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ट्रंप ने छीनी थी भारत को व्यापार में तरजीह की पात्रता, बाइडन प्रशासन के एजेंडे में इसका हल सबसे ऊपर
Fri, 26 Feb 2021 05:30 PM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 26 Feb 2021 05:30 PM IST
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जो बाइडन (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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अमेरिका का बाइडन प्रशासन भारत को व्यापार में पुन: तरजीह देने को लेकर गंभीर है। अमेरिका के नए प्रशासन के एजेंडे में यह मसला सबसे ऊपर है। बाइडन प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि वह भारत के साथ जीएसपी के मामले को सुलझाना चाहता है।
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ट्रंप प्रशाासन ने 2019 में खत्म की थी पात्रता
बाइडन प्रशासन के समक्ष अनेक सांसदों ने भारत की तरफ से इस मामले में की गई जवाबी कार्रवाई का मुद्दा उठाया था। वर्ष 2019 में अमेरिका के पूर्ववर्ती राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की सामान्यीकृत तरजीही प्रणाली (जीएसपी) के तहत लाभार्थी के तौर पर भारत की पात्रता को समाप्त कर दिया था। तब अमेरिका ने कहा था कि भारत ने यह आश्वासन नहीं दिया है कि वह अपने बाजारों में अमेरिकी उत्पादों को समान और तर्कसंगत पहुंच उपलब्ध कराएगा।
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जीएसपी के तहत अमेरिकी बाजार में शुल्क मुक्त प्रवेश
जीएसपी अमेरिका का सबसे पुराना व्यापार तरजीही कार्यक्रम है। इसके तहत चुने हुए देशों के उत्पादों को अमेरिका के बाजारों में शुल्क मुक्त प्रवेश दिया जाता है। अमेरिका के इस कार्यक्रम के लाभार्थियों में भारत भी शामिल था, जिसे पिछले ट्रंप प्रशासन ने समाप्त कर दिया था।
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अमेरिका की सीनेट वित्त समिति के कई सदस्यों ने इस मामले को उठाया। अमेरिका के बाइडेन प्रशासन के व्यापार प्रतिनिधि के पद की नामित कैथरीन सी टाई की इस पद के लिए नियुक्ति की पुष्टि को लेकर आयोजित बैठक के मौके पर यह मुद्दा उठा।
भारत ने भी की थी जवाबी कार्रवाई
टाई ने इस अवसर पर कहा, ‘‘भारत में जीएसपी के आपके सवाल पर मैं कहना चाहूंगी कि यदि सब ठीक हो जाता है तो यह मुद्दा मेरे एजेंडे में बहुत ऊपर है।’’ उन्होंने सीनेटर मारिया कैंटवेल के सवाल पर यह जवाब दिया। कैंटवेल ने कहा कि अमेरिका की तरफ से जीएसपी के लाभार्थियों की सूची से भारत को हटा दिए जाने के बाद उसने अनेक अमेरिकी उत्पादों पर जवाबी कार्रवाई करते हुए शुल्क बढ़ा दिया।
भारत को मिलता रहा है जीएसपी का लाभ
भारत को जीएसपी कार्यक्रम के तहत फायदा मिलता रहा है। वर्ष 2017 में भारत ने इस कार्यक्रम के तहत अमेरिका को 5.7 अरब डॉलर का निर्यात किया था।
व्हाइट हाउस को नीरा से उच्च मानदंडों की उम्मीद
वहीं, व्हाइट हाउस ने उम्मीद जताई है कि भारतीय-अमेरिकी नीतियों की विशेषज्ञ नीरा टंडन जब बाइडन प्रशासन में शामिल होंगी तो वह गरिमा, सम्मानित आचरण तथा सहयोग के उच्च मानदंड दिखाएंगी। व्हाइट हाउस ने ‘ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट’ के प्रमुख के लिए टंडन की उम्मीदवारी को समर्थन दिया है। नीरा टंडन की नियुक्ति की पुष्टि उनके द्वारा किए गए विवादित ट्वीट के कारण संकट में पड़ गई है। हालांकि टंडन ने अपने सभी विवादित ट्वीट हटाते हुए इसके लिए सीनेट के समक्ष माफी भी मांगी थी।
मेरी प्राथमिकता कोरोना से निपटना : डॉ. मूर्ति
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा सर्जन जनरल पद के लिए नामित डॉक्टर डॉ. विवेक मूर्ति ने कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता कोरोना वायरस के कारण निर्मित हालात में सुधार करना है। सीनेट के स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम एवं पेंशन मामलों की समिति के समक्ष अपने नाम की पुष्टि के लिए चल रही सुनवाई के दौरान डॉ. मूर्ति (46) ने कहा, यह मुद्दा उनके लिए बेहद निजी भी है क्योंकि उन्होंने इस महामारी से अपने परिवार के सात सदस्यों को खोया है। मेरे नाम की पुष्टि होने पर मेरी प्राथमिकता महामारी से उपजे हालात में सुधार करना होगी।