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Trump New Tariffs: ट्रंप बोले- ग्रीनलैंड की सुरक्षा अहम, एक फरवरी से डेनमार्क समेत आठ देशों पर लगेगा 10% टैरिफ
Sat, 17 Jan 2026 11:31 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन डीसी।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन डीसी।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 17 Jan 2026 11:31 PM IST
सार
Trump New Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में कई देशों पर टैरिफ लगाने को लेकर हमेशा चर्चाओं में रहे हैं। अब उन्होंने आठ देशों पर एक फरवरी से दस फीसदी टैरिफ लगाने का एलान किया। यही नहीं उन्होंने जून से इस टैरिफ को 25 फीसदी तक बढ़ाने की चेतावनी दी है। टैरिफ और ग्रीनलैंड पर क्या बोले ट्रंप, पढ़िए रिपोर्ट-
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ग्रीनलैंड विवाद गहराता जा रहा है।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में घोषणा की कि अगले महीने से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से उनके देश भेजे जाने वाले सामानों पर दस फीसदी आयात शुल्क (टैरिफ) लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि एक जून से यह टैरिफ बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह टैरिफ तब तक लागू रहेगा, जब तक ग्रीनलैंड की पूर्ण खरीद को लेकर कोई समझौता नहीं हो जाता। वहीं, यूरोपीय संघ की प्रमुख ने ट्रंप के बयान की धमकी आलोचना की। यूरोपीय संघ ने इन प्रस्तावित टैरिफ पर चर्चा के लिए एक आपात बैठक बुलाई है।
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ग्रीनलैंड की सुरक्षा पर क्या कहा?
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, हमने कई वर्षों तक डेनमार्क, यूरोपीय संघ (ईयू) के सभी सदस्य देशों और अन्य राष्ट्रों को सब्सिडी दी है। हमने उनसे न तो शुल्क (टैरिफ) लिया और न ही किसी अन्य प्रकार का भुगतान। अब सदियों बाद समय आ गया है कि डेनमार्क कुछ वापस करे, क्योंकि विश्व शांति दांव पर है। चीन और रूस ग्रीनलैंड चाहते हैं और डेनमार्क इसके लिए कुछ भी नहीं कर सकता। फिलहाल वहां सुरक्षा के नाम पर सिर्फ दो डॉग स्लेज (बर्फीले इलाके में कुत्तों द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी) हैं, जिनमें से एक हाल ही में जोड़ा गया है।
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उन्होंने आगे लिखा, इस स्थिति में केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका इस खेल में प्रभावी भूमिका निभा सकता है और वह भी पूरी सफलता के साथ। इस पवित्र भूमि को कोई नहीं छू सकता, खासकर तब जब अमेरिका और पूरी दुनिया की राष्ट्रीय सुरक्षा इससे जुड़ी हो। इसके अलावा, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड के लोग ग्रीनलैंड पहुंच रहे हैं, जिनके मकसद स्पष्ट नहीं हैं।
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एक फरवरी से इन आठ देशों पर लगेगा टैरिफ
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, इसी कारण एक फरवरी 2026 से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से अमेरिका भेजे जाने वाले सभी सामानों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। एक जून 2026 से यह टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा। यह शुल्क तब तक लागू रहेगा, जब तक ग्रीनलैंड की पूरी और अंतिम खरीद को लेकर कोई समझौता नहीं हो जाता। उन्होंने कहा, अमेरिका पिछले 150 वर्षों से ग्रीनलैंड को खरीदने का प्रयास करता रहा है। कई राष्ट्रपतियों ने इसके लिए कोशिश की और इसके पीछे ठोस कारण भी थे, लेकिन डेनमार्क ने हमेशा इनकार किया। अब 'गोल्डन डोम' और आक्रामक और रक्षात्मक दोनों आधुनिक हथियार प्रणालियों के कारण इस भूमि को हासिल करना और भी जरूरी हो गया है।
डोम से जुड़े सुरक्षा कार्यक्रमों पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका तुरंत डेनमार्क और उन सभी देशों के साथ बातचीत के लिए तैयार है, जिन्होंने इतना बड़ा जोखिम पैदा किया है, जबकि अमेरिका ने दशकों से उन्हें अधिकतम सुरक्षा और सहयोग दिया है। इस विषय पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।' ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन एक स्वशासित क्षेत्र है और हाल के महीनों में इस द्वीप को लेकर ट्रंप के बयानों से अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच तनाव बढ़ा है। कई यूरोपीय नेताओं ने साफ कहा है कि ग्रीनलैंड के भविष्य पर फैसला लेने का अधिकार केवल डेनमार्क और ग्रीनलैंड को है।
ट्रंप की धमकी पर यूरोपीय संघ प्रमुख ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा डेनमार्क और अन्य यूरोपीय संघ देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी देने के कुछ घंटों बाद, यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि ऐसे टैरिफ अटलांटिक महासागर के दोनों ओर के देशों के संबंधों को कमजोर करते हैं और खतरनाक गिरावट की ओर ले जा सकते हैं। उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ पूरी एकजुटता जताई और नाटो के सहयोगी देशों के बीच पैदा हुए मतभेद को बातचीत के जरिये सुलझाने पर जोर दिया।
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उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा, यूरोपीय संघ डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ पूरी तरह खड़ा है। संवाद बेहद जरूरी है और हम डेनमार्क और अमेरिका के बीच पिछले हफ्ते शुरू हुई प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आगे कहा, टैरिफ अटलांटिक के दोनों ओर के देशों के बीच संबंधों को नुकसान पहुंचाएंगे और एक खतरनाक नकारात्मक स्थिति पैदा कर सकते हैं। यूरोप एकजुट रहेगा, तालमेल बनाए रखेगा और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
प्रस्तावित टैरिफ पर चर्चा के लिए यूरोपीय संघ ने बुलाई बैठक
इस बीच, फ्रांस24 की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय संघ ने प्रस्तावित टैरिफ पर चर्चा के लिए रविवार को एक आपात बैठक भी बुलाई है। उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अंतरराष्ट्रीय कानून, डेनमार्क की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांत हैं। उन्होंने कहा, ये सिद्धांत यूरोप और पूरी अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के लिए बेहद अहम हैं। हमने हमेशा आर्कटिक क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को लेकर अपने साझा अटलांटिक के पार हितों पर जोर दिया है, खासकर नाटो के माध्यम से।
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ग्रीनलैंड की सुरक्षा पर क्या कहा?
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, हमने कई वर्षों तक डेनमार्क, यूरोपीय संघ (ईयू) के सभी सदस्य देशों और अन्य राष्ट्रों को सब्सिडी दी है। हमने उनसे न तो शुल्क (टैरिफ) लिया और न ही किसी अन्य प्रकार का भुगतान। अब सदियों बाद समय आ गया है कि डेनमार्क कुछ वापस करे, क्योंकि विश्व शांति दांव पर है। चीन और रूस ग्रीनलैंड चाहते हैं और डेनमार्क इसके लिए कुछ भी नहीं कर सकता। फिलहाल वहां सुरक्षा के नाम पर सिर्फ दो डॉग स्लेज (बर्फीले इलाके में कुत्तों द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी) हैं, जिनमें से एक हाल ही में जोड़ा गया है।
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उन्होंने आगे लिखा, इस स्थिति में केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका इस खेल में प्रभावी भूमिका निभा सकता है और वह भी पूरी सफलता के साथ। इस पवित्र भूमि को कोई नहीं छू सकता, खासकर तब जब अमेरिका और पूरी दुनिया की राष्ट्रीय सुरक्षा इससे जुड़ी हो। इसके अलावा, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड के लोग ग्रीनलैंड पहुंच रहे हैं, जिनके मकसद स्पष्ट नहीं हैं।
ये भी पढ़ें: गाजा 'शांति बोर्ड' से इस्राइल नाराज, US की घोषणा पर आपत्ति जताई; बताया पॉलिसी के खिलाफ
एक फरवरी से इन आठ देशों पर लगेगा टैरिफ
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, इसी कारण एक फरवरी 2026 से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से अमेरिका भेजे जाने वाले सभी सामानों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। एक जून 2026 से यह टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया जाएगा। यह शुल्क तब तक लागू रहेगा, जब तक ग्रीनलैंड की पूरी और अंतिम खरीद को लेकर कोई समझौता नहीं हो जाता। उन्होंने कहा, अमेरिका पिछले 150 वर्षों से ग्रीनलैंड को खरीदने का प्रयास करता रहा है। कई राष्ट्रपतियों ने इसके लिए कोशिश की और इसके पीछे ठोस कारण भी थे, लेकिन डेनमार्क ने हमेशा इनकार किया। अब 'गोल्डन डोम' और आक्रामक और रक्षात्मक दोनों आधुनिक हथियार प्रणालियों के कारण इस भूमि को हासिल करना और भी जरूरी हो गया है।
डोम से जुड़े सुरक्षा कार्यक्रमों पर क्या बोले ट्रंप?
- 'डोम' से जुड़े सुरक्षा कार्यक्रमों पर सैकड़ों अरब डॉलर खर्च किए जा रहे हैं।
- उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में कनाडा की संभावित सुरक्षा भी शामिल है।
- यह प्रणाली अत्यंत उन्नत और जटिल है।
- प्रणाली तभी पूरी क्षमता और प्रभाव से काम कर सकती है, जब इसमें इस भूमि (ग्रीनलैंड) को शामिल किया जाए।
- इसके लिए कोण, सीमाएं और भौगोलिक स्थिति बेहद महत्वपूर्ण हैं।
ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका तुरंत डेनमार्क और उन सभी देशों के साथ बातचीत के लिए तैयार है, जिन्होंने इतना बड़ा जोखिम पैदा किया है, जबकि अमेरिका ने दशकों से उन्हें अधिकतम सुरक्षा और सहयोग दिया है। इस विषय पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।' ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधीन एक स्वशासित क्षेत्र है और हाल के महीनों में इस द्वीप को लेकर ट्रंप के बयानों से अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच तनाव बढ़ा है। कई यूरोपीय नेताओं ने साफ कहा है कि ग्रीनलैंड के भविष्य पर फैसला लेने का अधिकार केवल डेनमार्क और ग्रीनलैंड को है।
ट्रंप की धमकी पर यूरोपीय संघ प्रमुख ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा डेनमार्क और अन्य यूरोपीय संघ देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी देने के कुछ घंटों बाद, यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि ऐसे टैरिफ अटलांटिक महासागर के दोनों ओर के देशों के संबंधों को कमजोर करते हैं और खतरनाक गिरावट की ओर ले जा सकते हैं। उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ पूरी एकजुटता जताई और नाटो के सहयोगी देशों के बीच पैदा हुए मतभेद को बातचीत के जरिये सुलझाने पर जोर दिया।
ये भी पढ़ें: ईपीए के नए नियम से एलन मस्क की एक्सएआई को झटका, डाटा केंद्र विस्तार की राह कठिन, जानें पूरा मामला
उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा, यूरोपीय संघ डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ पूरी तरह खड़ा है। संवाद बेहद जरूरी है और हम डेनमार्क और अमेरिका के बीच पिछले हफ्ते शुरू हुई प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आगे कहा, टैरिफ अटलांटिक के दोनों ओर के देशों के बीच संबंधों को नुकसान पहुंचाएंगे और एक खतरनाक नकारात्मक स्थिति पैदा कर सकते हैं। यूरोप एकजुट रहेगा, तालमेल बनाए रखेगा और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
प्रस्तावित टैरिफ पर चर्चा के लिए यूरोपीय संघ ने बुलाई बैठक
इस बीच, फ्रांस24 की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय संघ ने प्रस्तावित टैरिफ पर चर्चा के लिए रविवार को एक आपात बैठक भी बुलाई है। उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने अंतरराष्ट्रीय कानून, डेनमार्क की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता अंतरराष्ट्रीय कानून के मूल सिद्धांत हैं। उन्होंने कहा, ये सिद्धांत यूरोप और पूरी अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के लिए बेहद अहम हैं। हमने हमेशा आर्कटिक क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को लेकर अपने साझा अटलांटिक के पार हितों पर जोर दिया है, खासकर नाटो के माध्यम से।
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