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US: अमेरिका में अफगानी पासपोर्ट पर वीजा जारी करने पर लगी रोक, व्हाइट हाउस पर हमले के बाद ट्रंप का बड़ा फैसला
Sat, 29 Nov 2025 08:43 PM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Sat, 29 Nov 2025 08:43 PM IST
सार
Donald Trump Visa Ban: व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी में एक नेशनल गार्ड जवान की मौत के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने शरण फैसलों पर रोक लगा दी है और अफगान पासपोर्ट पर वीजा जारी करना बंद कर दिया है। आरोपी अफगान नागरिक लाकनवाल 2021 में अमेरिका आया था और इस वर्ष उसे शरण मिली थी।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : (Photo/ X@WhiteHouse)
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विस्तार
व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी में एक नेशनल गार्ड जवान की मौत और एक अन्य के गंभीर रूप से घायल होने के बाद अमेरिका की राजनीति में बड़ा उथल-पुथल शुरू हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना को आतंकी हमला बताते हुए तुरंत कठोर कदम उठाए हैं। ट्रंप प्रशासन ने अफगान पासपोर्ट धारकों के वीजा जारी करने पर रोक लगा दी है और सभी शरण मामलों की सुनवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी है। उनकी घोषणा ने अमेरिका की आव्रजन नीति पर नई बहस छेड़ दी है।
घटना तब सामने आई, जब व्हाइट हाउस के पास तैनात नेशनल गार्ड पर रहने वाले अफगान नागरिक रहमानुल्ला लाकनवाल ने अचानक फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में एक जवान की मौके पर मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर घायल हो गया। हमले के तुरंत बाद आरोपी को पकड़ लिया गया। अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिर्रो के कार्यालय ने बताया कि लाकनवाल पर प्रथम श्रेणी हत्या और हत्या के इरादे से दो हमलों सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पिर्रो ने एक इंटरव्यू में कहा कि उसके खिलाफ अभी और भी कई आरोप लगाए जाएंगे।
ट्रंप ने हमले को आव्रजन से जोड़ा
राष्ट्रपति ट्रंप ने घटना को आतंकी हमला बताते हुए इसके लिए पूर्व बाइडेन प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि बाइडन प्रशासन ने उन अफगान नागरिकों को देश में प्रवेश दिया जो अमेरिकी फोर्सेज के साथ काम करते थे, और अब ऐसी घटनाएं हो रही हैं। ट्रंप ने आगे एक विवादित बयान देते हुए कहा कि वह सभी थर्ड वर्ल्ड देशों से माइग्रेशन स्थायी रूप से रोक देंगे। उन्होंने दावा किया कि इस स्थिति का समाधान केवल रिवर्स माइग्रेशन है।
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ये भी पढ़ें- 'US-चीन की नई वैश्विक शर्तों से दुनिया में अस्थिरता', जयशंकर बोले- सप्लाई चेन पर बढ़ा रहा दबाव
लाकनवाल को कैसे मिला था शरण का अधिकार
29 वर्षीय रहमानुल्ला लाकनवाल अफगानिस्तान युद्ध के दौरान सीआईए के लिए काम कर चुका था। वह 2021 में ऑपरेशन एलाइस वेलकम के तहत अमेरिका पहुंचा था, जो बाइडेन प्रशासन का कार्यक्रम था। इसके बाद उसने शरण के लिए आवेदन किया। एपी के अनुसार, उसकी शरण याचिका को इस साल ट्रंप प्रशासन के दौरान मंजूरी दी गई। यह तथ्य अब ट्रंप शासन की आव्रजन नीति पर नए सवाल खड़े कर रहा है, क्योंकि अब वही प्रशासन उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की वकालत कर रहा है।
वीजा और शरण फैसलों पर बड़ी रोक
हमले के बाद अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज के प्रमुख जोसेफ एडलो ने घोषणा की कि सभी शरण फैसले रोक दिए गए हैं, जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि हर विदेशी को अधिकतम स्तर पर जांच और स्क्रीनिंग से गुजरना होगा। इसके अलावा विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अफगान पासपोर्ट पर यात्रा करने वाले सभी व्यक्तियों के वीजा जारी करना निलंबित कर दिया गया है।
लाकनवाल वाशिंगटन के बेलिंगहम इलाके में अपनी पत्नी और पांच बच्चों के साथ रहता था। उसकी पूर्व मकानमालकिन और पड़ोसियों ने बताया कि वह शांत, विनम्र और कम बोलने वाला व्यक्ति था, जिसकी अंग्रेजी भी बहुत कमजोर थी। उसके पड़ोसी मोहम्मद शेरजाद ने कहा कि उन्होंने कभी उसे हिंसक या आक्रामक नहीं देखा।
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घटना तब सामने आई, जब व्हाइट हाउस के पास तैनात नेशनल गार्ड पर रहने वाले अफगान नागरिक रहमानुल्ला लाकनवाल ने अचानक फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में एक जवान की मौके पर मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर घायल हो गया। हमले के तुरंत बाद आरोपी को पकड़ लिया गया। अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिर्रो के कार्यालय ने बताया कि लाकनवाल पर प्रथम श्रेणी हत्या और हत्या के इरादे से दो हमलों सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पिर्रो ने एक इंटरव्यू में कहा कि उसके खिलाफ अभी और भी कई आरोप लगाए जाएंगे।
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ट्रंप ने हमले को आव्रजन से जोड़ा
राष्ट्रपति ट्रंप ने घटना को आतंकी हमला बताते हुए इसके लिए पूर्व बाइडेन प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि बाइडन प्रशासन ने उन अफगान नागरिकों को देश में प्रवेश दिया जो अमेरिकी फोर्सेज के साथ काम करते थे, और अब ऐसी घटनाएं हो रही हैं। ट्रंप ने आगे एक विवादित बयान देते हुए कहा कि वह सभी थर्ड वर्ल्ड देशों से माइग्रेशन स्थायी रूप से रोक देंगे। उन्होंने दावा किया कि इस स्थिति का समाधान केवल रिवर्स माइग्रेशन है।
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लाकनवाल को कैसे मिला था शरण का अधिकार
29 वर्षीय रहमानुल्ला लाकनवाल अफगानिस्तान युद्ध के दौरान सीआईए के लिए काम कर चुका था। वह 2021 में ऑपरेशन एलाइस वेलकम के तहत अमेरिका पहुंचा था, जो बाइडेन प्रशासन का कार्यक्रम था। इसके बाद उसने शरण के लिए आवेदन किया। एपी के अनुसार, उसकी शरण याचिका को इस साल ट्रंप प्रशासन के दौरान मंजूरी दी गई। यह तथ्य अब ट्रंप शासन की आव्रजन नीति पर नए सवाल खड़े कर रहा है, क्योंकि अब वही प्रशासन उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की वकालत कर रहा है।
वीजा और शरण फैसलों पर बड़ी रोक
हमले के बाद अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज के प्रमुख जोसेफ एडलो ने घोषणा की कि सभी शरण फैसले रोक दिए गए हैं, जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि हर विदेशी को अधिकतम स्तर पर जांच और स्क्रीनिंग से गुजरना होगा। इसके अलावा विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अफगान पासपोर्ट पर यात्रा करने वाले सभी व्यक्तियों के वीजा जारी करना निलंबित कर दिया गया है।
लाकनवाल वाशिंगटन के बेलिंगहम इलाके में अपनी पत्नी और पांच बच्चों के साथ रहता था। उसकी पूर्व मकानमालकिन और पड़ोसियों ने बताया कि वह शांत, विनम्र और कम बोलने वाला व्यक्ति था, जिसकी अंग्रेजी भी बहुत कमजोर थी। उसके पड़ोसी मोहम्मद शेरजाद ने कहा कि उन्होंने कभी उसे हिंसक या आक्रामक नहीं देखा।
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