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फैक्ट चेक का साइड इफेक्ट: ट्रंप ने सोशल मीडिया पर 'नियंत्रण' के लिए नया कानून बनाया
Fri, 29 May 2020 02:21 AM IST
योगेश साहू
वर्ल्ड डेस्क, वाशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, वाशिंगटन।
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 29 May 2020 02:21 AM IST
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Donald trump
- फोटो : PTI
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को सोशल मीडिया कंपनियों से संबंधित एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया। इस आदेश के तहत, तीसरे पक्ष के उपयोगकर्ता (सोशल मीडिया यूजर्स) द्वारा पोस्ट की जाने वाली सामग्री में ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया दिग्गज कोई सुझाव या बदलाव नहीं कर सकेंगे।
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इस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बंद किए जाने की धमकी के बाद आई है, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर कंजरवेटिव (परंपरावादी) आवाजों को दबाने का आरोप लगाया था। सबसे ताजा विवाद मंगलवार को हुआ जब ट्विटर ने पहली बार राष्ट्रपति ट्रंप के दो ट्वीट पर 'फैक्ट-चेक' के लिंक जोड़ दिए।
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इसका मतलब ये होता है कि जो सूचना या दावा राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्वीट में किया, उनमें कुछ तथ्यात्मक गड़बड़ी थी और उस विषय पर बेहतर जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है जिसे ट्विटर ने अपने यूजर्स तक पहुंचाने का प्रयास किया।
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लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इससे काफी नाराज दिखे। उन्होंने ट्वीट किया कि रिपब्लिकंस को लगता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कंजरवेटिव आवाजों को दबाने का प्रयास करते हैं। हम उन्हें ऐसा करते रहने दें, उससे पहले ही उनपर सख्त नियम लगाए जाएंगे या इन्हें पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।
ट्रंप ने गुरुवार को कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद कहा कि आज मैं अमेरिका के लोगों की बोलने की स्वतंत्रता और अधिकारों को लेकर एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर रहा हूं। वर्तमान में, सोशल मीडिया के दिग्गज, जैसे कि ट्विटर। इसे माना जाता है कि यह एक तटस्थ प्लेटफॉर्म है, लेकिन एक नजरिए में यह नहीं है।
संचार आदेश अधिनियम की धारा 230 के तहत नए नियमों के लिए कार्यकारी आदेश के अनुसार सोशल मीडिया कंपनियां जो सेंसर या किसी भी राजनीतिक आचरण में लिप्त हैं। वे अपने दायित्व को बनाए रखने में सक्षम नहीं होंगी। इसका मतलब है कि वह ट्वीट या पोस्ट में बदलाव या कोई फैक्ट चेक लिंक नहीं जोड़ सकेंगी।
ट्रंप ने कहा कि यह बहुत बड़ी बात है। उनके पास एक शील्ड (कवच) होती है, वो जो चाहें वो कर सकती हैं। उनके पास शील्ड है। लेकिन अब उनके पास वो शील्ड नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कार्यकारी आदेश फेडरल ट्रेड कमीशन को निर्देश देगा कि वह सोशल मीडिया कंपनियों को किसी भी भ्रामक कार्य या व्यवसाय को प्रभावित करने वाले व्यवहारों में शामिल होने से रोकें।
दरअसल, इन सब की शुरुआत तब हुई, जब मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने दो ट्वीट किए और उन्होंने दावा कि 'मेल-इन वोटिंग से चुनावों में धोखाधड़ी हो सकती है'। हालांकि, इसके लिए उनकी तरफ से कोई सबूत पेश नहीं किया गया। इसके बाद ट्विटर ने ट्रंप के ट्वीट को 'अप्रमाणिक' बताते हुए उसके नीचे एक लिंक लगा दिया था, जिसमें लिखा था - 'मेल-इन बैलट के बारे में तथ्य पता करें।'