US-Russia Meet: यूक्रेन पर पुतिन से समझौते के लिए क्या दांव पर लगाएंगे ट्रंप; किसे होगा नुकसान, किसका फायदा?
अलास्का में होने वाली डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन की बैठक के एजेंडे को लेकर अब तक क्या-क्या सामने आया है? ट्रंप यूक्रेन की जिस जमीन के समझौते को लेकर बात कर रहे हैं, वह कितनी और कहां मौजूद है? यूक्रेन का इस आत्मसमर्पण को लेकर क्या कहना है? आइये जानते हैं...
विस्तार
रूस-यूक्रेन और अमेरिका के बीच हो रहे इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह जानना अहम है कि आखिर अलास्का में होने वाली डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन की बैठक के एजेंडे को लेकर अब तक क्या-क्या सामने आया है? ट्रंप यूक्रेन की जिस जमीन के समझौते को लेकर बात कर रहे हैं, वह कितनी और कहां मौजूद है? यूक्रेन का इस आत्मसमर्पण को लेकर क्या कहना है? आइये जानते हैं...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था अगर यूक्रेन को अपनी खोई हुई जमीन वापस चाहिए तो उसे रूस को कुछ जमीन देनी भी होगी।
अमेरिकी मीडिया की मानें तो व्हाइट हाउस लंबे समय से यूरोपीय नेताओं को इस बात पर सहमत करने की कोशिश कर रहा है कि वे उत्तरी यूक्रेन में मौजूद डोनबास क्षेत्र पर रूस के कब्जे को स्वीकार कर लें। साथ ही रूस 2014 में यूक्रेन से कब्जाए क्रीमिया क्षेत्र पर भी अपनी स्वायत्ता को मान्यता देने की मांग कर रहा है। अमेरिका इसे लेकर भी साथी देशों से चर्चा में जुटा है।
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रूस का लक्ष्य है कि वह डोनबास में आने वाले दो क्षेत्रों- डोनेत्स्क और लुहांस्क में अपनी पकड़ मजबूत कर ले। इसकी वजह यह है कि यूक्रेन के यह दोनों ही क्षेत्र औद्योगिक केंद्र कहे जाते रहे हैं। इतना ही नहीं इन क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधान भी भरपूर मात्रा में उपलब्ध हैं। कुछ समय पहले खुद अमेरिका इन क्षेत्रों में मौजूद खनिज संसाधनों को लेकर यूक्रेन से समझौता करने पर विचार कर रहा था।
ट्रंप की टीम की तरफ से क्रेमलिन से बातचीत के बाद जो योजना तैयार की गई है, उसके तहत अगर पुतिन समझौते पर मुहर लगा देते हैं तो रूस जैपोरिज्जिया और खेरसॉन में कब्जे वाले क्षेत्रों से सैनिकों को वापस बुला सकते हैं। हालांकि, यह कैसे होगा इस पर विस्तृत योजना का सामने आना बाकी है।
रूस मामलों से जुड़े थिंक टैंक RUSI में सैन्य विज्ञान मामलों के निदेशक मैथ्यू सैविल के मुताबिक, यूक्रेन जैपोरिज्जिया में स्थित अपना परमाणु ऊर्जा केंद्र भी वापस चाहेगा, क्योंकि यह प्लांट यूक्रेन की अधिकतर ऊर्जा जरूरत को पूरा करता है। इतना ही नहीं यूक्रेन चाहेगा कि रूस सुमी और खारकीव के पास किए गए कब्जों को भी छोड़ दे, ताकि उसकी उत्तरी सीमा पर स्थिति पूरी तरह से न बिगड़ जाए।
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रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष विराम के लक्ष्य को लेकर होने वाली इस बैठक और रूस की तरफ से इससे जुड़ी शर्तों को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की खुलेआम विरोध में हैं। वहीं, यूरोपीय संघ ने भी बिना यूक्रेन की मौजूदगी के ऐसे किसी समझौते की संभावना से इनकार किया है।
यूक्रेन की शांति का रास्ता बिना यूक्रेन के नहीं निकल सकता। हम इस बात को लेकर प्रतिबद्ध हैं कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को बलपूर्वक न बदला जाए। मौजूदा समय में जहां संघर्ष छिड़ा है, उन्हें लेकर सबसे पहले बातचीत होनी चाहिए।
- फ्रांस, जर्मनी, पोलैंड, ब्रिटेन, इटली, फिनलैंड और यूरोपीय आयोग का साझा बयान
हालांकि, पर्दे के पीछे अमेरिका की तरफ से यूक्रेन से जो बातचीत की जा रही है, उसके मुताबिक अगर पुतिन-ट्रंप के बीच संघर्ष विराम को लेकर कोई समझौता होता है तो कीव इसमें अपने लिए पश्चिमी देशों से सुरक्षा गारंटी की उम्मीद करेगा। साथ ही आगे रूस के साथ क्षेत्र में एक बफर जोन बनाने की भी मांग करेगा, जिससे यूरोप-अमेरिका समय पर उसकी सुरक्षा के लिए कदम उठा सकें।