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US: WWE की पूर्व प्रमुख से लेकर यौन उत्पीड़न के आरोपी तक, जानें ट्रंप की नई टीम में अब तक कितने नामों का एलान
Wed, 20 Nov 2024 11:12 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 20 Nov 2024 11:12 AM IST
सार
ट्रंप ने जिन अहम पदों के लिए नामों का एलान किया है, उनमें विदेश मंत्री मार्को रूबियो से लेकर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और एनएसए माइक वॉल्ट्ज तक के नाम शामिल हैं। हालांकि, ट्रंप की इन पसंदों में से कुछ नामों पर विवाद भी पैदा हो गया है।
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डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टीम लगभग तैयार कर ली है। मंगलवार को उन्होंने अपने मंत्रिमंडल में दो और नामों का एलान किया। इनमें अमेरिका के वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट (डब्ल्यूडब्ल्यूई) की पूर्व प्रमुख लिंडा मैक्मेहन से लेकर कैंटर फिट्जजेराल्ड कंपनी के मौजूदा सीईओ हावर्ड लुटनिक तक के नाम हैं। इससे पहले ट्रंप लगभग सभी अहम पदों के लिए अपनी पसंद का एलान कर चुके हैं।
ट्रंप ने जिन अहम पदों के लिए नामों का एलान किया है, उनमें विदेश मंत्री मार्को रूबियो से लेकर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और एनएसए माइक वॉल्ट्ज तक के नाम शामिल हैं। हालांकि, ट्रंप की इन पसंदों में से कुछ नामों पर विवाद भी पैदा हो गया है। उनकी तरफ से अटॉर्नी जनरल पद के लिए चुने गए माइक गेट्ज पर यौन उत्पीड़न के आरोप लग चुके हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री पद के लिए चुने गए रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर पहले ही अपनी वैक्सीन विरोधी छवि के लिए निशाने पर हैं।
ऐसे में यह जानना अहम है कि ट्रंप ने अब तक अपने कैबिनेट में किसे मौका दिया है? इसके अलावा वह कौन से पद हैं, जिनके लिए ट्रंप की तरफ से अब तक एलान नहीं हुआ है और किन उम्मीदवारों को वह पद मिल सकते हैं?
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ट्रंप ने जिन अहम पदों के लिए नामों का एलान किया है, उनमें विदेश मंत्री मार्को रूबियो से लेकर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और एनएसए माइक वॉल्ट्ज तक के नाम शामिल हैं। हालांकि, ट्रंप की इन पसंदों में से कुछ नामों पर विवाद भी पैदा हो गया है। उनकी तरफ से अटॉर्नी जनरल पद के लिए चुने गए माइक गेट्ज पर यौन उत्पीड़न के आरोप लग चुके हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री पद के लिए चुने गए रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर पहले ही अपनी वैक्सीन विरोधी छवि के लिए निशाने पर हैं।
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ऐसे में यह जानना अहम है कि ट्रंप ने अब तक अपने कैबिनेट में किसे मौका दिया है? इसके अलावा वह कौन से पद हैं, जिनके लिए ट्रंप की तरफ से अब तक एलान नहीं हुआ है और किन उम्मीदवारों को वह पद मिल सकते हैं?
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1. लिंडा मैक्मेहन, शिक्षा मंत्री
डब्ल्यूडब्ल्यूई की पूर्व प्रमुख लिंडा मैक्मेहन को लंबे समय से अमेरिका में ट्रंप समर्थक चेहरे के तौर पर जाना जाता है। ट्रंप ने शिक्षा मंत्री के तौर पर उनके नाम का एलान करते हुए कहा कि लिंडा बिना थके अमेरिका के हर राज्य में विकल्पों को बढ़ाएंगी और अपने परिवारों के लिए सही फैसले लेने में माता-पिता की मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि हम शिक्षा जैसे मुद्दों को वापस राज्यों के पास भेजेंगे और लिंडा इसकी जिम्मेदारी संभालेंगी।
दरअसल, ट्रंप का निशाना डेमोक्रेट पार्टी की वह नीति थी, जिसके तहत माता-पिता की जगह बच्चों के पास अपने भविष्य को लेकर फैसला करने का अधिकार था। ट्रंप अपने चुनावी अभियान में कई बार यह कह चुके थे कि बच्चों की पढ़ाई से लेकर उनकी 'सही परवरिश' और 'चुनाव' का अधिकार उनके माता-पिता का होना चाहिए।
लिंडा मैक्मेहन ट्रंप की ट्रांजिशन टीम का अहम हिस्सा रही हैं। उन्होंने जुलाई तक ट्रंप के अभियान के लिए आठ लाख डॉलर से ज्यादा का दान दिया था। लिंडा इससे पहले 2017 से 2019 तक ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी उनके मंत्रिमंडल का हिस्सा रही थीं।
डब्ल्यूडब्ल्यूई की पूर्व प्रमुख लिंडा मैक्मेहन को लंबे समय से अमेरिका में ट्रंप समर्थक चेहरे के तौर पर जाना जाता है। ट्रंप ने शिक्षा मंत्री के तौर पर उनके नाम का एलान करते हुए कहा कि लिंडा बिना थके अमेरिका के हर राज्य में विकल्पों को बढ़ाएंगी और अपने परिवारों के लिए सही फैसले लेने में माता-पिता की मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि हम शिक्षा जैसे मुद्दों को वापस राज्यों के पास भेजेंगे और लिंडा इसकी जिम्मेदारी संभालेंगी।
दरअसल, ट्रंप का निशाना डेमोक्रेट पार्टी की वह नीति थी, जिसके तहत माता-पिता की जगह बच्चों के पास अपने भविष्य को लेकर फैसला करने का अधिकार था। ट्रंप अपने चुनावी अभियान में कई बार यह कह चुके थे कि बच्चों की पढ़ाई से लेकर उनकी 'सही परवरिश' और 'चुनाव' का अधिकार उनके माता-पिता का होना चाहिए।
लिंडा मैक्मेहन ट्रंप की ट्रांजिशन टीम का अहम हिस्सा रही हैं। उन्होंने जुलाई तक ट्रंप के अभियान के लिए आठ लाख डॉलर से ज्यादा का दान दिया था। लिंडा इससे पहले 2017 से 2019 तक ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी उनके मंत्रिमंडल का हिस्सा रही थीं।
2. मार्को रूबियो, विदेश मंत्री
ट्रंप ने फ्लोरिडा से सीनेटर मार्को रूबियो को अपनी सरकार में विदेश मंत्री बनाने का फैसला किया है। वह 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के साथ उपराष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवारों में शामिल थे। वह सीनेट में लंबे समय से विदेश मामलों से जुड़े रहे हैं। खासकर लातिन अमेरिका और पड़ोसी देशों के मामलों का उन्हें विशेषज्ञ माना जाता है। उन्हें भारत के बड़े समर्थकों में से माना जाता है।
मार्को रूबियो क्यूबा मूल के अमेरिकी नागरिक हैं। पहले वे डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर आलोचक थे और साल 2016 में जब मार्को रूबियो और डोनाल्ड ट्रंप, दोनों रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की दावेदारी कर रहे थे, उस दौरान रूबियो ने ट्रंप को सबसे घटिया इंसान तक बता दिया था और उनकी खूब आलोचना की थी। हालांकि बाद में दोनों के रिश्तों में सुधार हुआ और अब वे ट्रंप सरकार में अहम पद संभाल सकते हैं। मार्को रूबियो ने फ्लोरिडा विश्वविद्याल से साल 1993 में राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की थी। वह साल 2010 में पहली बार अमेरिकी सीनेट के लिए चुने गए।
ट्रंप ने फ्लोरिडा से सीनेटर मार्को रूबियो को अपनी सरकार में विदेश मंत्री बनाने का फैसला किया है। वह 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के साथ उपराष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवारों में शामिल थे। वह सीनेट में लंबे समय से विदेश मामलों से जुड़े रहे हैं। खासकर लातिन अमेरिका और पड़ोसी देशों के मामलों का उन्हें विशेषज्ञ माना जाता है। उन्हें भारत के बड़े समर्थकों में से माना जाता है।
मार्को रूबियो क्यूबा मूल के अमेरिकी नागरिक हैं। पहले वे डोनाल्ड ट्रंप के कट्टर आलोचक थे और साल 2016 में जब मार्को रूबियो और डोनाल्ड ट्रंप, दोनों रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की दावेदारी कर रहे थे, उस दौरान रूबियो ने ट्रंप को सबसे घटिया इंसान तक बता दिया था और उनकी खूब आलोचना की थी। हालांकि बाद में दोनों के रिश्तों में सुधार हुआ और अब वे ट्रंप सरकार में अहम पद संभाल सकते हैं। मार्को रूबियो ने फ्लोरिडा विश्वविद्याल से साल 1993 में राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की थी। वह साल 2010 में पहली बार अमेरिकी सीनेट के लिए चुने गए।
3. मैट गेट्ज, अटॉर्नी जनरल
फ्लोरिडा से सांसद मैट गेट्ज को अमेरिका के अटॉर्नी जनरल के रूप में नामित किया गया है। ट्रंप ने उनके नाम का एलान करते हुए कहा था कि गेट्ज़ एक बेहद प्रतिभाशाली और मजबूत वकील हैं, जिन्होंने विलियम एंड मैरी कॉलेज ऑफ लॉ से कानून की पढ़ाई की है। उन्होंने न्याय विभाग (डीओजे) में जरूरी सुधारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कांग्रेस में खुद को प्रतिष्ठित किया है। हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी में, जो डीओजे की निगरानी करती है, गेट्ज़ ने रूस धोखाधड़ी को उजागर करने और सरकारी भ्रष्टाचार को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
हालांकि, मैट गेट्ज को ट्रंप का सबसे विवादित चुनाव भी कहा जा रहा है। दरअसल, उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप हैं। इसके अलावा उन पर ड्रग्स लेने के भी आरोप हैं। हालांकि, दोनों ही मामलों में उनके खिलाफ केस दर्ज नहीं हुए थे, लेकिन अमेरिकी संसद में उनके खिलाफ एक समिति की जांच हुई थी, जिसकी रिपोर्ट सामने आना बाकी है।
फ्लोरिडा से सांसद मैट गेट्ज को अमेरिका के अटॉर्नी जनरल के रूप में नामित किया गया है। ट्रंप ने उनके नाम का एलान करते हुए कहा था कि गेट्ज़ एक बेहद प्रतिभाशाली और मजबूत वकील हैं, जिन्होंने विलियम एंड मैरी कॉलेज ऑफ लॉ से कानून की पढ़ाई की है। उन्होंने न्याय विभाग (डीओजे) में जरूरी सुधारों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कांग्रेस में खुद को प्रतिष्ठित किया है। हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी में, जो डीओजे की निगरानी करती है, गेट्ज़ ने रूस धोखाधड़ी को उजागर करने और सरकारी भ्रष्टाचार को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
हालांकि, मैट गेट्ज को ट्रंप का सबसे विवादित चुनाव भी कहा जा रहा है। दरअसल, उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप हैं। इसके अलावा उन पर ड्रग्स लेने के भी आरोप हैं। हालांकि, दोनों ही मामलों में उनके खिलाफ केस दर्ज नहीं हुए थे, लेकिन अमेरिकी संसद में उनके खिलाफ एक समिति की जांच हुई थी, जिसकी रिपोर्ट सामने आना बाकी है।
4. तुलसी गबार्ड, निदेशक- नेशनल इंटेलिजेंस
ट्रंप ने अमेरिका की पहली हिंदू सांसद तुलसी गबार्ड को राष्ट्रीय खुफिया विभाग का निदेशक नियुक्त किया। तुलसी गबार्ड करीब दो दशकों तक अमेरिकी सेना की शाखा नेशनल गार्ड में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। तुलसी गबार्ड इराक और कुवैत में भी तैनात रह चुकी हैं। हालांकि उनके पास खुफिया विभाग में काम करने का कोई अनुभव नहीं है। उन्होंने होमलैंड सिक्योरिटी समिति में भी अपनी सेवाएं दी हैं। तुलसी गबार्ड हवाई से साल 2013 से लेकर 2021 तक सांसद रहीं। डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच जब राष्ट्रपति पद की बहस हुई थी, उस दौरान ट्रंप की तैयारी तुलसी गबार्ड ने ही कराई थी।
तुलसी गबार्ड का भारत से कोई नाता नहीं हैं, लेकिन उनकी मां ने हिंदू धर्म अपना लिया था, जिसके चलते उन्होंने अपने बच्चों के नाम भी हिंदू धर्म वाले रखे। तुलसी गबार्ड भी हिंदू धर्म को मानती हैं। जब उन्होंने संसद में शपथ ली थी तो भागवत गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी। साल 2020 में तुलसी गबार्ड ने डेमोक्रेट पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश की थी। हालांकि उन्हें पर्याप्त समर्थन न मिलने के बाद अपनी दावेदारी वापस लेनी पड़ी थी।
ट्रंप ने अमेरिका की पहली हिंदू सांसद तुलसी गबार्ड को राष्ट्रीय खुफिया विभाग का निदेशक नियुक्त किया। तुलसी गबार्ड करीब दो दशकों तक अमेरिकी सेना की शाखा नेशनल गार्ड में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। तुलसी गबार्ड इराक और कुवैत में भी तैनात रह चुकी हैं। हालांकि उनके पास खुफिया विभाग में काम करने का कोई अनुभव नहीं है। उन्होंने होमलैंड सिक्योरिटी समिति में भी अपनी सेवाएं दी हैं। तुलसी गबार्ड हवाई से साल 2013 से लेकर 2021 तक सांसद रहीं। डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच जब राष्ट्रपति पद की बहस हुई थी, उस दौरान ट्रंप की तैयारी तुलसी गबार्ड ने ही कराई थी।
तुलसी गबार्ड का भारत से कोई नाता नहीं हैं, लेकिन उनकी मां ने हिंदू धर्म अपना लिया था, जिसके चलते उन्होंने अपने बच्चों के नाम भी हिंदू धर्म वाले रखे। तुलसी गबार्ड भी हिंदू धर्म को मानती हैं। जब उन्होंने संसद में शपथ ली थी तो भागवत गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी। साल 2020 में तुलसी गबार्ड ने डेमोक्रेट पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश की थी। हालांकि उन्हें पर्याप्त समर्थन न मिलने के बाद अपनी दावेदारी वापस लेनी पड़ी थी।
5. रॉबर्ट एफ. कैनेडी जू., अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री
ट्रंप ने अपने मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री के लिए रॉबर्ट एफ. कैनेडी के नाम की घोषणा की है। चौंकाने वाली बात यह है कि कैनेडी को खुद वैक्सीन-विरोधी माना जाता है। दरअसल, कोरोनाकाल के दौरान रॉबर्ट कैनेडी को टीकों के विरोध में देखा गया था। इतना ही नहीं उन्हें कई मौकों पर साजिश से जुड़े सिद्धांतों को फैलाते भी देखा गया है।
रॉबर्ट एफ. कैनेडी अमेरिका के लोकप्रिय राजनीतिक परिवार का हिस्सा हैं और उन्हें आरएफके जूनियर के नामसे भी पहचाना जाता है। कैनेडी इस साल अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उतरने का भी एलान किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप को समर्थन देने का एलान किया।
ट्रंप ने अपने मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री के लिए रॉबर्ट एफ. कैनेडी के नाम की घोषणा की है। चौंकाने वाली बात यह है कि कैनेडी को खुद वैक्सीन-विरोधी माना जाता है। दरअसल, कोरोनाकाल के दौरान रॉबर्ट कैनेडी को टीकों के विरोध में देखा गया था। इतना ही नहीं उन्हें कई मौकों पर साजिश से जुड़े सिद्धांतों को फैलाते भी देखा गया है।
रॉबर्ट एफ. कैनेडी अमेरिका के लोकप्रिय राजनीतिक परिवार का हिस्सा हैं और उन्हें आरएफके जूनियर के नामसे भी पहचाना जाता है। कैनेडी इस साल अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उतरने का भी एलान किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप को समर्थन देने का एलान किया।
6. पीट हेगसेथ, रक्षा मंत्री
डोनाल्ड ट्रंप की टीम में फॉक्स न्यूज के एंकर पीट हेगथा को जगह दी गई है। ट्रंप ने खुद एलान किया था कि वह सेना के अनुभवी हेगसेथ को रक्षा मंत्री बनाने जा रहे हैं। पीट हेगसेथ ट्रंप के समर्थक माने जाते रहे हैं। वह पेंटागन में बड़े बदलावों के समर्थक रहे हैं, जिसके तहत उन्होंने कुछ अफसरों को निकालने की भी वकालत की है।
डोनाल्ड ट्रंप की टीम में फॉक्स न्यूज के एंकर पीट हेगथा को जगह दी गई है। ट्रंप ने खुद एलान किया था कि वह सेना के अनुभवी हेगसेथ को रक्षा मंत्री बनाने जा रहे हैं। पीट हेगसेथ ट्रंप के समर्थक माने जाते रहे हैं। वह पेंटागन में बड़े बदलावों के समर्थक रहे हैं, जिसके तहत उन्होंने कुछ अफसरों को निकालने की भी वकालत की है।
7. एलन मस्क-विवेक रामास्वामी, DOGE का प्रभार
डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नई टीम में अपने खास दोस्त एलन मस्क को भी जगह दी है। राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद दिए अपने पहले भाषण में ही ट्रंप ने ये साफ कर दिया था कि वो एलन मस्क को नई सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकते हैं। उन्होंने अपने पहले भाषण में मस्क और उनकी कंपनी स्पेसएक्स की जमकर तारीफ भी की थी। इसके अलावा ट्रंप ने कारोबारी विवेक रामास्वामी को देशभक्त करार देते हुए, उन्हें मस्क के साथ सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
ट्रंप ने कहा कि मस्क और रामास्वामी सरकारी नौकरशाही को खत्म करने, अनावश्यक रेग्युलेशन को कम करने और खर्चों में कटौती करने के साथ संघीय एजेंसियों के पुनर्गठन के लिए काम करेंगे। बता दें, एलन मस्क शुरुआत से ही ट्रंप के प्रसंसक रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों के बीच दोस्ती भी देखी गई थी।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नई टीम में अपने खास दोस्त एलन मस्क को भी जगह दी है। राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद दिए अपने पहले भाषण में ही ट्रंप ने ये साफ कर दिया था कि वो एलन मस्क को नई सरकार में कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकते हैं। उन्होंने अपने पहले भाषण में मस्क और उनकी कंपनी स्पेसएक्स की जमकर तारीफ भी की थी। इसके अलावा ट्रंप ने कारोबारी विवेक रामास्वामी को देशभक्त करार देते हुए, उन्हें मस्क के साथ सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
ट्रंप ने कहा कि मस्क और रामास्वामी सरकारी नौकरशाही को खत्म करने, अनावश्यक रेग्युलेशन को कम करने और खर्चों में कटौती करने के साथ संघीय एजेंसियों के पुनर्गठन के लिए काम करेंगे। बता दें, एलन मस्क शुरुआत से ही ट्रंप के प्रसंसक रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों के बीच दोस्ती भी देखी गई थी।
8. क्रिस्टी नोएम, गृह मंत्री
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण डकोटा की गर्वनर क्रिस्टी नोएम को अमेरिका का अगला गृह मंत्री चुना है। क्रिस्टी नोएम 2018 में पहली बार दक्षिण डकोटा की पहली महिला गर्वनर बनीं थीं। 2018 के चुनाव में उनको तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन मिला था। गर्वनर के तौर पर उन्होंने कोविड के दौरान मास्क पहनने के आदेश को लागू करने से मना कर दिया था। होमलैंड सुरक्षा विभाग में नोएम हाल ही में अमेरिका के बॉर्डर जार चुने गए टॉम होमन के साथ काम करेंगीं। बॉर्डर जार अमेरिकी प्रशासन के शीर्ष पदाधिकारियों में से एक होता है। इसे देश की सीमा सुरक्षा नीतियों और आव्रजन से जुड़े मामलों में समन्वय के लिए नियुक्त किया जाता है।
9. ली जेल्डिन, पर्यावरण मंत्रालय
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक समर्थक ली जेल्डिन को पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) के पुनर्गठन की जिम्मेदारी दी है। ट्रंप ने इस एजेंसी के सख्त नियमों को खत्म करने का वादा चुनाव प्रचार में किया था। साथ ही अमेरिका की ऊर्जा जरूरतों को लेकर तेल और गैस की जरूरतों के नियमों को बदलने की बात कही थी। ऐसे में पर्यावरण मंत्रालय के प्रतिबंधों को हटाने में जेल्डिन अहम भूमिका निभा सकते हैं। जेल्डिन इससे पहले 2015 से 2023 तक सांसद रहे हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण डकोटा की गर्वनर क्रिस्टी नोएम को अमेरिका का अगला गृह मंत्री चुना है। क्रिस्टी नोएम 2018 में पहली बार दक्षिण डकोटा की पहली महिला गर्वनर बनीं थीं। 2018 के चुनाव में उनको तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन मिला था। गर्वनर के तौर पर उन्होंने कोविड के दौरान मास्क पहनने के आदेश को लागू करने से मना कर दिया था। होमलैंड सुरक्षा विभाग में नोएम हाल ही में अमेरिका के बॉर्डर जार चुने गए टॉम होमन के साथ काम करेंगीं। बॉर्डर जार अमेरिकी प्रशासन के शीर्ष पदाधिकारियों में से एक होता है। इसे देश की सीमा सुरक्षा नीतियों और आव्रजन से जुड़े मामलों में समन्वय के लिए नियुक्त किया जाता है।
9. ली जेल्डिन, पर्यावरण मंत्रालय
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक समर्थक ली जेल्डिन को पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (ईपीए) के पुनर्गठन की जिम्मेदारी दी है। ट्रंप ने इस एजेंसी के सख्त नियमों को खत्म करने का वादा चुनाव प्रचार में किया था। साथ ही अमेरिका की ऊर्जा जरूरतों को लेकर तेल और गैस की जरूरतों के नियमों को बदलने की बात कही थी। ऐसे में पर्यावरण मंत्रालय के प्रतिबंधों को हटाने में जेल्डिन अहम भूमिका निभा सकते हैं। जेल्डिन इससे पहले 2015 से 2023 तक सांसद रहे हैं।
10. माइक वॉल्ट्स, एनएसए
अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने की महती जिम्मेदारी ट्रंप ने अपने भरोसेमंद और सेना के पूर्व अधिकारी माइकल जॉर्ज ग्लेन वाल्ट्ज को सौंपी है। सेना में ढाई दशक से अधिक समय तक सेवा देने वाले पूर्व कर्नल माइकल वाल्ट्ज को रक्षा, विदेश और व्यापार जैसे अहम मसलों का विशेषज्ञ माना जाता है। वाल्ट्ज व्यापार में अमेरिका के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी चीन के मुखर आलोचक हैं, वह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन की गतिविधियों की भी भर्त्सना करते हैं, तो भारत के उतने ही बड़े समर्थक भी हैं।
वाल्ट्ज ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) होंगे। अमेरिका में एनएसए का पद इतना शक्तिशाली होता है कि उसके लिए सीनेट की अनुमति की जरूरत नहीं पड़ती। राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रमुख मुद्दों पर वह सीधे राष्ट्रपति ट्रंप को जानकारी देंगे और विभिन्न एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाएंगेे। वाल्ट्ज पर ट्रंप इतना भरोसा क्यों करते हैं? इस बात की पुष्टि इससे भी होती है कि जनवरी, 2020 में जब अमेरिका ने ईरान के शीर्ष सुरक्षा और खुफिया कमांडर मेजर जनरल कासिम सुलेमानी को एयर स्ट्राइक में मार गिराया था, तब ट्रंप की ओर से व्हाइट हाउस में जिन चुनिंदा लोगों को इसकी जानकारी दी गई थी, उनमें वाल्ट्ज भी थे।
अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने की महती जिम्मेदारी ट्रंप ने अपने भरोसेमंद और सेना के पूर्व अधिकारी माइकल जॉर्ज ग्लेन वाल्ट्ज को सौंपी है। सेना में ढाई दशक से अधिक समय तक सेवा देने वाले पूर्व कर्नल माइकल वाल्ट्ज को रक्षा, विदेश और व्यापार जैसे अहम मसलों का विशेषज्ञ माना जाता है। वाल्ट्ज व्यापार में अमेरिका के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी चीन के मुखर आलोचक हैं, वह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन की गतिविधियों की भी भर्त्सना करते हैं, तो भारत के उतने ही बड़े समर्थक भी हैं।
वाल्ट्ज ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) होंगे। अमेरिका में एनएसए का पद इतना शक्तिशाली होता है कि उसके लिए सीनेट की अनुमति की जरूरत नहीं पड़ती। राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रमुख मुद्दों पर वह सीधे राष्ट्रपति ट्रंप को जानकारी देंगे और विभिन्न एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाएंगेे। वाल्ट्ज पर ट्रंप इतना भरोसा क्यों करते हैं? इस बात की पुष्टि इससे भी होती है कि जनवरी, 2020 में जब अमेरिका ने ईरान के शीर्ष सुरक्षा और खुफिया कमांडर मेजर जनरल कासिम सुलेमानी को एयर स्ट्राइक में मार गिराया था, तब ट्रंप की ओर से व्हाइट हाउस में जिन चुनिंदा लोगों को इसकी जानकारी दी गई थी, उनमें वाल्ट्ज भी थे।
11. सूजी वाइल्स, व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ
ट्रंप ने अपने अभियान की प्रबंधक सुसान समरॉल विल्स (सूजी वाइल्स) को व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में नियुक्त किया। बात अगर सूजी विल्स की करें तो सूजी फ्लोरिडा की एक अनुभवी रिपब्लिकन रणनीतिकार हैं जिन्होंने 2016 और 2020 में ट्रंप के अभियान को फ्लोरिडा में नेतृत्व किया। बता दें कि वाइल्स अमेरिका के इतिहास मेंपहली महिला है जिन्हें ये पद मिला है।
पर्दे के पीछे से हमेशा ट्रंप की मुख्य सहयोगियों में एक रहीं सूसी विल्स फ्लोरिडा की एक अनुभवी रिपब्लिकन रणनीतिकार हैं। जिन्होंने 2016 और 2020 में फ्लोरिडा में ट्रम्प के अभियानों का नेतृत्व किया था। इससे पहले उन्होंने फ्लोरिडा के गवर्नर के लिए रिक स्कॉट के सफल 2010 अभियान का प्रबंधन किया था और पूर्व यूटा गवर्नर जॉन हंट्समैन की 2012 की राष्ट्रपति पद की दौड़ के लिए अभियान प्रबंधक के रूप में काम किया था।
ट्रंप ने अपने अभियान की प्रबंधक सुसान समरॉल विल्स (सूजी वाइल्स) को व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में नियुक्त किया। बात अगर सूजी विल्स की करें तो सूजी फ्लोरिडा की एक अनुभवी रिपब्लिकन रणनीतिकार हैं जिन्होंने 2016 और 2020 में ट्रंप के अभियान को फ्लोरिडा में नेतृत्व किया। बता दें कि वाइल्स अमेरिका के इतिहास मेंपहली महिला है जिन्हें ये पद मिला है।
पर्दे के पीछे से हमेशा ट्रंप की मुख्य सहयोगियों में एक रहीं सूसी विल्स फ्लोरिडा की एक अनुभवी रिपब्लिकन रणनीतिकार हैं। जिन्होंने 2016 और 2020 में फ्लोरिडा में ट्रम्प के अभियानों का नेतृत्व किया था। इससे पहले उन्होंने फ्लोरिडा के गवर्नर के लिए रिक स्कॉट के सफल 2010 अभियान का प्रबंधन किया था और पूर्व यूटा गवर्नर जॉन हंट्समैन की 2012 की राष्ट्रपति पद की दौड़ के लिए अभियान प्रबंधक के रूप में काम किया था।
12. क्रिस राइट, ऊर्जा मंत्री
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जलवायु परिवर्तन को शक की निगाह से देखने वाले क्रिस राइट को नया ऊर्जा मंत्री बनाया है। ट्रंप ने राइट को लालफीताशाही को कम करने और जीवाश्म ईंधन में निवेश को बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी है। ट्रंप ने शनिवार को ऊर्जा सचिव के रूप में क्रिस राइट को नामित किया। ट्रंप ने एक बयान में कहा, 'ऊर्जा मंत्री के रूप में, क्रिस एक प्रमुख नेता होंगे, जो नवाचार को आगे बढ़ाएंगे, लालफीताशाही को कम करेंगे और अमेरिकी समृद्धि और वैश्विक शांति के नए स्वर्ण युग की शुरुआत करेंगे।'
क्रिस राइट लिबर्टी एनर्जी के संस्थापक हैं। यह कंपनी ऊर्जा कंपनियों के लिए काम करती है और फ्रैकिंग तकनीक से तेल और गैस निकालने का व्यापार करती है। क्रिस राइट खुद जलवायु परिवर्तन की बात को नकार चुके हैं। क्रिस राइट ने अपने एक बयान में कहा था कि 'कोई जलवायु संकट नहीं है और हम ऊर्जा परिवर्तन के दौर से भी नहीं गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्बन को प्रदूषण कहना अपमानजनक है क्योंकि सारा जीवन ही कार्बन डाइ ऑक्साइड पर चल रहा है। दुनिया में कुछ भी स्वच्छ ऊर्जा और दूषित ऊर्जा जैसा नहीं है, सारे ऊर्जा के स्त्रोत दुनिया पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही तरह का असर डालते हैं।
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जलवायु परिवर्तन को शक की निगाह से देखने वाले क्रिस राइट को नया ऊर्जा मंत्री बनाया है। ट्रंप ने राइट को लालफीताशाही को कम करने और जीवाश्म ईंधन में निवेश को बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी है। ट्रंप ने शनिवार को ऊर्जा सचिव के रूप में क्रिस राइट को नामित किया। ट्रंप ने एक बयान में कहा, 'ऊर्जा मंत्री के रूप में, क्रिस एक प्रमुख नेता होंगे, जो नवाचार को आगे बढ़ाएंगे, लालफीताशाही को कम करेंगे और अमेरिकी समृद्धि और वैश्विक शांति के नए स्वर्ण युग की शुरुआत करेंगे।'
क्रिस राइट लिबर्टी एनर्जी के संस्थापक हैं। यह कंपनी ऊर्जा कंपनियों के लिए काम करती है और फ्रैकिंग तकनीक से तेल और गैस निकालने का व्यापार करती है। क्रिस राइट खुद जलवायु परिवर्तन की बात को नकार चुके हैं। क्रिस राइट ने अपने एक बयान में कहा था कि 'कोई जलवायु संकट नहीं है और हम ऊर्जा परिवर्तन के दौर से भी नहीं गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्बन को प्रदूषण कहना अपमानजनक है क्योंकि सारा जीवन ही कार्बन डाइ ऑक्साइड पर चल रहा है। दुनिया में कुछ भी स्वच्छ ऊर्जा और दूषित ऊर्जा जैसा नहीं है, सारे ऊर्जा के स्त्रोत दुनिया पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही तरह का असर डालते हैं।