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NATO से बाहर निकलेगा US?: ट्रंप ने सैन्य गठबंधन को बताया कागजी शेर, जंग में शामिल न होने पर UK पर साधा निशाना

Wed, 01 Apr 2026 06:02 PM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन। Published by: Nirmal Kant Updated Wed, 01 Apr 2026 06:02 PM IST
सार

ईरान के खिलाफ जंग में शामिल न होने पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूरोपीय देशों पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि वह अपने देश को नाटो से बाहर निकालने पर गहराई से विचार कर रहे हैं। पढ़िए रिपोर्ट-

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US president trump tells nato is a ‘paper tiger’ and claims UK does not even have a navy
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई/रॉयटर्स

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि वह उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) से अमेरिका को बाहर निकालने पर गहराई से विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, नाटो ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल नहीं हुआ। ट्रंप ने नाटो को 'कागजी शेर' करार दिया। 
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नाटो एक कागजी शेर: राष्ट्रपति ट्रंप
टेलीग्राफ के साथ इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, 'यह गठबंधन (नाटो) एक कागजी शेर है और ब्रिटेन के पास नौसेना तक नहीं है।' यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि व्हाइट हाउस यूरोप को भरोसेमंद रक्षा सहयोगी नहीं मान रहा है। ट्रंप ने अपने यूरोपीय सहयोगियों से मांग की थी कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अपने युद्धपोत भेजें। लेकिन उन्होंने इस मांग को ठुकरा दिया।   
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नाटो से निकलने पर पुनर्विचार करेंगे ट्रंप?
ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे युद्ध के बाद अमेरिका की नाटो सदस्यता पर पुनर्विचार करेंगे। उन्होंने जवाब दिया, हां, मैं कहूंगा कि यह पुनर्विचार से परे है। मैं कभी भी नाटो से प्रभावित नहीं हुआ। मैं हमेशा जानता था कि वह एक कागजी शेर है और पुतिन को भी यह पता है। 
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होर्मुज से गुजरता है दुनिया का लगभग 20 फीसदी तेल
होर्मुज लडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20 फीसदी तेल गुजरता है। जंग के कारण तेहरान ने इस जलडमरूमध्य को हफ्तों तक बंद रखा, जिससे वैश्विक तेल और गैस की कीमतें बढ़ गईं और वैश्विक मंदी की चिंताएं बढ़ीं। 

ब्रिटेन पर निशाना साधते हुए क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की आलोचना की और कहा कि उन्होंने अमेरिकी-इस्राइली युद्ध में शामिल होने से मना किया और यह सुझाव दिया कि रॉयल नेवी इसके लिए तैयार नहीं है। ट्रंप ने ब्रिटेन के युद्धपोतों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा, आपके पास नौसेना तक नहीं है। आपके पास बहुत पुराने युद्धपोत हैं और आपके विमानवाहक काम नहीं करते हैं।  

जब पूछा गया कि क्या ब्रिटिश प्रधानमंत्री को रक्षा पर अधिक खर्च करना चाहिए, ट्रंप ने कहा- मैं उन्हें यह नहीं बताने वाला कि क्या करना है। वह जो चाहें, कर सकते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। स्टार्मर केवल महंगी पवन चक्कियां चाहते हैं, जो आपकी ऊर्जा की कीमतों को आसमान पर ले जा रहे हैं।

ट्रंप की टिप्पणी पर स्टार्मर ने क्या कहा?
उनकी टिप्पणियों के बाद, स्टार्मर ने नाटो के प्रति अपना समर्थन दोहराया और इसे 'दुनिया का सबसे प्रभावी सैन्य गठबंधन' बताया। प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि वह अमेरिका के साथ बिगड़े संबंधों के जवाब में यूरोप के साथ करीबी संबंध बनाएंगे और कहा कि जो भी हो, वह ब्रिटेन के हितों के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा, यह हमारा युद्ध नहीं है और हम इसमें फंसने वाले नहीं हैं। 

ये भी पढ़ें: 'खुला रहेगा होर्मुज जलडमरूमध्य, लेकिन आपके लिए नहीं', ईरान की अमेरिका को चेतावनी

राष्ट्र को संबोधित करेंगे राष्ट्रपति ट्रंप
राष्ट्रपति बुधवार को रात 9 बजे (स्थानीय समयानुसार) राष्ट्र को संबोधित करेंगे और युद्ध की स्थिति पर अपडेट देंगे। ट्रंप ने कहा कि युद्ध दो सप्ताह, शायद तीन में समाप्त हो सकता है और इसका एकमात्र उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। टेलीग्राफ ने बताया कि ट्रंप नाटो में बदलाव पर विचार कर रहे हैं, ताकि जो सदस्य उनकी वित्तीय मांगों को पूरा नहीं करेंगे उन्हें दंडित किया जा सके।


जल्द ईरान से बाहर निकल जाएगा अमेरिका?
राष्ट्र को संबोधित करने से कुछ घंटे पहले ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका जल्द ईरान से बाहर निकल जाएगा और जरूरत पड़ने पर छिटपुट हमले कर सकता है। रॉयटर्स के साथ फोन पर बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उनके संबोधन का एक हिस्सा नाटो के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त करने पर होगा, क्योंकि उनका मानना है कि नाटो ने ईरान में अमेरिकी उद्देश्यों के लिए समर्थन नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वह नाटो से अमेरिका को बाहर निकालने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। नाटो को अमेरिकी सीनेट ने 1949 में मंजूरी दी थी। 
 
ट्रंप ने कहा, जब हमें उनकी जरूरत थी, तब वे हमारे मित्र नहीं थे। हमने उनसे कभी कुछ नहीं मांगा.. यह एकतरफा रिश्ता है। जब उनसे पूछा गया कि अमेरिका ईरान युद्ध को कब समाप्त मानेगा, तो ट्रंप ने कहा, मैं आपको ठीक-ठीक नहीं बता सकता... हम बहुत जल्द इससे बाहर निकल जाएंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका की कार्रवाई ने यह सुनिश्चित किया है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं रहेंगे। ट्रंप ने कहा, उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे, क्योंकि वे अभी ऐसा करने में असमर्थ हैं। ईरान लंबे समय से परमाणु हथियार विकसित करने की इच्छा से इनकार करता रहा है और कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है।



 
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