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US: पूर्व राष्ट्रपति पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट आज सुना सकती है फैसला, 34 संगीन आरोपों में दोषी हैं ट्रंप
Mon, 01 Jul 2024 10:07 AM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 01 Jul 2024 10:07 AM IST
सार
US: 2016 के चुनावों से पहले एक सेक्स स्कैंडल को छिपाने के लिए व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के 34 संगीन आरोपों में दोषी डोनाल्ड ट्रंप पर आज अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट बड़ा फैसला सुना सकती है। 30 मई को न्यूयॉर्क की एक अदालत ने ट्रंप को दोषी ठहराया था।
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डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट आज सबसे बहुप्रतीक्षित फैसले पर फैसला सुनाएगी। जिसे सदियों के लिए फैसले का नाम दिया गया है। जिसमें ये तय होगा कि क्या पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभियोजन से मुक्त हैं? बता दें कि 30 मई को ट्रंप को 34 मामलों में दोषी पाया था। भले ही फैसले में ट्रंप के इस दावे को खारिज करने की संभावना हो कि उन्हें अभियोजन से पूर्ण प्रतिरक्षा है। लेकिन यह निर्णय इस बात में महत्वपूर्ण होगा कि क्या 2020 के चुनाव में उनकी हार को पलटने की साजिश रचने के लिए उनका मुकदमा इस साल के चुनाव से पहले आगे बढ़ सकता है, जिसमें वे रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं।
ट्रंप के नियुक्त जजों का बयान
वहीं डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से नियुक्त किए गए रूढ़िवादी न्यायाधीश नील गोरसच ने अप्रैल में दलीलें सुनने के दौरान कहा था कि, हम सदियों के लिए एक नियम लिख रहे हैं। वहीं एक अन्य न्यायाधीश ब्रेट कैवनघ ने कहा, इस मामले का राष्ट्रपति पद, राष्ट्रपति पद के भविष्य और देश के भविष्य पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
सुनवाई में पहले ही हो चुकी है देरी
बता दें कि मामले में ट्रंप की मूल सुनवाई की तारीख 4 मार्च थी, जो राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ नवंबर में होने वाले उनके चुनावी मुकाबले से काफी पहले थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से अपने कार्यकाल के दौरान नियुक्त किए गए तीन लोगों समेत रूढ़िवादियों का वर्चस्व है, ने फरवरी में राष्ट्रपति पद की प्रतिरक्षा के लिए उनकी दलील सुनने पर सहमति जताई और मामले को अप्रैल में विचार किए जाने तक के लिए रोक दिया। जिसका साफ मतलब है कि मामले में सुनवाई पहले ही काफी देर हो चुकी है।
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चार आपराधिक मामलों का सामना कर रहे ट्रंप
हालांकि अदालत की तरफ से यह फैसला सुनाए जाने की संभावना नहीं है कि डोनाल्ड ट्रंप को पूरी तरह से अभियोजन से प्रतिरक्षा प्राप्त है। अप्रैल में हुई बहस के दौरान, न्यायाधीश उनके दावों पर काफी हद तक संशय में दिखे, कुछ ने सवाल उठाया कि क्या इसका मतलब यह है कि राष्ट्रपति "बिना किसी रोक-टोक के अपराध कर सकते हैं। चार आपराधिक मामलों का सामना कर रहे ट्रंप कम से कम चुनाव के बाद तक मुकदमों को टालने के लिए अपनी शक्ति में सब कुछ कर रहे हैं। आशंका जताई जा रही है अगर ट्रंप फिर से चुने जाते हैं, तो जनवरी 2025 में राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद, उनके खिलाफ संघीय मुकदमों को बंद करने का आदेश दे सकते हैं।
क्या है पूरा मामला?
मैनहट्टन ज्यूरी ने 30 मई को डोनाल्ड ट्रंप को 34 मामलों में दोषी पाया था। जिसमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने 2016 में चुनाव से पहले एडल्ट फिल्म स्टार को एक सेक्स स्कैंडल के केस में चुप रहने के लिए 130 हजार डॉलर दिए थे। जिस मामले में उनका तर्क था कि ये शारीरिक संबंध करीब एक दशक पहले बनाए गए थे।
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ट्रंप के नियुक्त जजों का बयान
वहीं डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से नियुक्त किए गए रूढ़िवादी न्यायाधीश नील गोरसच ने अप्रैल में दलीलें सुनने के दौरान कहा था कि, हम सदियों के लिए एक नियम लिख रहे हैं। वहीं एक अन्य न्यायाधीश ब्रेट कैवनघ ने कहा, इस मामले का राष्ट्रपति पद, राष्ट्रपति पद के भविष्य और देश के भविष्य पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
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सुनवाई में पहले ही हो चुकी है देरी
बता दें कि मामले में ट्रंप की मूल सुनवाई की तारीख 4 मार्च थी, जो राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ नवंबर में होने वाले उनके चुनावी मुकाबले से काफी पहले थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से अपने कार्यकाल के दौरान नियुक्त किए गए तीन लोगों समेत रूढ़िवादियों का वर्चस्व है, ने फरवरी में राष्ट्रपति पद की प्रतिरक्षा के लिए उनकी दलील सुनने पर सहमति जताई और मामले को अप्रैल में विचार किए जाने तक के लिए रोक दिया। जिसका साफ मतलब है कि मामले में सुनवाई पहले ही काफी देर हो चुकी है।
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चार आपराधिक मामलों का सामना कर रहे ट्रंप
हालांकि अदालत की तरफ से यह फैसला सुनाए जाने की संभावना नहीं है कि डोनाल्ड ट्रंप को पूरी तरह से अभियोजन से प्रतिरक्षा प्राप्त है। अप्रैल में हुई बहस के दौरान, न्यायाधीश उनके दावों पर काफी हद तक संशय में दिखे, कुछ ने सवाल उठाया कि क्या इसका मतलब यह है कि राष्ट्रपति "बिना किसी रोक-टोक के अपराध कर सकते हैं। चार आपराधिक मामलों का सामना कर रहे ट्रंप कम से कम चुनाव के बाद तक मुकदमों को टालने के लिए अपनी शक्ति में सब कुछ कर रहे हैं। आशंका जताई जा रही है अगर ट्रंप फिर से चुने जाते हैं, तो जनवरी 2025 में राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद, उनके खिलाफ संघीय मुकदमों को बंद करने का आदेश दे सकते हैं।
क्या है पूरा मामला?
मैनहट्टन ज्यूरी ने 30 मई को डोनाल्ड ट्रंप को 34 मामलों में दोषी पाया था। जिसमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने 2016 में चुनाव से पहले एडल्ट फिल्म स्टार को एक सेक्स स्कैंडल के केस में चुप रहने के लिए 130 हजार डॉलर दिए थे। जिस मामले में उनका तर्क था कि ये शारीरिक संबंध करीब एक दशक पहले बनाए गए थे।