{"_id":"5fb6c71eec91fd3fc9558421","slug":"us-president-donald-trump-campaign-says-that-they-are-withdrawing-lawsuit-in-michigan","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका: ट्रंप की टीम ने कहा- मिशिगन में ले रहे हैं मुकदमा वापस","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अमेरिका: ट्रंप की टीम ने कहा- मिशिगन में ले रहे हैं मुकदमा वापस
Fri, 20 Nov 2020 12:58 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 20 Nov 2020 12:58 AM IST
विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : ANI
अमेरिकी जनता के द्वारा चुने गए राष्ट्रपति जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच चली लंबी चुनावी लड़ाई अब अंतिम दौर में हैं। अमेरिका के राज्य मिशिगन में जो बाइडन की जीत हुई थी, इसे लेकर ट्रंप टीम ने मतगणना को लेकर मुकदमा कर दिया था। लेकिन अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टीम मिशिगन में मुकदमा वापस ले रही है।
विज्ञापन
US President Donald Trump's (in file photo) campaign says they are withdrawing lawsuit in Michigan: Reuters pic.twitter.com/l940KXI81I
— ANI (@ANI) November 19, 2020
विज्ञापन
बाइडन को रोकने के प्रयास में ट्रंप ने मत प्रमाणन पर साधा निशाना
अदालत में मामला कहीं जाता नहीं देख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडन के निर्वाचन को पलटने के प्रयास के तहत अब मतों को प्रमाणित करने वाले चुनाव बोर्डों पर अपना ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है। ट्रंप और उनके सहयोगी मतगणना को लेकर अनिश्चित संदेह को खत्म नही होने देना चाहते।
विज्ञापन
यह जंग उन राज्यों पर केंद्रित है जो परिणाम के लिहाज से महत्वपूर्ण थे और जिन्होंने बाइडन की जीत पर मुहर लगाई।
मिशिगन में दो रिपब्लिकन निर्वाचन अधिकारियों ने राज्य की सबसे बड़ी काउंटी में शुरू में गड़बड़ी के कोई साक्ष्य नहीं मिलने के बावजूद नतीजों को प्रमाणित करने से इनकार कर दिया, बाद में अपने कदम पीछे खींचते हुए प्रमाणन की कार्रवाई पूरी की और बुधवार को एक बार फिर अपना रुख बदलते हुए कहा कि वे प्रमाणन के खिलाफ हैं।
एरिजोना में, एक ग्रामीण काउंटी में अधिकारी मतों के मिलान में रुकावट डाल रहे हैं। इसके बावजूद मिशिगन के वायने काउंटी में मंगलवार और बुधवार को जो हुआ वह इस बात का संकेत है कि तीन नवंबर को हुए चुनावों की पुष्टि की प्रक्रिया में काम कर रहे राष्ट्र की राह में अड़चने खड़ी की जा सकती हैं।
केंटकी विश्वविद्याल में लॉ के प्रोफेसर जोशुआ डगलस ने कहा कि यह लोकतंत्र का अंत होगा जैसा कि हम जानते हैं।