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USA: अमेरिकी सेना के खुफिया जानकारी वाले हजारों ईमेल रूस के सहयोगी देश के हाथ लगे, ऐसे हुआ खुलासा
Tue, 18 Jul 2023 09:49 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 18 Jul 2023 09:49 AM IST
सार
संवेदनशील जानकारी लीक होने की घटना कोई एक बार नहीं हुई है। पहली बार करीब एक दशक पहले भी ऐसे ही अमेरिकी सेना की संवेदनशील जानकारी माली पहुंच गई थी, उसके बाद से कई घटनाएं हो चुकी हैं।
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पेंटागन की तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अमेरिकी सेना की संवेदनशील जानकारी से जुड़े हजारों ईमेल पश्चिम अफ्रीकी देश माली के हाथ लग गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि डोमेन के नाम में गड़बड़ी के चलते अहम जानकारी लीक हुई है। जो जानकारी लीक हुई है, उसमें अमेरिका के कूटनीतिक दस्तावेज, टैक्स रिटर्न की जानकारी, शीर्ष अधिकारियों के यात्रा विवरण की जानकारी आदि शामिल हैं।
कैसे हुई गड़बड़ी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की सेना 'एमआईएल' डोमेन नाम का इस्तेमाल करती है लेकिन मेल भेजते समय गलती से डोमेन नाम में सिर्फ 'एमएल' टाइप हुआ, जिससे सारी संवेदनशील जानकारी माली पहुंच गई क्योंकि माली का डोमेन नाम 'एमएल' है। गौरतलब बात ये है कि माली रूस का सहयोगी देश है। ऐसे में अमेरिकी सेना से जुड़ा यह लीक अमेरिका के लिए परेशानी का सबब भी बन सकता है।
कई सालों से लीक हो रही संवेदनशील जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संवेदनशील जानकारी लीक होने की घटना कोई एक बार नहीं हुई है। पहली बार करीब एक दशक पहले भी ऐसे ही अमेरिकी सेना की संवेदनशील जानकारी माली पहुंच गई थी, उसके बाद से कई घटनाएं हो चुकी हैं। इसका खुलासा एक डच इंटरनेट कारोबारी जोहानेस जरबेयर ने किया है। दरअसल जरबेयर ही माली के डोमेन को मैनेज करते हैं। जनवरी 2023 से अब तक ही अमेरिकी सेना की संवेदनशील जानकारी से जुड़े करीब एक लाख सत्रह हजार ईमेल माली के डोमेन पर पहुंच चुके हैं। बुधवार को ही ऐसे करीब एक हजार ईमेल भेजे गए हैं।
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लीक पर क्या बोला पेंटागन
जोहानेस जरबेयर ने इसकी जानकारी अमेरिकी अधिकारियों को दे दी है। साथ ही व्हाइट हाउस को भी इसके बारे में बता दिया है। इस साल लीक हुए एक ईमेल में तो अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल जेम्स मैक्कॉनविले की यात्रा से जुड़ी जानकारी लीक हो गई थी। अमेरिका के पेंटागन के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कमांडर टिम गोरमैन ने कहा इन घटनाओं पर एक बयान जारी कर कहा है कि वह स्थिति से वाकिफ हैं और इसे रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं।
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कैसे हुई गड़बड़ी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की सेना 'एमआईएल' डोमेन नाम का इस्तेमाल करती है लेकिन मेल भेजते समय गलती से डोमेन नाम में सिर्फ 'एमएल' टाइप हुआ, जिससे सारी संवेदनशील जानकारी माली पहुंच गई क्योंकि माली का डोमेन नाम 'एमएल' है। गौरतलब बात ये है कि माली रूस का सहयोगी देश है। ऐसे में अमेरिकी सेना से जुड़ा यह लीक अमेरिका के लिए परेशानी का सबब भी बन सकता है।
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कई सालों से लीक हो रही संवेदनशील जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संवेदनशील जानकारी लीक होने की घटना कोई एक बार नहीं हुई है। पहली बार करीब एक दशक पहले भी ऐसे ही अमेरिकी सेना की संवेदनशील जानकारी माली पहुंच गई थी, उसके बाद से कई घटनाएं हो चुकी हैं। इसका खुलासा एक डच इंटरनेट कारोबारी जोहानेस जरबेयर ने किया है। दरअसल जरबेयर ही माली के डोमेन को मैनेज करते हैं। जनवरी 2023 से अब तक ही अमेरिकी सेना की संवेदनशील जानकारी से जुड़े करीब एक लाख सत्रह हजार ईमेल माली के डोमेन पर पहुंच चुके हैं। बुधवार को ही ऐसे करीब एक हजार ईमेल भेजे गए हैं।
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लीक पर क्या बोला पेंटागन
जोहानेस जरबेयर ने इसकी जानकारी अमेरिकी अधिकारियों को दे दी है। साथ ही व्हाइट हाउस को भी इसके बारे में बता दिया है। इस साल लीक हुए एक ईमेल में तो अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल जेम्स मैक्कॉनविले की यात्रा से जुड़ी जानकारी लीक हो गई थी। अमेरिका के पेंटागन के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कमांडर टिम गोरमैन ने कहा इन घटनाओं पर एक बयान जारी कर कहा है कि वह स्थिति से वाकिफ हैं और इसे रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं।