{"_id":"60c3cdaa05001b4aab4b0a55","slug":"uscis-decided-to-change-h1b-visa-policy-of-the-trump-era","type":"story","status":"publish","title_hn":"फैसला : अमेरिकी आव्रजन एजेंसी ने ट्रंप की एच1बी वीजा नीति को पलटा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
फैसला : अमेरिकी आव्रजन एजेंसी ने ट्रंप की एच1बी वीजा नीति को पलटा
Sat, 12 Jun 2021 02:25 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 12 Jun 2021 02:25 AM IST
सार
- भारतीय पेशेवरों को होगा फायदा, दूर होगी वैध आप्रवासन की बाधा
- नीतियों में सुधार से आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करने में तेजी आए
विज्ञापन
एच1बी वीजा
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने 2018 के ट्रंप काल की नीति को बदलने का फैसला किया है। दरअसल ट्रंप की नीति के मुताबिक आव्रजन अधिकारियों को बिना नोटिस दिए एच1बी वीजा आवेदन को रद्द करने की अनुमति थी। इस फैसले से वैध आप्रवासन की बाधा दूर होगी और भारतीय पेशेवरों को इसका लाभ होगा।
विज्ञापन
ट्रंप प्रशासन ने 2018 में अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों को ज्यादा शक्तियां देकर एच1बी वीजा को बेरोकटोक खारिज करने का अधिकार दे दिया था। दरअसल एच1बी वीजा भारत की आईटी कंपनियों और पेशेवरों में काफी लोकप्रिय है। एच1बी एक गैर आप्रवासन वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी पेशेवरों को अपने यहां नौकरी देने की इजाजत देता है।
विज्ञापन
यूएससीआईएस ने एक बयान में कहा कि वह अपनी नीतियों में सुधार कर रहा है, ताकि आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करने में तेजी आए। दिशा निर्देशों को बदला जा रहा है ताकि आवेदन खारिज करने से पहले नोटिस जारी किया जा सके और कुछ नौकरियों में वैधता अवधि को बढ़ाया जा सके।
विज्ञापन
अमेरिकी कंपनियां हर साल हजारों पेशेवरों को नौकरी देती हैं
अमेरिकी तकनीकी कंपनियां एच1बी वीजा के जरिये हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों तकनीकी विशेषज्ञों को अपने यहां रोजगार देती हैं। इस संशोधित नीति से आवेदेकों को गैरइरादतन या अनजाने में हुई गलतियों को सुधारने का अवसर मिलेगा।