भारत के फैसले पर ट्रंप ने मोदी और भारतीयों को सराहा, कहा- इसे भुलाया नहीं जा सकता
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ट्रंप ने कहा, 'असाधारण परिस्थितियों के लिए दोस्तों के बीच घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता होती है। हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन पर निर्णय लेने के लिए भारत और भारतीय लोगों को धन्यवाद। इसे भुलाया नहीं जा सकेगा! इस लड़ाई में न केवल भारत, बल्कि मानवता की मदद करने में अपने मजबूत नेतृत्व के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया।
Extraordinary times require even closer cooperation between friends. Thank you India and the Indian people for the decision on HCQ. Will not be forgotten! Thank you Prime Minister @NarendraModi for your strong leadership in helping not just India, but humanity, in this fight!
विज्ञापन विज्ञापन— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) April 8, 2020
मोदी को बताया था महान
इससे पहले भारत द्वारा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात पर मुहर लगाते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की थी। उन्होंने मोदी को महान और बहुत अच्छे नेता भी बताया।
ट्रंप ने अमेरिकी न्यूज चैनल फॉक्स न्यूज से बातचीत के दौरान कहा- नरेंद्र मोदी ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के मामले में हमारी मदद की है, वह काफी अच्छे हैं। ट्रंप ने कहा कि हम विदेश से कई दवाइयां मंगवा रहे हैं। इसमें भारत में बनाई जाने वाली हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाइयां भी शामिल है। इसे लेकर मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत से अभी बहुत अच्छी चीजें आनी बाकी हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए भारत से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की 29 मिलियन डोज खरीदी है।
बता दें कि हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन भारत में मलेरिया के इलाज की दवा है। भारत में मलेरिया के मामले हर साल बड़ी संख्या में आते हैं और यही वजह है कि भारत इसका सबसे बड़ा उत्पादक है। ये दवा इस वक्त एंटी-वायरल के रूप में इस्तेमाल हो रही है।
भारत ने मानवीय आधार पर हटाया प्रतिबंध
मंगलवार को ही सरकार ने इस दवा पर लगे निर्यात से आंशिक तौर पर प्रतिबंध हटाया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार सरकार ने मानवीय आधार पर यह फैसला लिया है। ये दवाएं उन देशों को भेजी जाएंगी जिन्हें भारत से मदद की आस है। हालांकि सरकार ने यह भी कहा कि घरेलू जरुरतें पूरी होने के बाद स्टॉक की उपलब्धता के आधार पर ही निर्यात किया जाएगा।
ट्रंप ने दिए थे भारत पर जवाबी कार्रवाई के संकेत
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि यदि भारत अनुरोध के बावजूद अमेरिका को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के निर्यात की अनुमति नहीं देता है तो उन्हें हैरानी होगी। पिछले हफ्ते ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी है ताकि भारत अमेरिकी में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की बिक्री की इजाजत दे। इससे कुछ घंटे पहले ही भारत ने मलेरिया की इस दवा के निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया था।
अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के रोगियों की बढ़ती संख्या के बीच उनके इलाज के लिए इस दवा के इस्तेमाल की इजाजत दी गई है। ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, 'मुझे हैरानी होगी अगर वह (ऐसा) करेंगे, क्योंकि आप जानते हैं कि भारत का अमेरिका के साथ व्यवहार बहुत अच्छा रहा है।' मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन को कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल किया जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि भारत कई वर्षों से अमेरिकी व्यापार नियमों का फायदा उठा रहा है, और ऐसे में अगर नई दिल्ली हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात को रोकता है, तो उन्हें हैरानी होगी।