सख्ती: अब अमेरिका में 30 दिन से अधिक रुकने पर पंजीकरण अनिवार्य, नियम टूटने पर जुर्माना-जेल-प्रत्यर्पण जैसे दंड
अमेरिका में 30 दिन से अधिक रुकने वाले विदेशी नागरिकों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना, जेल या देश से निर्वासन (डिपोर्टेशन) की सजा हो सकती है। यह नियम वैध दस्तावेज न रखने वाले निवासियों पर भी लागू होगा।
विस्तार
अमेरिकी ने विदेशी नागरिकों के लिए 30 दिन से ज्यादा समय तक रुकने पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। नए नियमों के मुताबिक ऐसे नागरिकों को हर वक्त पंजीकरण का प्रमाण रखना होगा वरना जुर्माना, कैद तथा प्रत्यर्पण जैसा दंड भुगतना होगा। ये नियम विदेशी नागरिकों, वीजाधारकों और कानूनी रूप से उन सभी स्थायी निवासियों पर भी लागू होंगे जिनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं और वे 30 दिन से अधिक समय से अमेरिका में रह रहे हैं।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक बयान में कहा कि नए नियम राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन को लेकर हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, अमेरिका में 30 दिन से अधिक समय से मौजूद सभी विदेशी नागरिकों को संघीय सरकार में पंजीकरण कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर उन्हें जुर्माने के अलावा उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है। उन्हें इस प्रकार प्रत्यर्पित किया जा सकता है ताकि दोबारा हमारे देश में न आ पाएं। इससे पहले एक फेडरल जज ने भी ट्रंप प्रशासन को पंजीकरण अनिवार्य करने की मंजूरी दी थी।
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सुरक्षा विभाग ने शुरू की पंजीकरण प्रक्रिया
ट्रंप प्रशासन के फैसले के तुरंत बाद सुरक्षा विभाग ने विज्ञप्ति जारी कर लोगों पंजीकरण शुरू कराने की अपील की है। विज्ञप्ति में इस बात पर जोर दिया गया है कि 30 दिन से अधिक समय से रहने वाले लोगों के लिए पंजीकरण की समय सीमा 11 अप्रैल है। आगे यह प्रक्रिया पूरे जोर-शोर से लागू की जाएगी। विभाग ने 25 फरवरी को भी घोषणा की थी कि अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिक यदि खुद रिपोर्ट नहीं करते हैं तो उन्हें जुर्माना या अभियोजन का सामना करना पड़ सकता है।
पंजीकरण के लिए फिंगरप्रिंट और पता दें
पंजीकरण कराने वाले नागरिकों को फिंगरप्रिंट देना होगा और अपना प्रमाण के साथ पता देना होगा। 14 वर्ष से कम उम्र के नागरिकों के माता-पिता या अभिभावकों को सुनिश्चित करना होगा कि वे पंजीकृत हैं।
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कई समूहों ने दर्ज कराया विरोध
ट्रंप प्रशासन के इस कदम का कई समूहों ने विरोध दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि अर्थव्यवस्था में योगदान करने वाले कामकाजी लोगों के लिए मुसीबत खड़ी हो जाएगी। अमेरिका में उनके गहरे पारिवारिक ताल्लुक हैं।
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