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US: ऑनलाइन एडल्ट वेबसाइटों पर उम्र सत्यापन के कानून को चुनौती, याचिका में तर्क- यह संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन
Wed, 03 Jul 2024 10:01 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 03 Jul 2024 10:01 AM IST
सार
अमेरिका में बीते साल ही ऐसा कानून लागू किया गया था, जिसके तहत व्यस्क वेबसाइटों पर जाने से पहले यूजर्स को अपनी उम्र का सत्यापन देना जरूरी था। यह कानून बच्चों के लिए व्यस्क वेबसाइटों के इस्तेमाल को रोकने के लिए बनाया गया था।
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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
अमेरिकी राज्य टेक्सास में एडल्ट वेबसाइट्स पर उम्र सत्यापन की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग की गई है। इसे लेकर अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है और कोर्ट 7 अक्तूबर से इस याचिका पर सुनवाई शुरू करेगा। अमेरिका में बीते साल ही ऐसा कानून लागू किया गया था, जिसके तहत व्यस्क वेबसाइटों पर जाने से पहले यूजर्स को अपनी उम्र का सत्यापन देना जरूरी था। यह कानून बच्चों के लिए व्यस्क वेबसाइटों के इस्तेमाल को रोकने के लिए बनाया गया था।
याचिका में दिया गया है ये तर्क
अब इस कानून को चुनौती देते हुए जो याचिका दायर हुई है, उसमें तर्क दिया गया है कि यह कानून अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन बोलने की आजादी के अधिकार का उल्लंघन करता है। टेक्सास के फ्री स्पीच नामक व्यापार संघ ने मार्च में निचली अदालत में कानून के खिलाफ याचिका दायर की थी, लेकिन निचली अदालत ने कानून को बरकार रखा, जिसके बाद व्यापार संघ ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। याचिका में कहा गया है कि एडल्ट वेबसाइट्स पर उम्र सत्यापन के नियम से सरकार को लोगों को निजी जीवन में झांकने की अनुमति मिल जाएगी।
टेक्सास के अटॉर्नी जनरल ने किया विरोध
टेक्सास के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन ने इस याचिका का विरोध किया है। उनका कहना है कि इस कानून में कुछ भी असंवैधानिक नहीं है। यह कानून पोर्नोग्राफी के प्रदर्शन और उसके उत्पादन पर रोक नहीं लगाता है, लेकिन पोर्नोग्राफी उद्योग को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि व्यवस्क सामग्री तक पहुंच बनाने वाले लोग व्यस्क हों। अधिकारियों की चिंता है कि व्यस्क सामग्री तक बच्चों की पहुंच नहीं होनी चाहिए। टेक्सास के अलावा अमेरिका के कई अन्य राज्यों में भी व्यस्क वेबसाइटों तक पहुंच के लिए आयु सत्यापन की अनिवार्यता वाले कानून हैं।
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याचिका में दिया गया है ये तर्क
अब इस कानून को चुनौती देते हुए जो याचिका दायर हुई है, उसमें तर्क दिया गया है कि यह कानून अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन बोलने की आजादी के अधिकार का उल्लंघन करता है। टेक्सास के फ्री स्पीच नामक व्यापार संघ ने मार्च में निचली अदालत में कानून के खिलाफ याचिका दायर की थी, लेकिन निचली अदालत ने कानून को बरकार रखा, जिसके बाद व्यापार संघ ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। याचिका में कहा गया है कि एडल्ट वेबसाइट्स पर उम्र सत्यापन के नियम से सरकार को लोगों को निजी जीवन में झांकने की अनुमति मिल जाएगी।
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टेक्सास के अटॉर्नी जनरल ने किया विरोध
टेक्सास के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन ने इस याचिका का विरोध किया है। उनका कहना है कि इस कानून में कुछ भी असंवैधानिक नहीं है। यह कानून पोर्नोग्राफी के प्रदर्शन और उसके उत्पादन पर रोक नहीं लगाता है, लेकिन पोर्नोग्राफी उद्योग को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि व्यवस्क सामग्री तक पहुंच बनाने वाले लोग व्यस्क हों। अधिकारियों की चिंता है कि व्यस्क सामग्री तक बच्चों की पहुंच नहीं होनी चाहिए। टेक्सास के अलावा अमेरिका के कई अन्य राज्यों में भी व्यस्क वेबसाइटों तक पहुंच के लिए आयु सत्यापन की अनिवार्यता वाले कानून हैं।
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