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अमेरिका: चीन के खिलाफ कदमों से संतुष्ट नहीं कंजरवेटिव समूह, बनाया अपना ड्राफ्ट

Fri, 16 Jul 2021 07:36 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 16 Jul 2021 07:36 PM IST
सार

गुरुवार को पारित हुए- उइगर जबरिया श्रम निवारण अधिनियम को दोनों पार्टियों का समर्थन मिला। इसके तहत शिनजियांग प्रांत में उत्पादित सभी वस्तुओं के आयात पर रोक लग जाएगी। उसका अपवाद सिर्फ वही वस्तुएं होंगी, जिनके बारे में अमेरिकी अधिकारी यह प्रमाणित करेंगे कि उसे बनाने में जबरिया मजदूरी का इस्तेमाल नहीं हुआ है...

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US Senate passed a bill to ban the import of manufactured goods in the Chinese province of Xinjiang
उइघुर मुस्लिम

विस्तार

अमेरिकी सीनेट ने आम राय से चीन के प्रांत शिनजियांग में निर्मित वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने के लिए एक बिल पारित कर दिया। उसके अलावा एक और बिल तैयार किया गया है, जिसके लिए सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शुमर रिपब्लिकन सीनेटरों का समर्थन जुटाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। लेकिन इन दोनों कदमों से अमेरिका के कंजरवेटिव समूह संतुष्ट नहीं है। उन्होंने चीन के खिलाफ और भी अधिक कड़ी कार्रवाई के लिए दबाव बनाने की मुहिम छेड़ दी है। इन समूहों ने 300 पेज का एक वैकल्पिक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे वे अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के सभी सदस्यों को भेज रहे हैं।

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चक शुमर ने कुछ समय पहले दावा किया था कि उनके प्रस्तावित- द यूएस इनोवेशन एंड कॉम्पीटिशन एक्ट- को रिपब्लिकन पार्टी के 18 सीनेटरों का समर्थन मिल गया है। गौरतलब है कि सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के पास अपना बहुमत नहीं है, इसलिए उसे हर प्रस्ताव को पारित करने के लिए किसी विशेष नियम या रिपब्लिकन सदस्यों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ता है।
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गुरुवार को पारित हुए- उइघुर जबरिया श्रम निवारण अधिनियम को दोनों पार्टियों का समर्थन मिला। इसके तहत शिनजियांग प्रांत में उत्पादित सभी वस्तुओं के आयात पर रोक लग जाएगी। उसका अपवाद सिर्फ वही वस्तुएं होंगी, जिनके बारे में अमेरिकी अधिकारी यह प्रमाणित करेंगे कि उसे बनाने में जबरिया मजदूरी का इस्तेमाल नहीं हुआ है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक अमेरिका की दोनों प्रमुख पार्टियों में चीन के खिलाफ कार्रवाई पर आम सहमति है। लेकिन उनके बीच यह होड़ भी है कि उनमें कौन चीन के खिलाफ अधिक सख्त रुख अपनाता दिखता है।
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जो बाइडन प्रशासन ने चीन का मुकाबला करने के लिए ही अमेरिका में मैनुफैक्चरिंग और अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा देने की योजनाएं घोषित की हैं। लेकिन चीन के खिलाफ प्रत्यक्ष कार्रवाई पर जितनी सहमति दोनों पार्टियों के बीच है, उतनी घरेलू उपायों को लेकर नहीं है। रिपब्लिकन पार्टी घरेलू उद्योग और इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने के लिए उत्साहित नहीं है।

खबर है कि चक शुमर के मसविदे के जवाब में कंजरवेटिव समूहों ने जो वैकल्पिक प्रस्ताव तैयार किया है, उसे रिपब्लिकन पार्टी के हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के 154 सदस्यों का समर्थन हासिल हो चुका है। इस प्रस्ताव का मसविदा रिपब्लिकन स्टडी कमेटी ने लिखा है। इसमें कहा गया है कि अमेरिकी कांग्रेस को चीनी खतरे का मुकाबला करने के लिए 'सर्वाधिक गंभीर और व्यापक' प्रयास करने चाहिए। वेबसाइट एक्सियोस.कॉम की एक खास खबर के मुताबिक रिपब्लिकन स्टडी कमेटी के प्रस्ताव में जो उपाय शामिल किए गए हैं, उन्हें लागू करने पर 200 अरब डॉलर अधिक खर्च आएगा। जबकि चक शुमर के प्रस्ताव में शामिल उपायों पर एक अरब डॉलर खर्च करने की बात ही कही गई है।


रिपब्लिकन स्टडी कमेटी के प्रस्ताव में 11 क्षेत्रों में चीन का मुकाबला करने की बात की गई है। इनमें ताइवान की रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के उपायों को मजबूत करना शामिल है। वेबसाइट एक्सियोस के मुताबिक कंजरवेटिव समूह अपने इस प्रस्ताव के लिए दोनों पार्टियों के सदस्यों का समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे। पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस वैकल्पिक प्रस्ताव के जरिए ये समूह यह संदेश देना चाह रहे हैं कि अब तक चीन का मुकाबला करने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, वे पर्याप्त नहीं हैँ। यह कुल मिलाकर अमेरिका में चीन विरोधी होड़ में आगे दिखने की कवायद का ही हिस्सा है।

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