अमेरिका और WHO के बीच आई दरार, अब ऐसे बढ़ सकती है चीन की अहमियत
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कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से सारे संबंध तोड़ लिए हैं। ऐसे में अमेरिका से उसे मिलने वाला फंड अब पूरी तरह से रुक जाएगा। इससे पहले सिर्फ दो या तीन महीने के लिए फंड रोकने की बात अमेरिका ने कही थी। ट्रंप प्रशासन के इस ताजा फैसले का दुनिया के दूसरे गरीब देशों पर क्या कोई असर पड़ेगा? क्या ऐसे में चीन की अहमित बढ़ सकती है? कोरोना से लड़ने में क्या मुश्किलें आएंगी, आइए समझते हैं....
कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से सारे संबंध तोड़ लिए हैं। ऐसे में अमेरिका से उसे मिलने वाला फंड अब पूरी तरह से रुक जाएगा। इससे पहले सिर्फ दो या तीन महीने के लिए फंड रोकने की बात अमेरिका ने कही थी। ट्रंप प्रशासन के इस ताजा फैसले का दुनिया के दूसरे गरीब देशों पर क्या कोई असर पड़ेगा? क्या ऐसे में चीन की अहमित बढ़ सकती है? कोरोना से लड़ने में क्या मुश्किलें आएंगी, आइए समझते हैं....
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क्या कहा ट्रंप ने
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डब्ल्यूएचाओ से रिश्ते तोड़ने का एलान करते हुए कहा कि डब्ल्यूएचओ पूरी तरह से चीन के इशारे पर चल रहा है। वह बदलाव की प्रक्रिया शुरू करने में भी नाकाम रहा है और इसलिए हम विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपने सारे संबंधों को खत्म कर रहे हैं। इससे पहले अमेरिका ने डब्ल्यूएचओ पर चीन का साथ देने का आरोप लगाते हुए दो से तीन महीने के लिए फंडिंग पर रोक लगा दी थी। अमेरिका ने लगाया था लापरवाही का आरोप
क्या चीन को केंद्र में रखता है डब्ल्यूएचओ?
कैसे मिलती है डब्ल्यूएचओ को फंडिंग
अमेरिका के रिश्ता तोड़ने से चीन की अहमियत और बढ़ेगी?
चीन ने बढ़ाई थी फंडिंग
क्या ताइवान की चेतावनी अनसुनी हुई?