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सऊदी अरब पर अपने आलोचकों के ट्विटर की जासूसी कराने का आरोप, तीन गिरफ्तार
Thu, 07 Nov 2019 12:26 PM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सैन फ्रांसिस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सैन फ्रांसिस्को
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 07 Nov 2019 12:26 PM IST
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prince salman
- फोटो : PTI
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सैन फ्रांसिस्को संघीय अदालत ने सऊदी अरब के शाही परिवार की आलोचना करने वाले ट्विटर के दो उपयोगकर्ताओं की जासूसी करने के मामले में ट्विटर के दो पूर्व कर्मचारियों और एक अन्य शख्स पर आरोप तय किए हैं। अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
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मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि सऊदी अरब के दो नागरिकों और एक अमेरिकी नागरिक ने रियाद एवं शाही परिवार की तरफ से इन असहमत ट्विटर उपयोगकर्ताओं की पहचान उजागर करने के मकसद से कथित तौर पर मिल कर काम किया।
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'वॉशिंगटन पोस्ट' ने खबर दी कि अदालत में दायर याचिका के मुताबिक आरोपी सऊदी अरब के किसी अज्ञात अधिकारी के इशारे पर ऐसा कर रहे थे और यह अधिकारी किसी ऐसे व्यक्ति के लिए काम कर रहे थे जिन्हें अभियोजकों ने शाही परिवार का नंबर एक सदस्य बताया है। वहीं अखबार की मानें तो यह व्यक्ति सऊदी अरब के शहजादे (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान हैं।
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आरोपियों में ट्विटर कर्मचारी अली अलजबरा और अहमद अबुआमो के अलावा शाही परिवार के साथ संबंध रखने वाले मार्केटिंग अधिकारी अहमद अलमुतायिरी शामिल हैं।
अमेरिकी अटॉर्नी डेविड एंडर्सन ने कहा कि 'आज सामने आई आपराधिक शिकायत में आरोप है कि सऊदी अरब के एजेंटों ने देश के ज्ञात आलोचकों और ट्विटर के हजारों अन्य उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी हासिल करने के लिए ट्विटर के आंतरिक तंत्र में सेंध लगाई।'
उन्होंने एक बयान में कहा कि 'अमेरिकी कानून अमेरिकी कंपनियों को इस तरह की गैरकानूनी विदेशी घुसपैठ से बचाता है। हम अमेरिकी कंपनियों या अमेरिकी प्रौद्योगिकियों को अमेरिकी कानून का उल्लंघन करते हुए विदेशी दबाव का माध्यम नहीं बनने देंगे।'
यह वाद ऐसे समय में दायर किया गया है जब एक साल पहले सऊदी अरब के पत्रकार जमाल खशोगी की रियाद प्रायोजित हत्या के बाद से अमेरिका और सऊदी अरब के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। खशोगी वाशिंगटन पोस्ट के अलावा कई अखबारों के लिए लिखते थे।