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US Vs China: अमेरिका की सुरक्षा को अंदर से भेदने की कोशिश में जुटा है चीन?

Fri, 21 Oct 2022 03:29 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 21 Oct 2022 03:29 PM IST
सार

US Vs China: चीन की कृषि कंपनी फुफेंग ग्रुप ने नॉर्थ डकोटा राज्य के ग्रैंड फॉर्क्स में 370 एकड़ जमीन खरीदी है। यह स्थल अमेरिकी वायु सेना के एक अड्डे से सिर्फ 20 किलोमीटर दूर है। अमेरिका के सबसे उन्नत किस्म के ड्रोंस इसी वायु सेना अड्डे में मौजूद हैं...

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US Vs China: Chinese company Fufeng Group bought 370 acres of land in Grand Forks, North Dakota state
US Vs China- China Fufeng - फोटो : Agency

विस्तार

क्या चीन अमेरिकी सुरक्षा को अंदर से चुनौती देने की रणनीति पर चल रहा है? इसी महीने अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के 130 सदस्यों के एक साझा पत्र से यह प्रश्न उठा है। इन सांसदों ने ये पत्र गर्वनमेंट एकाउंटीबिलिटी ऑफिस (जीएओ) को भेजा, जिसमें अमेरिका में चीनी कंपनियों के जमीन खरीदने की बढ़ती घटनाओं की जांच कराने की मांग की गई है।

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हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य जेम्स कॉमर ने अब एक बयान में कहा है- ‘अमेरिकी खेतों पर चीनियों का स्वामित्व हमारी खाद्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।’ कॉमर ने बताया कि जीएओ को पत्र लिख कर सांसदों ने इस बात का आकलन करने को कहा है कि ये खतरा किस हद तक है। जीएओ से इसका जवाब कांग्रेस में पेश करने को कहा गया है, ताकि अमेरिकी आवाम की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

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इस मामले पर सबसे पहले ध्यान इसी वर्ष गर्मियों में गया। तब ये सामने आया कि चीन की कृषि कंपनी फुफेंग ग्रुप ने नॉर्थ डकोटा राज्य के ग्रैंड फॉर्क्स में 370 एकड़ जमीन खरीदी है। यह स्थल अमेरिकी वायु सेना के एक अड्डे से सिर्फ 20 किलोमीटर दूर है। अमेरिका के सबसे उन्नत किस्म के ड्रोंस इसी वायु सेना अड्डे में मौजूद हैं। फुफेंग ने कहा है कि उसने वेट कॉर्न मिल लगाने के लिए वो जमीन खरीदी है। वहां वह अमीनो एसिड, लाइसिन और थ्रेओनाइन निकालेगी, जिनका इस्तेमाल पशुओं के चारे के उत्पादन में होता है। वहां तैयार होने वाले ज्यादातर उत्पादों की बिक्री अमेरिका में ही की जाएगी।

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लेकिन अमेरिका में मानव-रहित विमान प्रणालियों की निर्माता कंपनी जनरल एटोमिक्स एरोनॉटिकल सिस्टम्स ने इस चीनी निवेश का विरोध किया है। उसने एक बयान जारी कर अमेरिका सरकार से चीनी कंपनी की परियोजना पर रोक लगाने की मांग की है। कंपनी के प्रवक्ता मार्क ब्रिन्कले ने कहा- ‘यहां चीनी कंपनी की गतिविधियां चीन सरकार के प्रयासों से अभिन्न रूप से जुड़ी हुई हैं। हम कारोबार स्थल से चीन को सैनिक जासूसी के मिलने वाले अवसर को नजरअंदाज नहीं कर सकते। राष्ट्रीय वायु सेना के महत्त्वपूर्ण अड्डे और संवेदनशील सैनिक गतिविधियों से निकटता के कारण अमेरिकी नेताओं को इस बारे में चिंतित होना चाहिए।’

इस प्रोजेक्ट पर अभी काम शुरू नहीं हुआ है। अमेरिका की विदेशी निवेश समिति अभी इस निवेश करार की जांच कर रही है। लेकिन इस सिलसिले में इस बात का भी जिक्र हुआ है कि ठीक ऐसी ही चिंता जापाना में भी खड़ी हो चुकी है। इस वर्ष जनवरी में सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की नीति निर्माण विभाग के तत्कालीन प्रमुख सनाए ताकइची ने संसद को बताया था कि चीन से निकटता रखने वाली एक कंपनी ने होकाइदो नाम की जगह पर जमीन खरीदी है। यह जगह जापान के वायु सेना रडार स्थल से लगभग 35 किलोमीटर दूर है। तकाइची ने तब पूछा था कि क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मसला नहीं है? वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष जुलाई में जापान की एक कैबिनेट कमेटी ने इस मुद्दे पर सुनवाई की थी।

उधर अमेरिका में 130 सांसदों ने अपने पत्र में जीएओ से यह भी पता लगाने को कहा है कि चीनी कंपनियां अमेरिका में कुल कितनी जगहों जमीन में कितना निवेश कर चुकी हैं।

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