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Biden France Visit: राष्ट्रपति बाइडन का फ्रांस दौरा पूरा; अमेरिकी समर स्मारक पहुंचकर सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
Mon, 10 Jun 2024 03:38 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 10 Jun 2024 03:38 PM IST
सार
बता दें कि 2018 के फ्रांस दौरे के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्मारक जाने की योजना रद्द कर दी थी। इस निर्णय के लिए व्हाइट हाउस ने फ्रांस के मौसम को जिम्मेदार ठहराया था।
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जो बाइडन
- फोटो : ANI
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने फ्रांस की अपनी यात्रा का समापन अमेरिकी सैन्य स्मारक में श्रद्धांजलि देने के साथ किया। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के दौरे के दौरान यहां की यात्रा नहीं की थी। अमेरिका वापस आने से पहले राष्ट्रपति बाइडन ने पेरिस के बाहर लगभग एक घंटे तक ऐसने-मार्ने अमेरिकी स्मारक में युद्ध में मारे गए अमेरिकी लोगों के सम्मान में रुके रहे। प्रथम विश्व युद्ध में अपनी जान गंवाने वाले 2,200 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, "यह वही कहानी है। जर्मनों को रोकने के लिए अमेरिका सामने आया। अमेरिका यह सुनिश्चित करने के लिए आगे आया कि वे प्रबल न हो। जरूरत के समय पर अमेरिका सामने आता है। यह ठीक वैसा ही है, जैसे हमारे सहयोगी हमारे लिए आते हैं।"
'ट्रंप ने क्यों की थी स्मारक जाने की योजना रद्द
बता दें कि 2018 के फ्रांस दौरे के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्मारक जाने की योजना रद्द कर दी थी। इस निर्णय के लिए व्हाइट हाउस ने फ्रांस के मौसम को जिम्मेदार ठहराया था। रिपोर्टों में ऐसा बताया गया कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा कि वे वहां इसलिए नहीं जाना चाहते थे, क्योंकि वे मृत सैनिकों को हारे हुए के रूप में देखते हैं। हालांकि, ट्रंप ने इस बयान को नकार दिया है।
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ट्रंप के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, "ये सैनिक हिरो हैं। प्रत्येक अमेरिकी की तरह इन्होंने भी देश की सेवा की है।" बाइडन ने स्मारक पर ट्रंप के बरे में सीधे सवाल को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि इस पवित्र भूमि का दौरा करना महत्वपूर्ण है। फ्रांस के दौरे पर बाइडन ने कहा, "यह मेरी अबतक की सबसे उल्लेखनीय यात्रा है।" गुरुवार को नॉर्मंडी वर्षगांठ समारोह में राष्ट्रपति बाइडन भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह एक सबक है, जिसे अमेरिका कभी नहीं भूलेगा। शुक्रवार को वह प्वाइंटे डु होक गए। यह तट पर एक स्थान है, जहां आर्मी रेंजर्स ने डी-डे पर नाजी रक्षा पर काबू पाने के लिए चट्टानों पर चढ़ाई की थी।
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श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, "यह वही कहानी है। जर्मनों को रोकने के लिए अमेरिका सामने आया। अमेरिका यह सुनिश्चित करने के लिए आगे आया कि वे प्रबल न हो। जरूरत के समय पर अमेरिका सामने आता है। यह ठीक वैसा ही है, जैसे हमारे सहयोगी हमारे लिए आते हैं।"
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'ट्रंप ने क्यों की थी स्मारक जाने की योजना रद्द
बता दें कि 2018 के फ्रांस दौरे के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्मारक जाने की योजना रद्द कर दी थी। इस निर्णय के लिए व्हाइट हाउस ने फ्रांस के मौसम को जिम्मेदार ठहराया था। रिपोर्टों में ऐसा बताया गया कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा कि वे वहां इसलिए नहीं जाना चाहते थे, क्योंकि वे मृत सैनिकों को हारे हुए के रूप में देखते हैं। हालांकि, ट्रंप ने इस बयान को नकार दिया है।
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ट्रंप के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, "ये सैनिक हिरो हैं। प्रत्येक अमेरिकी की तरह इन्होंने भी देश की सेवा की है।" बाइडन ने स्मारक पर ट्रंप के बरे में सीधे सवाल को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि इस पवित्र भूमि का दौरा करना महत्वपूर्ण है। फ्रांस के दौरे पर बाइडन ने कहा, "यह मेरी अबतक की सबसे उल्लेखनीय यात्रा है।" गुरुवार को नॉर्मंडी वर्षगांठ समारोह में राष्ट्रपति बाइडन भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह एक सबक है, जिसे अमेरिका कभी नहीं भूलेगा। शुक्रवार को वह प्वाइंटे डु होक गए। यह तट पर एक स्थान है, जहां आर्मी रेंजर्स ने डी-डे पर नाजी रक्षा पर काबू पाने के लिए चट्टानों पर चढ़ाई की थी।