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USA: डोनाल्ड ट्रंप के साथ अमेरिका के अगले उपराष्ट्रपति बन सकते हैं विवेक रामास्वामी, दिए ये संकेत
Sat, 26 Aug 2023 03:05 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 26 Aug 2023 03:05 PM IST
सार
ट्रंप के साथ रामास्वामी के संयुक्त टिकट पर चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा इसलिए भी हो रही हैं क्योंकि ट्रंप की चुनाव प्रचार टीम ने भी रिपब्लिकन पार्टी की बीते बुधवार को हुई पहली डिबेट के बाद रामास्वामी की तारीफ की है।
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विवेक रामास्वामी और डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अमेरिका में अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी भी दावा पेश कर रहे हैं। खास बात ये है कि विवेक रामास्वामी की लोकप्रियता भी लगातार बढ़ रही है। अब विवेक रामास्वामी ने संकेत दिए हैं कि वह अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप के डिप्टी के रूप में उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बन सकते हैं। हालांकि पहले विवेक रामास्वामी ने राष्ट्रपति पद के अलावा कोई अन्य पद स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। हालांकि अब उन्होंने इसके लिए तैयार होने के संकेत दिए हैं।
विवेक रामास्वामी ने दिए संकेत
दरअसल एक इंटरव्यू के दौरान विवेक रामास्वामी ने कहा कि वह बतौर राष्ट्रपति ही देश को एकजुट कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने ट्रंप के सहयोगी के रूप में उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ने से भी इनकार नहीं किया। दरअसल जब इस बारे में रामास्वामी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 'यह मेरे बारे में नहीं है, अगर यह मेरे बारे में है तो मेरी उम्र के व्यक्ति के लिए यह पद भी शानदार होगा। यह हमारे देश को फिर से रिवाइव करने के बारे में है और मैं ये तभी कर सकता हूं, जब मुझे इसे व्हाइट हाउस से बतौर शीर्ष नेता करने का मौका मिले।'
ट्रंप की टीम ने भी की तारीफ
ट्रंप के साथ रामास्वामी के संयुक्त टिकट पर चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा इसलिए भी हो रही हैं क्योंकि ट्रंप की चुनाव प्रचार टीम ने भी रिपब्लिकन पार्टी की बीते बुधवार को हुई पहली डिबेट के बाद रामास्वामी की तारीफ की है। इस डिबेट के बाद रामास्वामी की लोकप्रियता में उछाल आया है और उन्हें मिलने वाले चंदे में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि पहले रामास्वामी ने राष्ट्रपति पद के अलावा कोई अन्य पद लेने से मना कर दिया था और कहा था कि वह सिर्फ बतौर राष्ट्रपति ही इस देश को बदल सकते हैं।
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अमेरिका के दूसरे सबसे युवा उपराष्ट्रपति बन सकते हैं
बता दें कि अगर विवेक रामास्वामी ट्रंप के साथ संयुक्त टिकट पर अमेरिका के उपराष्ट्रपति चुने जाते हैं तो वह इस पद पर पहुंचने वाले दूसरे सबसे युवा नेता होंगे। इससे पहले साल 1857-1861 के दौरान जॉन बुचनन की सरकार में जॉन ब्रेकिनरिज सिर्फ 36 साल की उम्र में अमेरिका के उपराष्ट्रपति रहे थे। विवेक रामास्वामी अभी 38 साल के हैं।
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विवेक रामास्वामी ने दिए संकेत
दरअसल एक इंटरव्यू के दौरान विवेक रामास्वामी ने कहा कि वह बतौर राष्ट्रपति ही देश को एकजुट कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने ट्रंप के सहयोगी के रूप में उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ने से भी इनकार नहीं किया। दरअसल जब इस बारे में रामास्वामी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 'यह मेरे बारे में नहीं है, अगर यह मेरे बारे में है तो मेरी उम्र के व्यक्ति के लिए यह पद भी शानदार होगा। यह हमारे देश को फिर से रिवाइव करने के बारे में है और मैं ये तभी कर सकता हूं, जब मुझे इसे व्हाइट हाउस से बतौर शीर्ष नेता करने का मौका मिले।'
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ट्रंप की टीम ने भी की तारीफ
ट्रंप के साथ रामास्वामी के संयुक्त टिकट पर चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा इसलिए भी हो रही हैं क्योंकि ट्रंप की चुनाव प्रचार टीम ने भी रिपब्लिकन पार्टी की बीते बुधवार को हुई पहली डिबेट के बाद रामास्वामी की तारीफ की है। इस डिबेट के बाद रामास्वामी की लोकप्रियता में उछाल आया है और उन्हें मिलने वाले चंदे में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि पहले रामास्वामी ने राष्ट्रपति पद के अलावा कोई अन्य पद लेने से मना कर दिया था और कहा था कि वह सिर्फ बतौर राष्ट्रपति ही इस देश को बदल सकते हैं।
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अमेरिका के दूसरे सबसे युवा उपराष्ट्रपति बन सकते हैं
बता दें कि अगर विवेक रामास्वामी ट्रंप के साथ संयुक्त टिकट पर अमेरिका के उपराष्ट्रपति चुने जाते हैं तो वह इस पद पर पहुंचने वाले दूसरे सबसे युवा नेता होंगे। इससे पहले साल 1857-1861 के दौरान जॉन बुचनन की सरकार में जॉन ब्रेकिनरिज सिर्फ 36 साल की उम्र में अमेरिका के उपराष्ट्रपति रहे थे। विवेक रामास्वामी अभी 38 साल के हैं।