US: ‘हम अतंरराष्ट्रीय उत्पीड़न के खिलाफ, फिर चाहे वह कोई भी क्यों न हो’ पन्नू मामले में मैथ्यू मिलर की टिप्पणी
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर का कहना है कि हम अंतरराष्ट्रीय उत्पीड़न का विरोध करते हैं फिर चाहे वह कोई भी हो। यह टिप्पणी मेरी सिर्फ भारत के लिए नहीं है बल्कि दुनिया के हर देश के लिए है।
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विस्तार
अमेरिका में भारतीय मूल के युवक पर खालिस्तानी आतंकी पन्नू की हत्या की साजिश का आरोप है। मामले में अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सफाई पेश की। उन्होंने कहा वाशिंगटन ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय उत्पीड़न का विरोध किया है। बता दें, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि भारतीय मूल का निखिल गुप्ता राजनीतिक कार्यकर्ता पन्नू की हत्या की फिराक में था, जिसे अधिकारियों ने विफल कर दिया।
#WATCH | On US Justice Department indicting an Indian national in an alleged foiled assassination plot in US, US State Department spokesperson Matthew Miller says, "...We oppose transnational oppression no matter where it occurs or, who might be conducting it. That's not a… pic.twitter.com/JG7D8wDOxG
— ANI (@ANI) December 4, 2023विज्ञापन
हम मंचों से ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करते
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने इस दौरान कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय उत्पीड़न को सहन नहीं करता, यह बात सिर्फ भारत के लिए नहीं है, बल्कि पूरे विश्व के लिए है। हम विरोध करते हैं फिर चाहे वह कोई भी देश हो। यह एक बड़ा मुद्दा है और हम मंचों से ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करते। हमें जैसे ही मामले की जानकारी मिली वैसे ही हमारे वरिष्ठ अधिकारियों ने भारतीय वरिष्ठों के साथ बैठक की। हमने स्पष्ट कर दिया कि हम ऐसे किसी मामले को बेहद गंभीरता से लेते हैं। भारत मामले की जांच कर रहा है। हम जांच के नतीजे देखने के लिए उत्सुक हैं।
अब जानिए, कौन है निखिल गुप्ता और क्या लगे हैं आरोप
अमेरिका के न्याय विभाग के अनुसार, 52 वर्षीय निखिल गुप्ता एक भारतीय नागरिक हैं। 30 जून 2023 को चेक रिपब्लिक में गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया था। अब चेक रिपब्लिक से निखिल गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पण किया जाएगा। अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि भारत के एक सरकारी अधिकारी, जिसके नाम का खुलासा नहीं हुआ है, वह निखिल गुप्ता और अन्य उस सरकारी अधिकारी के संपर्क में था। ये लोग अमेरिका में एक राजनीतिक कार्यकर्ता, जो भारतीय मूल का है और अमेरिकी नागरिक है, उसकी हत्या की साजिश रच रहे थे।
कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए गंभीर मुद्दा
मिलर ने आगे कहा कि हम सुरक्षा मामलों पर अधिक जानकारी स्पष्ट नहीं कर सकते। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध, तस्करी, हमलावरों और चरमपंथियों के बीच सांठगांठ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक गंभीर मुद्दा है। मामले में उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। हम मामले की जांच कर रहे हैं।