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US: सुप्रीम कोर्ट के पास पहुंचा ट्रंप प्रशासन, लाखों सरकारी कर्मचारियों की छंटनी पर लगी रोक हटाने की अपील की

Sat, 17 May 2025 11:54 AM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 17 May 2025 11:54 AM IST
सार

अब ट्रंप प्रशासन ने और व्यापक स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी के लिए सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मांगी है। फरवरी में जारी एक कार्यकारी आदेश के तहत कई एजेंसियां बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की कटौती करना चाहती हैं। इसी आदेश के तहत अब लगभग 17 एजेंसियों में करीब 40 छंटनी प्रक्रियाएं रोकी गई हैं।

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US: Trump administration requests Supreme Court to allow layoffs of federal workers, News in Hindi
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह उसे तुरंत हजारों संघीय (फेडरल) कर्मचारियों की छंटनी करने की अनुमति दे। यह जानकारी पोलिटिको की रिपोर्ट में सामने आई है। ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को आपातकालीन अपील के तहत सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि वह निचली अदालत (लोअर कोर्ट) के उस आदेश को रद्द करे, जिसने फिलहाल इन छंटनियों पर रोक लगा रखी है। यह अपील ट्रंप प्रशासन की उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत वह फेडरल कर्मचारियों की संख्या को कम करना चाहता है।
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पहले भी मदद कर चुका है सुप्रीम कोर्ट
इससे पहले अप्रैल में भी सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को मदद दी थी। तब उसने निचली अदालत के उस फैसले को पलटा था, जिसमें छह मंत्रालयों के प्रोबेशनरी (प्रशिक्षु) कर्मचारियों की छंटनी पर रोक लगाई गई थी।
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न्यायाधीश इल्सटन ने लगाई थी रोक
पिछले सप्ताह अमेरिकी जिला न्यायाधीश सुसन इल्सटन, जिन्हें पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने नियुक्त किया था, ने ट्रंप प्रशासन को इन छंटनियों से रोक दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे मामलों में लागू कानूनी और प्रक्रिया संबंधी नियमों का पालन नहीं किया है। विशेष रूप से यह ध्यान देना जरूरी है कि कोई कर्मचारी कितने समय से उस एजेंसी में काम कर रहा है। इल्सटन ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति इतने बड़े स्तर पर सरकारी पुनर्गठन अकेले नहीं कर सकते, इसके लिए उन्हें संसद का सहयोग चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि ट्रंप ने पहले भी कांग्रेस से इसी तरह की योजनाओं के लिए कानून पारित करने की अपील की थी।


ट्रंप प्रशासन ने क्या दिया तर्क?
सुप्रीम कोर्ट में अपील करते हुए, अमेरिका के सॉलिसिटर जनरल जॉन सॉयर ने कहा कि इल्सटन का आदेश राष्ट्रपति की कानूनी अधिकारों में हस्तक्षेप है। उन्होंने लिखा, 'इस आदेश की वजह से कई एजेंसियों में चल रही छंटनी प्रक्रियाएं रुक गई हैं, जिससे सरकार को हजारों कर्मचारियों को जबरन बनाए रखना पड़ रहा है, जबकि एजेंसियों का मानना है कि उनकी सेवाएं सरकार और जनता के हित में नहीं हैं।'

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किन एजेंसियों में छंटनी की योजना?
इल्सटन के आदेश के तहत कुल 21 एजेंसियों में छंटनी पर रोक लगी है। इनमें शामिल हैं:
  • वेटरन्स अफेयर्स
  • कृषि विभाग
  • ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट
  • डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी
  • ऊर्जा, वाणिज्य, स्वास्थ्य, श्रम, आंतरिक मामलों, राज्य, कोष, परिवहन, आवास, सामाजिक सुरक्षा, व्यापार, विज्ञान और मानव सेवा जैसी प्रमुख एजेंसियां।
  • इसके अलावा ऑफिस ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट, नेशनल लेबर रिलेशंस बोर्ड, नेशनल साइंस फाउंडेशन, स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, और अमेरिकॉर्प्स भी शामिल हैं।
ट्रेड यूनियन और राज्य सरकारें भी विरोध में
देश की सबसे बड़ी संघीय कर्मचारी यूनियनें, कई सामाजिक संगठन और कुछ स्थानीय सरकारें ट्रंप प्रशासन के इस आदेश का विरोध कर रही हैं। साथ ही, 20 से अधिक डेमोक्रेटिक पार्टी शासित राज्यों ने भी कर्मचारियों के समर्थन में अदालत में अपनी राय रखी है।

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