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भारतीयों को अमेरिका का ग्रीनकार्ड पाने के लिए करना पड़ रहा इंतजार, 195 साल से अधिक है वेटिंग लिस्ट
Fri, 24 Jul 2020 03:31 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 24 Jul 2020 03:31 AM IST
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शीर्ष अमेरिकी सीनेटर माइक ली ने कहा है कि एक भारतीय नागरिक के लिए स्थायी निवास या ग्रीन कार्ड पाने का बैकलॉग 195 वर्ष से अधिक है। उन्होंने अपने सीनेट सहयोगियों से इस समस्या का समाधान करने के लिए एक विधेयक पेश करने का आग्रह किया। ग्रीन कार्ड को अमेरिका में आधिकारिक रूप से स्थायी निवास कार्ड के रूप में जाना जाता है।
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सीनेटर माइक ली ने कहा कि मौजूदा ग्रीन कार्ड नीति उस अप्रवासी के बच्चे के लिए भी बेकार है, जिसके मृत माता-पिता के ग्रीन कार्ड आवेदन को अंतत: अस्वीकार कर दिया गया क्योंकि अब उसकी नौकरी नहीं रही। आज भारत के बैकलॉग में प्रवेश करने वाले किसी व्यक्ति को ईबी-3 ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के लिए 195 साल तक इंतजार करना होगा।
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सीनेटर माइक ली अमेरिकी संसद में सीनेटर डिक डर्बिन द्वारा उठाए गए कानून पर बोल रहे थे, जिसमें आप्रवासी श्रमिकों और उनके बच्चों की रक्षा करने की बात की गई थी, जो ग्रीन कार्ड बैकलॉग में फंस गए हैं।
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द्विदलीय समझौते से मिलेगी सुरक्षा
ग्रीन कार्ड बैकलॉग ने परिवारों को आव्रजन स्थिति खोने का खतरा पैदा कर दिया है। इस पर सीनेटर ली ने कहा, हमारा द्विदलीय समझौता बैकलॉग में फंस गए अप्रवासी श्रमिकों और उनके तत्कालिक परिवार के सदस्यों को सुरक्षा देगा, जो मूल बिल में नहीं था।
वे आव्रजन की स्थिति को खोए बिना, नौकरियों को स्विच करने और यात्रा करने में सक्षम होंगे। वहीं, आप्रवासी श्रमिकों के बच्चे उम्र बढ़ने से सुरक्षित रहेंगें।