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US-Venezuela Conflict: मादुरो की गिरफ्तारी से अब तक क्या-क्या हुआ, 10 बिंदुओं में जानिए सभी अपडेट्स
Sun, 04 Jan 2026 02:15 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 04 Jan 2026 02:15 PM IST
सार
अमेरिका ने नाटकीय अंदाज में अभियान चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। अब मादुरो के खिलाफ अमेरिका में ड्रग तस्करी और अमेरिका के खिलाफ साजिश रचने के आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा। जानिए मादुरो की गिरफ्तारी के बाद से अब तक क्या क्या अपडेट है।
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अमेरिका वेनेजुएला संघर्ष
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमेरिका के शनिवार को वेनेजुएला पर हमले और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी की नाटकीय गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यूयॉर्क लाया गया है। फिलहाल मादुरो को न्यूयॉर्क के डीईए सेंटर में हिरासत में रखा गया है। अमेरिका ने निकोलस मादुरो पर ड्रग तस्करी और आतंकी संगठनों के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया है। अमेरिका में मादुरो को कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की पुष्टि की। ट्रंप ने ये भी कहा कि नई सरकार के सत्ता में आने तक अमेरिका ही वेनेजुएला का प्रशासन करेगा।
भारत ने वेनेजुएला के हालात पर जताई चिंता
वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी पर भारत सरकार ने चिंता जताई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान में कहा, 'वेनेजुएला का हालिया घटनाक्रम बेहद चिंता का विषय है। हम हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारत, वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा को समर्थन की पुष्टि करता है। हम अपील करते हैं कि सभी संबंधित पक्ष शांतिपूर्वक और बातचीत के जरिए मुद्दे सुलझाएं, जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित हो सके। कराकास में भारतीय दूतावास, भारतीय समुदाय के संपर्क में है और उन्हें हरसंभव मदद दी जाएगी।'
ट्रंप की कोलंबिया को धमकी
अमेरिकी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार के बाद अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों को भी धमकाना शुरू कर दिया है। ट्रंप ने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को भी निशाने पर लिया है। ट्रंप ने एक बयान में कहा, 'वह कोकीन बना रहे हैं। वे इसे अमेरिका भेज रहे हैं। इसलिए उन्हें अपनी खैर मनानी चाहिए।' कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है और इसे संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया है।
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भारत ने वेनेजुएला के हालात पर जताई चिंता
वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी पर भारत सरकार ने चिंता जताई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान में कहा, 'वेनेजुएला का हालिया घटनाक्रम बेहद चिंता का विषय है। हम हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारत, वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा को समर्थन की पुष्टि करता है। हम अपील करते हैं कि सभी संबंधित पक्ष शांतिपूर्वक और बातचीत के जरिए मुद्दे सुलझाएं, जिससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित हो सके। कराकास में भारतीय दूतावास, भारतीय समुदाय के संपर्क में है और उन्हें हरसंभव मदद दी जाएगी।'
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ट्रंप की कोलंबिया को धमकी
अमेरिकी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार के बाद अन्य दक्षिण अमेरिकी देशों को भी धमकाना शुरू कर दिया है। ट्रंप ने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को भी निशाने पर लिया है। ट्रंप ने एक बयान में कहा, 'वह कोकीन बना रहे हैं। वे इसे अमेरिका भेज रहे हैं। इसलिए उन्हें अपनी खैर मनानी चाहिए।' कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है और इसे संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया है।
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वेनेजुएला के बाद दक्षिण अमेरिका के कई देश अमेरिका के निशाने पर
वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद ऐसा लग रहा है कि अमेरिका के हौसले बुलंद है और अमेरिकी सरकार पूरे दक्षिण अमेरिकी देशों पर अपना प्रभुत्व बनाने की कोशिश कर रही है। इसी के तहत अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा की सरकार को चेतावनी दी और कहा कि वेनेजुएला के घटनाक्रम के बाद क्यूबा की सरकार को चिंतित होना चाहिए। मार्को रुबियो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, 'क्यूबा पूरी तरह से तबाह है। इसे पूरी तरह से अयोग्य सरकार और इसे एक वृद्ध व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा है। इसकी कोई अर्थव्यवस्था नहीं बची है। यह पूरी तरह से तबाह देश हैं। क्यूबा ने वेनेजुएला को अपनी कालोनी बनाने की कोशिश की। अगर हम सुरक्षा के लिहाज से देखें तो अगर मैं हवाना में रह रहा होता और मैं सरकार में होता तो में घटनाक्रम से थोड़ा चिंतित तो जरूर होता।'
डेल्सी रोड्रिग्ज बनीं वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति
अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़े जाने के बाद देश के सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त कर दिया है। वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने शनिवार को आदेश जारी करते हुए कहा कि निकोलस मादुरो की अनुपस्थिति में डेल्सी रोड्रिग्ज देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति होंगी। गौरतलब है कि ट्रंप ने भी ऐसे संकेत दिए थे कि डेल्सी रोड्रिग्ज को सत्ता सौंपी जा सकती है।
अमेरिका में भी ट्रंप सरकार की कार्रवाई का हो रहा विरोध
वेनेजुएला पर कार्रवाई के समय वॉर-रूम में ट्रंप और उनकी प्रशासन
- फोटो : ट्रुथ सोशल@realDonaldTrump
ट्रंप सरकार की निकोलस मादुरो के खिलाफ कार्रवाई का अमेरिका में भी विरोध हो रहा है। अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है और इसे लेकर ट्रंप पर निशाना साधा। उन्होंने खुलकर कहा कि इस कार्रवाई के पीछे न तो ड्रग तस्करी है और न ही लोकतंत्र की रक्षा, बल्कि तेल के लिए यह कार्रवाई की गई है।
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी ट्रंप सरकार की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। ममदानी ने लिखा कि एक संप्रभु देश पर हमला युद्ध की श्रेणी में आता है। ममदानी ने चेतावनी दी कि न्यूयॉर्क में रहने वाले वेनेजुएला मूल के लोगों पर भी इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
वेनेजुएला को लेकर दो धड़ों में बंटी दुनिया
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के मुद्दे पर दुनिया दो धड़ों में बंट गई है। कई देश हैं, जो अमेरिका की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं और कई देश ऐसे भी हैं, जो इसका खुलकर समर्थन कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का माहौल देखने को मिलेगा। रूस और चीन ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की। रूस के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर अमेरिका से निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को रिहा करने की मांग की और साथ ही कहा कि अमेरिका को अपने फैसले पर फिर से सोचना चाहिए। चीन ने अमेरिका के इस कदम को तानाशाही करार दिया और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन है। मलयेशिया ने भी अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की और इसे किसी संप्रभु देश के आंतरिक मामले में विदेशी दखल करार दिया और इसकी आलोचना की। वहीं ब्रिटेन, जापान जैसे देशों ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन किया।
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी ट्रंप सरकार की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। ममदानी ने लिखा कि एक संप्रभु देश पर हमला युद्ध की श्रेणी में आता है। ममदानी ने चेतावनी दी कि न्यूयॉर्क में रहने वाले वेनेजुएला मूल के लोगों पर भी इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
वेनेजुएला को लेकर दो धड़ों में बंटी दुनिया
वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले और निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के मुद्दे पर दुनिया दो धड़ों में बंट गई है। कई देश हैं, जो अमेरिका की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं और कई देश ऐसे भी हैं, जो इसका खुलकर समर्थन कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का माहौल देखने को मिलेगा। रूस और चीन ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की। रूस के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर अमेरिका से निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को रिहा करने की मांग की और साथ ही कहा कि अमेरिका को अपने फैसले पर फिर से सोचना चाहिए। चीन ने अमेरिका के इस कदम को तानाशाही करार दिया और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन है। मलयेशिया ने भी अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की और इसे किसी संप्रभु देश के आंतरिक मामले में विदेशी दखल करार दिया और इसकी आलोचना की। वहीं ब्रिटेन, जापान जैसे देशों ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन किया।
संयुक्त राष्ट्र ने बुलाई आपात बैठक
वेनेजुएला के घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र सोमवार को आपात बैठक बुलाई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की यह बैठक सोमवार सुबह 10 बजे होगी। वेनेजुएला की घटना पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चिंता जताई और कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई खतरनाक उदाहरण बन सकती है। उन्होंने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की अपील की।
ये भी पढ़ें- US Venezuela Row: 'मामला ड्रग्स या लोकतंत्र का नहीं, तेल का... ', वेनेजुएला को लेकर ट्रंप पर भड़कीं कमला हैरिस
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अमेरिकी कांग्रेस की भी नहीं ली गई मंजूरी
अमेरिका की ट्रंप सरकार ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिकी संसद की मंजूरी नहीं ली थी। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बयान से तो यही पता चलता है। दरअसल हेगसेथ से पूछा गया था कि क्या ट्रंप सरकार ने वेनेजुएला में कार्रवाई के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी ली थी? इस पर हेगसेथ ने कहा, यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अभियान था, लेकिन ये भी कहा कि जल्द ही इस बारे में कांग्रेस को भी शामिल किया जाएगा।
कैरेबियाई देशों का एयरस्पेस खुला
अमेरिका की वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई से पहले कैरेबियाई एयरस्पेस को बंद कर दिया गया था। अब एयरस्पेस को खोल दिया गया है। अमेरिका के परिवहन मंत्री ने इसकी जानकारी दी।
कैरेबियाई देशों का एयरस्पेस खुला
अमेरिका की वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई से पहले कैरेबियाई एयरस्पेस को बंद कर दिया गया था। अब एयरस्पेस को खोल दिया गया है। अमेरिका के परिवहन मंत्री ने इसकी जानकारी दी।
खराब हालात के लिए जाना जाता है न्यूयॉर्क का डिटेंशन सेंटर, जहां मादुरो को रखा गया
न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में स्थित मेट्रोपोलिटन डिटेंशन सेंटर में मादुरो को हिरासत में रखा गया है। हालांकि मादुरो की पत्नी को कहां रखा गया है, इसकी जानकारी नहीं है। यह डिटेंशन सेंटर अपने खराब हालात के लिए बदनाम है। जहां हिंसा और पर्याप्त निगरानी की कमी की खबरें सामने आ चुकी हैं। यह न्यूयॉर्क का एकमात्र संघीय डिटेंशन सेंटर है।