{"_id":"68e08578defa00f36805b498","slug":"us-shutdown-hurts-services-for-native-americans-and-they-worry-trump-harms-treaties-worse-is-coming-2025-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"US: शटडाउन से मूल अमेरिकियों की चिंता बढ़ी, वर्षों से मिल रही सुविधाएं छीन सकती है ट्रंप सरकार","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US: शटडाउन से मूल अमेरिकियों की चिंता बढ़ी, वर्षों से मिल रही सुविधाएं छीन सकती है ट्रंप सरकार
Sat, 04 Oct 2025 07:54 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 04 Oct 2025 07:54 AM IST
सार
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने शुक्रवार को दावा किया कि सैन्य परिवारों के लिए खाने की भी दिक्कतें शुरू हो गई हैं। उन्होंने शटडाउन के लिए डेमोक्रेट पार्टी को जिम्मेदार ठहराया।
विज्ञापन
अमेरिकी संसद
- फोटो : फ्रीपिक
विस्तार
अमेरिका में जारी शटडाउन से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा। अब इस शटडाउन ने अमेरिका के मूल निवासियों की चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है। दरअसल उन्हें आशंका है कि शटडाउन की आड़ में ट्रंप सरकार उन्हें वर्षों से मिल रही सुविधाओं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा आदि को छीन सकती है। दरअसल अमेरिका में मूल निवासियों के साथ सैंकड़ों साल पहले एक संधि की गई थी, जिसमें उन्हें अपनी जमीन छोड़ने के बदले सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास में सरकार की तरफ से विशेष मदद की जाती है।
मूल निवासियों की कई सेवाएं बंद कर दी गईं
अमेरिका में मूल निवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकारी खर्च पर निर्भर करते हैं। अब मूल निवासियों को डर है कि शटडाउन के चलते ट्रंप सरकार संघीय कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है, जिससे उन्हें मिलने वाली सरकारी मदद प्रभावित हो सकती है। शटडाउन का असर दिख रहा है और नेवादा के रेनो में पिरामिड लेक पाइयूट जनजाति ने 1 अक्टूबर से कम से कम 25 कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया है और अपने संग्रहालय और सांस्कृतिक केंद्र, उच्च शिक्षा विभाग, और सार्वजनिक स्कूल प्रणाली में मूल निवासी बच्चों के लिए सेवाएं बंद कर दी हैं। हालांकि फिलहाल ये बंद अस्थायी हैं, लेकिन अगर शटडाउन लंबा चला तो इन सेवाओं को हमेशा के लिए भी बंद किया जा सकता है।
ये भी पढ़ें- PM Modi: पीएम मोदी ने गाजा में ट्रंप के शांति प्रयासों को सराहा, कहा- भारत हर कोशिश का समर्थन करेगा
विज्ञापन
लोगों के खाने की भी हुई दिक्कत
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने शुक्रवार को दावा किया कि सैन्य परिवारों के लिए खाने की भी दिक्कतें शुरू हो गई हैं। उन्होंने शटडाउन के लिए डेमोक्रेट पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 'देश के करीब 13 लाख सैनिक बिना वेतन के काम कर रहे हैं। डेमोक्रेट द्वारा किए गए शटडाउन को तीन दिन हो गए हैं और इसका असर दिखना शुरू हो गया है। सैनिक बिना वेतन के काम कर रहे हैं और उनके परिवारों को खाने-पीने की समस्या होनी शुरू हो गई है।'
विज्ञापन
मूल निवासियों की कई सेवाएं बंद कर दी गईं
अमेरिका में मूल निवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए सरकारी खर्च पर निर्भर करते हैं। अब मूल निवासियों को डर है कि शटडाउन के चलते ट्रंप सरकार संघीय कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है, जिससे उन्हें मिलने वाली सरकारी मदद प्रभावित हो सकती है। शटडाउन का असर दिख रहा है और नेवादा के रेनो में पिरामिड लेक पाइयूट जनजाति ने 1 अक्टूबर से कम से कम 25 कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया है और अपने संग्रहालय और सांस्कृतिक केंद्र, उच्च शिक्षा विभाग, और सार्वजनिक स्कूल प्रणाली में मूल निवासी बच्चों के लिए सेवाएं बंद कर दी हैं। हालांकि फिलहाल ये बंद अस्थायी हैं, लेकिन अगर शटडाउन लंबा चला तो इन सेवाओं को हमेशा के लिए भी बंद किया जा सकता है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- PM Modi: पीएम मोदी ने गाजा में ट्रंप के शांति प्रयासों को सराहा, कहा- भारत हर कोशिश का समर्थन करेगा
विज्ञापन
लोगों के खाने की भी हुई दिक्कत
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने शुक्रवार को दावा किया कि सैन्य परिवारों के लिए खाने की भी दिक्कतें शुरू हो गई हैं। उन्होंने शटडाउन के लिए डेमोक्रेट पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 'देश के करीब 13 लाख सैनिक बिना वेतन के काम कर रहे हैं। डेमोक्रेट द्वारा किए गए शटडाउन को तीन दिन हो गए हैं और इसका असर दिखना शुरू हो गया है। सैनिक बिना वेतन के काम कर रहे हैं और उनके परिवारों को खाने-पीने की समस्या होनी शुरू हो गई है।'
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन