावा वेटिकन स्टाफ के टैक्स हैवन देशों का या कंपनियों में पैसे रखने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। वे अवैध तरीकों से कमाए पैसों से सामान लेकर जमीन-जायदाद तक नहीं खरीद सकेंगे। ऐसी किसी कंपनी के शेयर में निवेश नहीं कर पाएंगे, जो चर्च की सामाजिक शिक्षा के खिलाफ है।
विज्ञापन