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चीन में 70 साल का कम्यूनिस्ट शासन दमन और उत्पीड़न का प्रतीक : वर्ल्ड उइगर कांग्रेस

Wed, 02 Oct 2019 04:14 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 02 Oct 2019 04:14 AM IST
सार

  • चीन में कम्युनिस्ट शासन के 70 साल पूरे होने पर किया गया प्रदर्शन
  • चीन की दमनकारी नीतियों का विरोध, अधिकारों और आजादी की मांग
  • उइगर मुसलमानों के साथ हांगकांग और तिबत के लोग भी शामिल हुए
  • वर्ल्ड उइगर कांग्रेस के प्रदर्शन में यूरोपियन संसद के सदस्य भी आए

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Uyghurs, Tibetans and Hongkongers gathered in Brussels to protest against Chinese oppression
चीन के विरोध में प्रदर्शन - फोटो : एएनआई

विस्तार

विश्व उइगर कांग्रेस ने मंगलवार को चीन में कम्युनिस्ट शासन के 70 साल पूरे होने के मौके पर चीनी दबाव व दमन की नीति के विरोध में बेल्जियम के ब्रसेल्स में प्रदर्शन किया। इसमें उइगर मुसलमानों के साथ हांगकांग और तिब्बत के लोग भी शामिल रहे। यूरोपियन संसद के कुछ सदस्य भी यहां मौजूद रहे।

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विश्व उइगर कांग्रेस ने एक बयान में कहा, 'एक उइगर होने के नाते, जिन्होंने कई सालों तक दमन सहा है, चीन के दावे को मानना असंभव है कि ये 70 साल साझा समृद्धि लाए हैं। कशगर या होतान में किसी भी एक उइगर परिवार से पूछिए कि वो इस बारे में क्या सोचते हैं।'

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Uyghurs, Tibetans and Hongkongers gathered in Brussels to protest against Chinese oppression

बयान में कहा गया, '70 साल के कम्युनिस्ट शासन में, चीन ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि मतभेद को शांत करने के लिए वह किसी भी कीमत पर रुकने वाले नहीं हैं। तियानामेन स्क्वायर नरसंहार की तीसरी बरसी इसका एक और बड़ा उदाहरण है।'

विश्व उइगर कांग्रेस ने उइगर अल्पसंख्यकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चीन सरकार द्वारा अपनाई जा रही निरंकुश दमन नीति और नागरिकों की निगरानी किए जाने के फैसले के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की। 

Uyghurs, Tibetans and Hongkongers gathered in Brussels to protest against Chinese oppression

यूरोपीय संसद के सदस्य मार्टिन हारवुड ने अपने संबोधन में कहा, 'अब समय आ गया है कि चीन के साथ ज्यादा शांत, सम्मानित और लोकतांत्रिक कदम उठाए जाएं।' विश्व उइगर कांग्रेस के प्रेसीडेंट डोलकुन ईसा ने कहा, 'हम उत्पीड़न और निराशा के और 70 साल स्वीकार नहीं कर सकते। अब हमें अपने अधिकार और आजादी चाहिए।'

साल 2014 में हांगकांग में लोकतंत्र के समर्थन में हुए प्रदर्शनों में कार्यकर्ता रहे और पूर्व नेता रे वॉन्ग ने कहा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि हमें जीत मिलकर रहेगी। मैं उम्मीद करता हूं कि तिब्बती और उइगर अपने परिवार से मिलने अपने घर जा सकेंगे।'

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